एयर इंडिया पर भड़कने वालीं मनु भाकर हरियाणा के मंत्री के खिलाफ भी खोल चुकी हैं मोर्चा

टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक में मनु भाकर से देश को पदक की उम्मीद है. फोटो: @realmanubhaker

टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक में मनु भाकर से देश को पदक की उम्मीद है. फोटो: @realmanubhaker

Manu Bhaker: दुनिया की नंबर दो शूटर मनु भाकर (Manu Bhaker) इस बार एयर इंडिया के कर्मचारियोंं से विवाद के बाद सुर्खियों में हैं. टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics 2021) में देश की सबसे बडी उम्मीद मनु इससे पहले भी अपनी बेबाक बयानी के कारण हरियाणा के मंत्री अनिल विज के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 8:16 PM IST
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नई दिल्ली: देश की नंबर 1 और पूरी दुनिया में दूसरी रैंकिंग की युवा निशानेबाज मुन भाकर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. इस बार उनका दावा है कि जब वह दिल्ली से भोपाल जा रही थीं, उसी समय एयर इंडिया के कर्मचारियों ने एयरपोर्ट पर उनके साथ बदतमीजी की है. हालांकि खेल मंत्री किरेन रिजीजू के दखल देने के बाद फिलहाल मामला शांत हो गया है. लेकिन ये पहली बार नहीं है, जब देश की युवा शूटर का विवादों से पाला पडा है. इससे पहले वह अपने इनाम की राशि को लेकर हरियाणा सरकार से भिड़ चुकी हैं.

यूथ ओलिंपिक गेम्स में गोल्ड मैडल जीतने पर हरियाणा सरकार ने उन्हें 2 करोड़ रुपए इनाम देने का वादा किया था. इसके बाद मनु भाकर ने जनवरी 2019 में हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. उस समय उन्होंने कहा था कि हरियाणा सरकार उन्हें इनाम देने का वादा भूल चुकी है, और उसे पूरा नहीं कर पाई है. इसके बाद उनके और हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज के बीच ठन गई. अनिल विज ने उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि मनु भाकर को पहले इस बारे में विभाग से बात करनी चाहिए थी. मैंने और विभाग के नॉटिफिकेशन में कहा गया है कि उन्हें 2 करोड का इनाम मिलेगा. उन्हें इस तरह से इस मामले को बिना सोचे समझे पब्लिक फोरम पर नहीं लाना चाहिए था. उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.





हरियाणा के छोटे से गांव से निकलकर बन गई दुनिया की नंबर 2 शूटर
मनु भाकर का जन्म हरियाणा में झज्जर जिले के गोरिया गांव में हुआ. उनके पिता राम कृष्ण भाकर मर्चेंट नेवी में इंजीनियर हैं. इस युवा निशानेबाज ने पहली बार सुर्खियां बटोरी 2018 के आईएसएसएफ वर्ल्डकप में. इसमें उन्होंने एक साथ दो गोल्ड मैडल जीतकर अपनी प्रतिभा से देश का सामना कराया. तभी लग गया था कि वह देश को कई और सुनहरे पल दिखाएंगीं. यूथ ओलिंपिक गेम्स और कॉमनवैल्थ गेम्स में उन्हेांने गोल्ड मैडल जीतकर भारत को ओलिंपिक में पदक की उम्मीद जगा दी है. हालांकि एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन ने लोगेां को निराश किया.

पहले क्रिकेटर बनना चाहती थीं मनु भाकर
मनु भाकर पहले शूटर नहीं बल्कि क्रिकेटर बनना चाहती थीं. इसके लिए उन्हेांने बाकायदा टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के क्रिकेटिंग स्कूल में दाखिला भी लिया था. होनी को कुछ और ही मंजूर था और मनु भाकर क्रिकेट का मैदान छोडकर शूटिंग रेंज में पहुंच गईं.
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