5 बार की वर्ल्‍ड चैंपियन मैरीकॉम ने गोल्‍ड मेडल की लगाई 'हैट्रिक', ज्‍योति-सरिता ने भी दिखाया दम

मैरीकॉम ने इस वर्ष दो अन्य स्वर्ण दिल्ली में इंडिया ओपन और गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेल में जीते थे.

भाषा
Updated: September 16, 2018, 10:28 AM IST
5 बार की वर्ल्‍ड चैंपियन मैरीकॉम ने गोल्‍ड मेडल की लगाई 'हैट्रिक', ज्‍योति-सरिता ने भी दिखाया दम
एम सी मैरीकॉम
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Updated: September 16, 2018, 10:28 AM IST
पांच बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरीकॉम (48 किलोग्राम) ने शनिवार को वर्ष का अपना तीसरा स्वर्ण जीता. जबकि ज्योति गुलिया (51 केजी) ने पोलैंड के ग्लीवाइस में महिलाओं के 13वें सिलेसियान ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट के युवा वर्ग में भारत के लिए इकलौता स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

इस टूर्नामेंट में जूनियर खिलाड़ियों ने 13 पदक जीते जबकि पूर्व विश्व चैम्पियन एल सरिता देवी (60 किग्रा) ने कांस्य पदक अपने नाम किया.

मैरीकॉम का मुकाबला कजाखिस्तान की एगेरिम कसानायेवा से था. मैरीकॉम ने इस वर्ष दो अन्य स्वर्ण दिल्ली में इंडिया ओपन और गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेल में जीते थे.

पूर्व युवा चैम्पियन ज्योति ने पोलैंड की तातियाना प्लुटा को फाइनल बाउट के दूसरे दौर में ही जीत दर्ज कर ली. अगले महीने अर्जेंटीना में होने वाले युवा ओलंपिक के लिए क्वालीफाइ करने वाली देश की इकलौती 17 साल की इस मुक्केबाज ने अपनी विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया.

शुक्रवार को सरिता के अलावा लवलिना बोरगोहेन (69 किग्रा) और पूजा रानी (81 किग्रा) का अभियान भी सेमीफाइनल में ही समाप्त हुआ.  सरिता को करीना इब्रागिमोवा से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा. हालांकि भारतीय दल को यह फैसला विवादास्पद लगा.

टीम के साथ गये एक कोच ने कहा, ‘यह विवादास्पद फैसला था. सरिता निश्चित रूप से बेहतर थी लेकिन जजों ने उसके पक्ष में फैसला नहीं दिया. यहां तक कि घरेलू दर्शक भी उसका समर्थन कर रहे थे क्योंकि हर कोई इसे देख सकता था.’

लवलिना को पोलैंड की कैरोलिना कोसजेवस्का से 1-4 से हार मिली, जिसे भारतीयों ने ‘अनुचित’ करार दिया. जबकि पूजा को स्थानीय प्रबल दावेदार एगाता काक्जमारस्का से 2-3 से पराजय देखनी पड़ी.
इससे पहले भारतीय जूनियर मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने छह स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य से कुल 13 पदक अपने नाम किये.
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