IOA को नए प्रायोजक की तलाश, रिजिजू ने कहा बिना ब्रांडेड पोशाक के टोक्यो जाएंगे खिलाड़ी

किरेन रिजिजू ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी बिना किसी ब्रांड वाली पोशाक के टोक्यो ओलंपिक जायेंगे (Kiren Rijiju Twitter)

किरेन रिजिजू ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी बिना किसी ब्रांड वाली पोशाक के टोक्यो ओलंपिक जायेंगे (Kiren Rijiju Twitter)

चीन की खेलों की पोशाक निर्माता कंपनी ली निंग से करार तोड़ने के बाद खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि भारतीय खिलाड़ी बिना किसी ब्रांड वाली पोशाक के टोक्यो ओलंपिक जायेंगे.

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नई दिल्ली. चीन की खेलों की पोशाक निर्माता कंपनी ली निंग से करार तोड़ने के बाद खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि भारतीय खिलाड़ी बिना किसी ब्रांड वाली पोशाक के टोक्यो ओलंपिक जायेंगे. हालांकि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने कहा था कि वह इस महीने के आखिर तक अपने ओलंपिक दल के लिए नया किट प्रायोजन ढूंढने में सफल रहेगा. आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा था कि सीमित समय में नये प्रायोजक की तलाश जारी है. इसके कुछ घंटे बाद ही रिजिजू ने यह बयान दिया.

उन्होंने ट्वीट किया, ''भारतीय खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ टोक्यो ओलंपिक में ब्रांड वाली कोई पोशाक नहीं पहनेगी. हमारे खिलाड़ियों की किट पर ‘इंडिया’ लिखा होगा.'' इससे पहले बत्रा ने पीटीआई से कहा, ''प्रक्रिया (नया प्रायोजक के तलाश की) प्रगति पर है लेकिन हमारे पास बहुत कम समय है. हम किसी पर भी दबाव नहीं बनाना चाहते हैं और उन्हें दबाव में नहीं लाना चाहते हैं. यह आपसी सहमति से होना चाहिए.''

उन्होंने कहा, ''इस महीने के आखिर तक हम फैसला कर लेंगे कि हमारे खिला​ड़ी बिना ब्रांड वाली पोशाक पहनकर जाएंगे या नहीं. पोशाक तैयार हैं और उन्हें जल्द से जल्द हमारे खिलाड़ियों को सौंपना होगा.'' भारत में ली निंग के उत्पादों के वितरक सनलाइट स्पोर्ट्स ने कहा कि कंपनी ने वर्तमान समय में 'देश में उतार-चढ़ाव वाली स्थिति को देखते हुए' आईओए के फैसले को स्वीकार कर लिया है.


आईओए महासचिव राजीव मेहता द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ''सनलाइट स्पोर्ट्स वर्तमान वैश्विक स्थिति और देश में उतार-चढ़ाव की स्थिति को समझता है तथा भारतीय ओलंपिक संघ को भारतीय ओलंपिक टीम की आधिकारिक खेल किट की व्यवस्था करने की अनुमति देने पर सहमत है.'' आईओए ने पिछले सप्ताह खेल मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में ली निंग की डिजाइन की गयी ओलंपिक किट का अनावरण किया था जिसकी काफी आलोचना हुई थी क्योंकि पिछले साल लद्दाख में सैन्य संघर्ष के बाद चीनी कंपनियों का विरोध किया जा रहा है.

पता चला है कि इसके बाद खेल मंत्रालय ने आईओए को कंपनी से ​नाता तोड़ने की सलाह दी. आईओए प्रमुख ने कहा कि ली निंग को प्रायोजक के रूप में हटाने का फैसला जनहित में किया गया. बत्रा ने कहा, ''मैं किसी कंपनी या किसी का नाम नहीं लेना चाहता हूं लेकिन मीडिया सहित तमाम पक्षों की आलोचना के बाद हमने यह फैसला किया. हमने यह फैसला जनभावना को ध्यान में रखकर किया. ''

आईओए प्रमुख ने इन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया कि भारत सहित नौ देशों को कोविड-19 के मामलों के बढ़ने के कारण आयोजक टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने से रोक सकते हैं. बत्रा ने कहा, ''यह सब मीडिया की अटकलबाजी है. हमने इस संबंध में आईओसी (अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति) या आयोजकों से कुछ नहीं सुना है.''

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