Artistics Gymnastics: दीपा करमाकर ने जिस खेल में रचा इतिहास जानिए उसमें क्या है खास

Artistics Gymnastics: दीपा करमाकर ने जिस खेल में रचा इतिहास जानिए उसमें क्या है खास
दीपिका करमाकर ने 2016 रियो ओलिंपिक में इतिहास रचा था

जिमनास्टिक (Gymnastics) ओलिंपिक के सबसे पुराने खेलों में शामिल है. यह आर्टिस्टिक (कलात्मक) (Artistic) और रिदमिक दो भागों में बांटा हुआ है

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 5, 2020, 8:43 PM IST
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नई दिल्ली. साल 2016 में रियो में हुए ओलिंपिक में दीपा करमाकर (Dipa Karmakar) ने आर्टिस्टिक जिमनास्टिक में भाग लेकर इतिहास रच दिया था. वह भले ही मेडन न जीत पाई हो लेकिन वह चौथे स्थान पर रही और शानदार प्रदर्शन किया था. उनके साथ ही देश में इस खेल को लेकर भी दिलचस्पी बढ़ गई थी. जिमनास्टिक के विकास का प्रारम्भ प्राचीन यूनान (ग्रीस) में हुआ. जिमनास्टिक दो शब्दो से मिलकर बना है- जिमना अर्थात कला और टिका, अर्थात नग्न, इसका पूरा अर्थ हुआ, नग्न होकर कला दिखाना. प्राचीन यूनान में यह खेल केवल पुरुष वर्ग के लिए था, लेकिन आज के युग में महिलाए इसमे पुरुषो से अधिक बढ़- चढ़कर भाग ले रही है. महिलाओं का शरीर पुरुषो की तुलना मे अधिक लचकदार या फ्लेक्सबल होता है इसी खेल में महिलाओं का प्रदर्शन ज्यादा शानदार रहा है.

ओलिंपिक में क्या है खेल का इतिहास
एथेंस 1896 के पहले ओलिंपिक खेलों के बाद से कलात्मक जिम्नास्टिक (Artistic Gymnastics) ओलिंपिक का हिस्सा रहा है. शुरुआत में केवल पुरुष ही इस खेल में हिस्सा लेते थे लेकिन एम्स्टर्डम 1928 के खेलों में महिलाओं के इवेंट को शामिल किया गया था. पुरुष जिमनास्ट छह पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं: फ्लोर, पोमेल हॉर्स, रिंग्स, वॉल्ट, पैराल लबार्स और हॉरिजॉन्टल बार. जबकि महिला खिलाड़ी चार पदक कार्यक्रम में हिस्सा लेती हैं, वॉल्ट, अनइवेनबार, बीम और फ्लोर. पुरुष और महिलाएं व्यक्तिगत के साथ साथ टीम इवेंट में भी हिस्सा लेते हैं.

जानिए खेल के अहम नियम
इसके मैदान का क्षेत्र खास तौर पर निर्धारित नहीं होता, किंतु आमतौर पर इसके लिए 60 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा क्षेत्र उपलब्ध कराया जाता है. इस क्षेत्र में चीजे रखने के लिए और वॉर्म अप करने के लिए जगह शामिल होती हैं. इस खेल में हर टीम में सात खिलाड़ी होते हैं. सातवां खिलाड़ी किसी ओर खिलाड़ी से अपनी जगह बदल सकता है.



1. प्रतियोगिता में एक टीम के खिलाड़ी एक ही रंग की पोशाक पहनते हैं.
2. खेल शुरू होने से पहले किसी भी खिलाड़ी को बदला जा सकता है
3.. खेल के मैदान कोई भी खिलाड़ी कलाई पट्टी अथवा चमड़े की ग्रिप का प्रयोग कर सकता है.
5. खेल के दौरान दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. दुर्घटना में मदद करने के उद्देशय से कोई सहायक उसके पास रहा सकता है, लेकिन वह खेल के संदर्भ में किसी प्रकार की मदद नहीं कर सकता.
एक टीम को वार्म अप करने के लिए 150 सेकंड का समय दिया जाता है.
6.बिना उच्च जज की अनुमति के कोई भी प्रतियोगी अपना स्थान नहीं छोड़ सकता. ऐसा करने पर वह प्रतियोगिता से बाहर किया जा सकता है.
कलात्मक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता क्वालिफिकेशन राउंड से शुरू होती है, जो ये निर्धारित करने के लिए होती है कि कौन-कौन टीम-ऑलराउंड, इंडिविजुअल ऑल-अराउंड और इंडिविजुअल फाइनल खेलेगा. प्रत्येक इवेंट में प्रदर्शन के लिए प्रत्येक एथलीट द्वारा अर्जित अंक (व्यक्तिगत वॉल्ट में दो) तय करते हैं कि वे आगे बढ़ेंगे या नहीं.

किस तरह चुना जाता है विजेता
जिमनास्टिक जजों की संख्या पांच होनी चाहिए, जिसमें से एक उच्च जज होता है. उच्च जज का चयन उन संघो से नहीं किया जाता है. उच्च जज प्रतियोगिता शुरू करवाने के लिए ग्रुपलीडर, प्रतियोगिताओं तथा अन्य जजो को हरी लाइट से शुरुआत करने की तथा प्रतियोगिता की समाप्ति के लिए लाल झंडी या लाल बत्ती का संकेत दिया जाता है. संकेत मिलने पर प्रतियोगी अपना दाहिना हाथ उठाकर उच्च तथा अन्य जजों को यह संकेत देता कि वह खेल शुरू करने के लिए तैयार है. उच्च जज अन्य जजों द्वारा दिए गए अंको को मूल्यांकन करेगा.

स्कोरिंग के लिए एग्सक्यूशन और डिफिकलटी का स्तर लेवल दिया जाता है. ओलिंपिक में पांच जज एग्सक्यूशन की स्कोरिंग करते हैं वहीं दो जज डिफिकलटी स्कोर देते हैं. स्कोर 10.0 में दिए जाते हैं और हर गलत लैंडिंग, हैंड स्टैंड मिस करने और गिरने पर अंक काटे जाते हैं.
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