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Tokyo 2020: मीराबाई चानू ने ट्रक ड्राइवरों के पैर छूकर जीता दिल, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ VIDEO

Tokyo 2020: मीराबाई चानू ने ट्रक ड्राइवरों के पैर छूकर जीता दिल, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ VIDEO

चानू का जन्‍म 8 अगस्‍त 1994 को इंफाल में हुआ था. वह ओलंपिक मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला वेटलिफ्टर हैं. (फोटो -AP)

चानू का जन्‍म 8 अगस्‍त 1994 को इंफाल में हुआ था. वह ओलंपिक मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला वेटलिफ्टर हैं. (फोटो -AP)

Tokyo Olympics 2020: ऐसे में मीराबाई चानू ने इस ट्रक ड्राइवरों के प्रति सम्मान जताने के लिए और इन सभी को सम्मानित करने के लिए एक इवेंट किया. इस इवेंट में उन्होंने अपनी उपलब्धि में इन ट्रक ड्राइवरों के योगदान को सराहा.

    नई दिल्ली. वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने टोक्यो ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में भारत के लिए पहला मेडल जीता. हालांकि, वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल (Silver Medal) हासिल करने वाली मीराबाई चानू की पोडियम तक पहुंचने की यात्रा आसान नहीं रही. अब अपना वादा निभाते हुए इस भारतीय खिलाड़ी ने उन सभी लोगों का सम्मान किया, जिन्होंने इस यात्रा में उनकी मदद की है. मीराबाई चानू ने ट्रक ट्राइवरों का सम्मान कर सभी का दिल जीत लिया है. मणिपुर की इस युवा एथलीट को एक छोटे से गांव में अपने घर से इम्फाल में अपनी ट्रेनिंग के लिए टेनिंग एकेडमी तक रोजाना ट्रक ड्राइवरों से कई लिफ्ट लेनी पड़ती थी. यह तकरीबन 30 किलोमीटर का सफर होता था. ये सभी ट्रक ड्राइवर उन्हें बिना पैसे लिए सफर कराते थे.

    ऐसे में मीराबाई चानू ने इस ट्रक ड्राइवरों के प्रति सम्मान जताने के लिए और इन सभी को सम्मानित करने के लिए एक इवेंट किया. इस इवेंट में उन्होंने अपनी उपलब्धि में इन ट्रक ड्राइवरों के योगदान को सराहा. दरअसल, चानू अकादमी के लिए प्रतिदिन निजी परिवहन का खर्च वहन नहीं कर सकती थी. इसलिए, वह उन रेत ढोने वाले ट्रक वालों पर निर्भर थी, जो उसी मार्ग से यात्रा करते थे.

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    ईस्ट मोजो के अनुसार, 26 वर्षीय सिल्वर मेडल विजेता ने 150 ट्रक ड्राइवरों और उनके सहायकों के साथ खाना खाया. उन सभी को एक शर्ट और एक मणिपुरी दुपट्टा उपहार में दिया. इसके साथ ही मीराबाई चानू ने इन सभी ट्रक ड्राइवरों के पैर भी छुए. मीराबाई चानू का ट्रक ड्राइवरों के प्रति जेस्चर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. मीराबाई चानू की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं.

    टोक्यो ओलंपिक में जीत के बाद मीराबाई चानू के भाई सनातोम्बा मैतेई ने ओलंपिक डॉट कॉम को बताया, ”ट्रेनिंग सेंटर हमारे घर से 20-30 किलोमीटर दूर हुआ करता था. हमारे माता-पिता उसे उसकी यात्रा के लिए 10-20 रुपये दे सकते थे.” पुराने दिनों में अपने प्रयासों को याद करते हुए मैतेई ने कहा, ”सुबह-सुबह ट्रक बाजार चौक से निकल जाते थे. हमें पता होता था कि उनमें से कौन मीरा के प्रशिक्षण केंद्र की ओर जा रहा है और हम उन्हें उनके साथ भेज देते थे. इसकी उन्होंने कभी शिकायत भी नहीं की.”
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    मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किग्रा वर्ग वेटलिफ्टिंग में कुल 202 किग्रा भार उठाकर सिल्वर मेडल जीता, जिससे ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में मेडल हासिल करने का 21 साल का इंतजार खत्म हुआ. वह कर्णम मल्लेश्वरी के बाद भारत की दूसरी वेटलिफ्टिर हैं, जिन्होंने ओलंपिक में पदक जीता है. कर्णम मल्लेश्वरी ने 2000 सिडनी ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.

    Tags: Indian weightlifter, Mirabai Chanu, Olympics, Silver medal, Tokyo Olympics, Tokyo Olympics 2020, Truck driver

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