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Love Story : 60 साल पहले दिल्ली के नेशनल स्टेडियम से शुरू हुई 'फ्लाइंग सिख' की अनोखी प्रेम कहानी

Love Story : 60 साल पहले दिल्ली के नेशनल स्टेडियम से शुरू हुई 'फ्लाइंग सिख' की अनोखी प्रेम कहानी

मिल्खा सिंह और निर्मल कौर की शादी 1962 में हुई थी

मिल्खा सिंह और निर्मल कौर की शादी 1962 में हुई थी

भारत (India) के दिग्गज धावक मिल्खा सिंह (Milkha Singh) की पत्नी भारतीय वॉलीबॉल टीम की कप्तान रही हैं.

    नई दिल्ली. भारतीय एथलेटिक्स के फ्लाइंग सिख यानि मिल्खा सिंह (Milkha Singh) की जिंदगी का लगभग हर पहलू उनपर बनी फिल्म भाग मिल्खा भाग (Bhaag Milkha Bhaag) में दिखाया गया है. उनके संघर्ष से लेकर प्रेम कहानी तक सबकुछ. अपनी जिंदगी में प्यार को लेकर इस एथलीट ने कहा था, 'हर खिलाड़ी और एथलीट की जिंदगी में प्यार आता है उसे हर स्टेशन पर एक प्रेमकहानी मिलती है.' उन्होंने अपनी जिंदगी में तीन लड़कियों से प्यार किया लेकिन उनकी शादी उनमें से किसी से भी नहीं हुई, मिल्खा को जिंदगी की राह पर साथ मिला निर्मल का जो खुद खेल जगत से जुड़ी थीं. दिल्ली के नेशनल स्टेडियम से शुरू हुई यह कहानी शादी के रिश्ते में बदल गई जिसे 58 साल हो चुके हैं.

    कोलंबो में हुई थी पहली मुलाकात
    मिल्खा सिंह (Milkha Singh) और उनकी पत्नी की पहली मुलाकात 1955 में श्रीलंका के कोलंबो (Colambo) में हुई थी. दोनों एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचे थे. जहां निर्मल महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान थीं वहीं मिल्खा सिंह एथलेटिक्स टीम का हिस्सा थे. कोलंबो में एक भारतीय बिजनेसमैन ने दोनों टीमों को खाने पर बुलाया था. यहीं पर दोनों पहली बार मिले. मिल्खा सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें निर्मल पहली ही नजर में काफी पसंद आ गई थी. दोनों ने एक-दूसरे से काफी बातें की. वहां कोई कागज नहीं था ऐसे में मिल्खा सिंह ने निर्मल के हाथ पर ही होटल का नंबर लिख दिया. इसके बाद साल 1958 में दोनों फिर मिले. हालांकि इनकी प्रेम कहानी की शुरुआत हुई साल 1960 में जब दोनों दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में मिले. इस समय तक मिल्खा काफी नाम कमा चुके थे. दोनों कॉफी ब्रेक में एक-दूसरे साथ समय बिताया करते थे.

    पंजाब के मुख्यमंत्री ने की थी मदद
    हर ओर दोनों के बारे में चर्चा शुरू हो गई. तब तक मिल्खा औऱ निर्मल तय कर चुके थे कि उन्हें जिंदगी साथ बितानी है. दोनों की शादी में भी काफी परेशानी आई. उस समय पंजाब के मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों मदद के लिए आगे आए जिन्होंने दोनों के परिवार से बात की. साल 1962 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए. आज शादी के 58 साल बाद भी मिल्खा मानते हैं कि निर्मल उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं जिन्होंने उनके बच्चों का पूरा ख्याल रखा. मिल्खा कहते हैं कि वह खुद केवल 10वीं पास हैं लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में निर्मल ने बच्चों की पढ़ाई औऱ बाकी सभी चीजों का ध्यान रखा जिसके कारण वह आज सफल है. मिल्खा सिंह की बेटी डॉक्टर हैं वहीं बेटा दिग्गज गोल्फर जीव मिल्खा सिंह हैं.

    ऑस्ट्रेलियन लड़की के प्यार में पड़ गए थे मिल्खा
    एक इंटरव्यू में मिल्खा सिंह (Milkha Singh) ने बताया कि 1956 में ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न ओलिंपिक के दौरान वह बेट्टी कथबर्ट से मिले थे. 18 साल की इस एथलीट को मिल्खा की पग से प्यार हो गया था. मिल्खा ने बताया कि अगले दिन बेट्टी ने उनसे कहा कि वह उनके लिए भी पग बांध दे. बेट्टी ने मिल्खा का दिल जीत लिया था. इन्हीं ओलिंपिक खेलों के बाद 1960 में दोनों फिर मिले लेकिन इसके बाद मुलाकात का सिलसिला थम सा गया. साल 2006 में कॉमनवेल्थ गेम्स मेलबर्न में हुए. मिल्खा ने बेट्टी को फोन किया तो उनके बेटे ने फोन उठाया और वो मिल्खा को पहचान गए. तब उन्हें पता चला कि कैंसर के कारण बेट्टी की मौत हो गई. हालांकि वह मरते दम तक मिल्खा की पग को संभाल कर रखती थीं. वहीं मिल्खा सिंह की पहली मोहब्बत उनके गांव में थी जहां वह एक लड़की से प्यार करते थे. मिल्खा सिंह की जिंदगी पर बनी फिल्म में उस लड़की किरदार सोनम कपूर ने निभाया था.

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    Tags: Athletics, Milkha Singh, Sports news

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