Baseball: अमेरिका का राष्ट्रीय खेल जहां पूरी IPL टीम से भी महंगा बिकता है एक खिलाड़ी

Baseball: अमेरिका का राष्ट्रीय खेल जहां पूरी IPL टीम से भी महंगा बिकता है एक खिलाड़ी
भारत में देहरादून में खेला जाता है बेसबॉल

बेसबॉल (Baseball) अमेरिका का राष्ट्रीय खेल है और यह यूरोपीय देशों में भी काफी पसंद किया जाता है. यह खेल ओलिंपिक का नियमित खेल नहीं रहा है

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 18, 2020, 2:00 PM IST
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नई दिल्ली. बेसबॉल (Baseball) खेल को काफी दिलचस्प खेलों में गिना जाता है. यह एक ऐसा खेल है जहां महज एक खेल गेंद में टीम की पूरी पारी खत्म हो जाती है. यह अमेरिका (America) का राष्ट्रीय खेल है जो दुनिया भर के कई देशों में काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. इस खेल को खेलने के लिए बेसबॉल, बेस बैट, हैलमेट और स्पोर्ट वाले जूतों की जरूरत होती है. बेसबॉल (Baseball) खेलने वाला बैट और बॉल क्रिकेट के बैट-बॉल की ही तरह दिखते हैं.  तभी जब बैट से बॉल को हिट किया जाता है तो उसमें फोर्स पड़ता है. इस खेल के कई दिलचस्प नियम है जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं.

कहां से आया बेसबॉल का खेल
साल 1846 में शुरु किया गया बेसबॉल इंग्लैंड की देन है. मगर बाद में इसमें कुछ बदलाव करके उत्तर अमेरिका में भी खेला जाने लगा और फिर ये संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रीय खेल बन गया. उस समय बेसबॉल उत्तर अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, ईस्ट एशिया में सबसे ज्यादा खेला जाता थ. बाद में बेसबॉल को ओलिंपिक में शामिल किया गया.

बेसबॉल का ओलिंपिक का सफर
टोक्यो 2020 में, छह देशों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमें खेल के लिए एक शानदार प्रदर्शन प्रदान करेंगी. बेसबॉल अमेरिका और एशिया में बेहद लोकप्रिय है, और इन महाद्वीपों के देशों ने पदक तालिका में वर्चस्व कायम किया है. क्यूबा ने पांच आधिकारिक स्टैगिंग में से तीन पर गोल्ड जीता है, जिसमें यूएसए सिडनी 2000 में विजयी रहा है और बीजिंग 2008 में कोरिया गण राज्य. अटलांटा 1996 प्रतियोगिता में क्यूबा से दूसरे स्थान पर रहते हुए जापान ने बार्सिलोना 1992 और एथेंस 2004 में जीते. मेजबान राष्ट्र के रूप में, आगामी खेलों में जापानी टीम का स्थान सुनिश्चित है और प्रशंसकों को खेल के वैश्विक गोदामों के खिलाफ एक मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद होगी.



बेसबॉल के नियम और खेलने का तरीका
बेसबॉल खेलने वाला पिच डायमंड की तरह होता है और इस में 4 बेस बने होते हैं। बैट्समैन जितना ज्यादा बेस कवर कर लेता है उसे उतने ही रन मिल जाते हैं. बेसबॉल 2 टीमों के बीच खेला जाता है, इसलिए बेसबॉल में दो टीम और 18 प्लेयर्स होने चाहिए. एक टीम बैटिंग करती है और दूसरी फिल्डिंग करती है. बैट और बॉल रॉड की तरह होने के कारण इसे हिट करना मुश्किल होता है इसलिए इसमें मजबूत प्लेयर की ही जरूरत होती है.

बॉलर को बिना जमीन पर छुए बॉल को सीधा बैट्समैन की तरफ फेंकना होता है और बैट्समैन को बॉल को हिट करना होता है. अगर बैट्समैन बैट से बॉल लग जाती है तो पीछे खड़े कीपर को गेंद को पकड़ना होता है और अगर वह ऐसा कर लेते हैं तो उसे आउट मान लिया जाता है. पिच डायमंड आकार में होने के कारण इसमें 4 बेस बने होते हैं. इसलिए बैट्समैन को बॉल हिट करने के बाद 2 नंबर छोड़कर दूसरे छोर पर जाना होता है.

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आईपीएल की पूरी टीम के बराबर कमाता है एक बेसबॉल खिलाड़ी

यूएसए में मेजर बेसबॉल लीग होती है, जिसमें बेहतरीन बेसबॉल प्लेयर्स को मिलियंस में खरीदा जाता है. इंडिया में आईपीएल में जितनी कीमत एक पूरी टीम की होती है उतनी कीमत इस लीग में खेलने वाले अकेले प्लेयर की होती है. मेजर बेसबॉल लीग में फॉरेन फ्रेंचाइची की टीम से इंडिया के बेसबॉल प्लेयर सोनू सिंह और मोंटी भी खेल रहे हैं
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