MP के 'उसेन बोल्‍ट' ट्रायल्‍स में फेल, बोले- जूते पहनकर दौड़ने की आदत नहीं

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Updated: August 19, 2019, 6:55 PM IST
MP के 'उसेन बोल्‍ट' ट्रायल्‍स में फेल, बोले- जूते पहनकर दौड़ने की आदत नहीं
रामेश्‍वर गुर्जर.

रामेश्वर गुर्जर (Rameshwar Gurjar) ने ट्रायल्स (Trial) में फेल होने पर कहा कि वह पहली बार ट्रैक पर जूते पहनकर दौड़े थे. उनकी कमर में भी दर्द था.

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पिछले दिनों 11 सेकेंड में 100 मीटर की रेस पूरी करने वाले मध्‍य प्रदेश के रामेश्‍वर गुर्जर (Rameshwar Gurjar) भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) के ट्रायल्‍स में सबसे पीछे रहे. उन्‍होंने 6 अन्‍य खिलाड़ियों के साथ रेस लगाई थी लेकिन वह सबसे आखिर में रहे. उन्‍होंने 12.90 सेकेंड में रेस पूरी की. यह काफी खराब प्रदर्शन है. खेल मंत्री किरण रिजीजू (Kiren Rijiju) ने ट्वीट कर इस बारे में बताया. उनका ट्रायल भोपाल के तात्‍या टोपे नगर स्थित एकेडमी में लिया गया. भारत में 100 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 10.26 सेकेंड है

पर्याप्‍त समय और ट्रेनिंग देंगे: रिजीजू
खेल मंत्री ने ट्रायल के बारे में लिखा, 'रामेश्वर गुर्जर का ट्रायल टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहां साई और राज्य सरकार के कोच मौजूद थे. रामेश्वर वीडियो में सबसे बायीं ओर (लेन 9) दौड़ रहे थे. सुर्खियों में आने के चलते उन पर प्रदर्शन का दबाव इतना था कि वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. हम उन्हें पर्याप्त समय और ट्रेनिंग देंगे.'

कमर दर्द और जूते पहनने की वजह से रहे पीछे

रामेश्वर ने ट्रायल्स में फेल होने पर कहा कि वह पहली बार ट्रैक पर जूते पहनकर दौड़े थे. उनकी कमर में भी दर्द था. इस वजह से वह पीछे रह गए. वह महीने भर बाद दोबारा ट्रायल में आएंगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे. बता दें कि वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के निवासी हैं. उनका नंगे पैर दौड़ते हुए 100 मीटर दौड़ 11 सेकेंड में पूरी करने का वीडियो सामने आया था. यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.



चौहान ने रिजीजू से मांगी थी मदद
इसके बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान की मांग पर रिजीजू ने रामेश्‍वर की मदद का आश्‍वासन दिया था. रिजीजू ने कहा था कि वो रामेश्‍वर का दाखिला एथलेटिक्‍स एकेडमी में कराएंगे.

रामेश्‍वर गुर्जर ने वीडियो वायरल होने के बाद बताया था कि अगर उन्‍हें सुविधाएं मिलती हैं तो वह उसेन बोल्‍ट का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं.

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने इसके बाद ट्वीट कर बताया, ‘खेल मंत्री किरण रिजीजू ने 24 साल के रामेश्वर सिंह की मदद का भरोसा दिया था. उन्हें साई के भोपाल केंद्र में बुलाया गया है और वह जल्द ही इस केंद्र से जुड़ेंगे. उनकी प्रशिक्षण जरूरतों का आकलन होगा और खेलों में भविष्य बनाने के लिए मदद दी जाएगी.’

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First published: August 19, 2019, 6:06 PM IST
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