जिस खेल में अभिनव बिंद्रा ने रचा था इतिहास, जानिए राइफल शूटिंग के नियम और अहम कानून

जिस खेल में अभिनव बिंद्रा ने रचा था इतिहास, जानिए राइफल शूटिंग के नियम और अहम कानून
अभिनव बिंद्रा ने राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता था

ओलिंपिक (Olympic) में भारत को जिस खेल से मेडल की सबसे ज्यादा उम्मीद है उसमें राइफल शूटिंग शामिल है. अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने इसी खेल में देश को पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल दिलाया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 11:54 PM IST
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नई दिल्ली. भारत (India) ने अब तक ओलिंपिक (Olympic) में 15 व्यक्तिगत मेडल जीते हैं, जिसमें 1 गोल्ड और 4 सिल्वर हैं. अकेला गोल्ड और 2 सिल्वर शूटिंग में मिले हैं. इस लिहाज से व्यक्तिगत पदक में भारत को शूटिंग से 60% गोल्ड और सिल्वर मिले हैं. ओलिंपिक चैंपियन तैयार करने के इरादे से खेल मंत्रालय ने जूनियर खिलाड़ियों के लिए टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) शुरू की है. इस स्कीम के तहत 12 इवेंट के लिए 258 खिलाड़ियों को चुना गया है. इसमें सबसे ज्यादा 70 निशानेबाजों को शामिल किया गया है. यह सभी आंकड़ें यह बताने के लिए काफी है कि भारत में निशानेबाजी अहम खेल है.

शूटिंग के कुछ खास नियम
यह सबसे सेफ गेम है. सभी खिलाड़ी एक लाइन में खड़े होकर निशाना साधते हैं और किसी को भी रेंज में शूटिंग पॉइंट से आगे जाने की इजाजत नहीं होती. प्लेयर्स बिना इजाजत अपनी गन को पैक तक नहीं कर सकते. इवेंट के बाद कोच चेक करते हैं कि गन में कोई गोली फंसी न हो. उनसे इजाजत मिलने के बाद ही शूटर्स अपनी गन को किट में पैक करते हैं. हालांकि इसकी गोलियों से जान जा सकती है इसलिए एक्स्ट्रा सावधानी बरतनी जरूरी है.

राइफल शूटिंग के अलग-अलग प्रकार
राइफल शूटिंग खेल में निशाना तय दूरी से लगाया जाता है. खिलाड़ी निशाना 10 कंसेंट्रिक सिर्क्लेम पर लगाता है. यह इवेंट दो भागों में विभाजित है – 50 मीटर राइफल थ्री पोज़ीशन और 10 मीटर एयर राइफल.



50 मीटर एयर राइफल में खिलाड़ी नीलिंग (घुटने के बल बैठ कर), प्रोन (लेट कर) और स्टैंडिंग (सीधा खड़ा होकर) पोज़िशन निशाना साधता है. हर खिलाड़ी 2 घंटे 45 मिनट में 40 शॉट खेलता है. 40 खिलाड़ियों में से केवल टॉप 8 खिलाड़ी आगे जाते हैं जहां वह मेडल के लिए दोबारा खेलते हैं.

10 मीटर एयर राइफल में हर खिलाड़ी 60 शॉट खेलता है और इसका समय होता है 1 घंटा 15 मिनट. इसमें भी टॉप 8 खिलाड़ी मेडल जीतने के लिए आगे बढ़ते हैं. मेंस और वूमेंस के बाद मिक्स्ड टीम का भी मुकाबला होता है जिसमें एक पुरुष और महिला खिलाड़ी होती है. क्वालिफिकेशन राउंड में हर टीम का प्रत्येक खिलाड़ी 50 मिनट में 40 शॉट खेलता ह और टॉप 5 टीमें फाइनल राउंड का हिस्सा बनती हैं.

अभिनव बिंद्रा ने रचा था इतिहास
बीजिंग 2008 ने मानों भारतीय खेल के इतिहास को बदल कर रख दिया जहां अभिनव बिंद्रा ने भारत की ओर से पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता और करोड़ों लोगों के दिलों पर कब्ज़ा किया. बिंद्रा ने यह मेडल 10 मीटर एयर राइफल में खेलते हुए जीता था. 2012 लंदन ओलंपिक गेम्स में दो भारतीय शूटरों ने जलवा दिखाया और भारत को दो मेडल जितवाए गगन नारंग ने 10 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज़ और विजय कुमार शर्मा ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल इवेंट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था.
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