90 साल के इस पहलवान ने कोरोना वायरस को किया चित्त, 19 दिनों बाद अस्पताल से लौटे घर

90 साल के इस पहलवान ने कोरोना वायरस को किया चित्त, 19 दिनों बाद अस्पताल से लौटे घर
कोरोना संक्रमण से सुरक्षा देता है जुकाम!

महाराष्ट्र (Maharashtra) भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) से सबसे ज्यादा संक्रमित राज्यो में शामिल है

  • Share this:
नई दिल्ली. हर दिन के साथ कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ बढ़ता जा रहा है. भारत अब इस वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित होने वाले देशों में पांचवें नंबर पर आ गया है. भारत में महाराष्ट्र (Maharashtra) इस वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित राज्यों में शामिल है. हालांकि इसी राज्य से रविवार को ऐसी खुश खबरी मिली जिसने सभी को कोरोना से लड़ने की हिम्मत दी. 90 साल के पूर्व पहलवान चोकाजी अव्हाड (Chokaji Avhad) कोविड-19 को मात देकर घर लौट आए हैं.

56 साल की बेटी को खोने के बाद हुआ कोरोना
अव्हाड को कुश्ती की बदौलत मिले कोटा पर रेलवे में नौकरी मिली थी. करियर में कई पहलवानों को चित्त कर देने वाले अव्हाड ने कोरोना वायरस को पटखनी दे दी. अव्हाड की 56 साल की बेटी सबसे पहले इस वायरस से संक्रमित हुई थी जिनकी जान जा चुकी है. इसके बाद अव्हाड और उनकी 81 वर्ष की पत्नी को आईसीयू में भर्ती कराया गया जहां उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया. वहीं परिवार के बाकी लोगों को क्वारंटाइन किया गया. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अव्हाड के बेटे नवीन ने कहा, 'बहन की मौत से हम सबको सदमा पहुंचा था लेकिन हमें भरोसा था कि पिता जी इस जंग से जीत जाएंगे.'

नवीन के मुताबिक उनके पिता की अनुशासन भरी दिनचर्य़ा ने ठीक होने में उनकी मदद की. अव्हाड का इलाज करने वाले डॉक्टर ने कहा, ‘21 मई को वह अपनी पत्नी के साथ हमारे अस्पताल में भर्ती हुए थे. वह रोज योग, एक घंटे मेडिटेशन करते थे. रात में सोते वक्त दूध पीना नहीं भूलते थे. हमेशा मुस्कराते रहे और सकारात्मक रहे. इससे उन्हें ठीक होने में मदद मिली. उनकी पत्नी भी ठीक हो गईं हैं.'



31 साल पहले हो चुके हैं रिटायर


31 साल पहले मध्य रेलवे से रिटायर अव्हाड स्टीम इंजन में असिस्टेंट ड्राइवर थे. सभी तरह के इंजनों पर काम कर चुके अव्हाड को कई ईनाम मिले थे. उन्होंने भुसावल से इगतपुरी, बडनेरा और नागपुर तक इंजन चलाए. कुश्ती में जिला स्तर की प्रतियोगिताएं जीती थीं. वह 31 साल पहले मई 1989 को रेलवे से रिटायर हो गए थे. हालांकि रेसलिंग हमेशा उनका जुनून रहा. उनके बेटे वे बताया कि उन्हें 'खंडेश की बिजली' कहा जाता था क्योंकि वह अखाड़े में काफी फुर्तीले हुआ करते थे.

जब सौरव गांगुली पर फूटा था सचिन का गुस्सा, करियर खत्म करने की दे डाली थी धमकी

लॉकडाउन के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर फंसा यह खिलाड़ी, पार्क में रहकर बिताने पड़े 73 दिन
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading