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Role Model : 'सुपरमैन' को दी मात, ओलिंपिक पदक नदी में फेंका, सपनों का सफर है मुहम्मद अली की जिंदगी

Role Model : 'सुपरमैन' को दी मात, ओलिंपिक पदक नदी में फेंका, सपनों का सफर है मुहम्मद अली की जिंदगी

मुहम्मद अली का निधन साल 2016 में हुआ था.

मुहम्मद अली का निधन साल 2016 में हुआ था.

साइकिल चोरी होने की रिपोर्ट लिखाने पुलिस स्टेशन गए थे मुहम्मद अली (Muhammad Ali), वहीं से निकली बॉक्सर (Boxer) बनने की राह.

    नई दिल्ली. खेलों की दुनिया भी अजीब होती है. कोई किसी खेल से अपनी पहचान बना लेता है तो कोई खुद ही खेल की पहचान बन जाता है. आज हम ऐसे ही एक खिलाड़ी की बात करने जा रहे हैं, जिसने अपने खेल को ही नई पहचान दिलाई. जिसने अपनी मंजिल भी खुद बनाई और उस तक पहुंचने का रास्ता भी. उसके नियम भी खुद तय किए तो उसकी शर्तें भी. वो खिलाड़ी, जो महानता के मुकाम तक पहुंचने से पहले ही जानता था कि वो महानतम है. वो इंसान जिसने अपनी जिंदगी में वो सब देखा और झेला जो शायद ही किसी ने अनुभव किया हो. वो लीजेंड जिसका नाम जुबां पर आते ही आंखों में एक चमक सी आ जाती है. वो बॉक्सर जिसकी जिंदगी के पन्ने उलटते हुए सपनों के रोमांचक सफर पर जाने का अहसास हो उठता है.कुछ ऐसी ही है मुहम्मद अली (Muhammad Ali) की जिदंगी. जी हां, मुहम्मद अली.

    अली सिर्फ बॉक्सिंग जगत का एक कभी फीका न पड़ने वाला सितारा भर नहीं हैं, वो तो अपने आप में एक सूरज हैं. लगातार तेज रोशनी देने वाला. वो गा सकते हैं, नाच सकते हैं, जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते हैं. लोगों की मदद करते हैं. वो खांचों में नहीं बंधे हैं, वो हर तस्वीर में उभरते हैं. हर आवाज में सुनाई देते हैं. वो सिर्फ एक बॉक्सर ही नहीं, सही मायनों में एक रोल मॉडल हैं. अगर आपने अली को जान लिया तो मानों आप उनकी ही जिंदगी का एक हिस्सा भी हो गए.

    साइकिल चोरी और बॉक्सिंग का जुनून
    अमेरिका के महान मुक्केबाज मुहम्मद अली (Muhammad Ali) का जन्म 17 जनवरी 1942 को केंटुकी में हुआ था. अली का शुरुआती नाम कैसियस मर्सेलुस क्ले जूनियर था. साल 1954 की बात है. तब 12 बरस के थे अली. पिता ने तोहफे में एक साइकिल दी थी. मगर ये क्या, जान से प्यारी अली की साइकिल चोरी हो गई. रिपोर्ट लिखाने लुइसविले पुलिस के पास पहुंचे और लगे बड़बड़ाने. कह रहे थे कि चोरों को छोड़ूंगा नहीं और खुद ही सजा भी दूंगा. किस्मत देखिए, पुलिस अफसर जो मार्टिन बॉक्सिंग ट्रेनर थे. अली से कहा-पहले लड़ना सीखो. उसके बाद ही तो चोरों को मजा चखा पाओगे. तब क्या था, छह सप्ताह ही बीते होंगे, मार्टिन की देखरेख में अली ने न केवल मुक्केबाजी सीखी, बल्कि अपना पहला बॉक्सिंग मैच भी जीत लिया.

    ओलिंपिक पदक नदी में फेंक दिया
    1975 में अपनी आत्मकथा में अली (Muhammad Ali) ने दावा किया कि रोम ओलिंपिक से लौटने के कुछ समय बाद ही उन्होंने अपना स्वर्ण पदक ओहियो नदी में फेंक दिया. अली ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें एक ऐसे रेस्तरां में नहीं जाने दिया गया था जो गोरे लोगों के लिए ही बना था. 1996 के अटलांटा ओलिंपिक में अली को दूसरा पदक दिया गया. ये थी अली का बतौर इंसान संवेदनशील पहलू, जिसने उन्हें सिर्फ एक बॉक्सर ही नहीं, बल्कि एक रोल मॉडल के तौर पर दुनिया के सामने पेश किया.

    सद्दाम हुसैन से की डील
    साल 1990 में मुहम्मद अली (Muhammad Ali) ने इराक में बंधक बनाए गए 15 अमेरिकियों को छुड़ाने में अहम भूमिका अदा की. खबरों के अनुसार अली ने इसके लिए सद्दाम हुसैन से मुलाकात की थी.

    प्राइजमनी से ज्यादा कीमत ग्लव्स की लगी
    साल 1965 में मुहम्मद अली (Muhammad Ali) ने सोन्नी लिस्टन के साथ फाइट लड़ी. अली ने लिस्टन को पहले ही राउंड में जोरदार पंच से नॉकआउट कर दिया. ये ग्लव्स बाद में हुई नीलामी में एक अनजान शख्स ने करीब 7 करोड़ रुपये में खरीदा.

    कॉकटेल वेट्रेस थी पहली पत्नी
    मुहम्मद अली (Muhammad Ali) ने 14 अगस्त 1964 को पहली शादी की. उनकी पत्नी कॉकटेल वेट्रेस थी, जिन्हें उन्होंने पहली डेट के बाद ही प्रपोज कर दिया था. एक महीने बाद ही दोनों की शादी हो गई. ये शादी दो साल भी नहीं चल सकी. अली ने चार शादियां की थीं, जिनसे उनको कुल नौ बच्चे (7 बेटे और दो बेटियां) हुए. मोहम्मद अली की सबसे छोटी बेटी लैला अली भी बेहतरीन बॉक्सर हैं.

    आदर्शों से बढ़कर कुछ नहीं
    वियतनाम युद्ध का समय था. मुहम्मद अली (Muhammad Ali) पर बॉक्सिंग से तीन साल का बैन लगा दिया गया था. वजह थी, उन्होंने धार्मिक कारणों से सेना में भर्ती होने से साफ इनकार कर दिया था.

    नौवीं मंजिल से कूद रहा था युवक, आधे घंटे तक बात कर अली ने बचाई जान
    साल 1981 में 21 साल का हताश युवक एक इमारत की नौवीं मंजिल से कूदने वाला था. मगर मुहम्मद अली ने उसे बातों में उलझाए रखा और आधे घंटे की बातचीत के बाद उसे अपना इरादा बदलने पर मजबूर करने में सफल रहे. लॉस एंजिलिस पुलिस ने अली की भरपूर प्रशंसा की.

    माइक टायसन ने लिया अली का बदला
    मुहम्मद अली (Muhammad Ali) को लैरी होम्स के खिलाफ हार मिली थी. युवा माइक टायसन ने ये मुकाबला देखा और अली को फोन करके कहा कि मैं बड़ा होकर आपका बदला लूंगा. सात साल बाद टाइसन और लैरी की फाइट तय हुई. अली भी ये मुकाबला देखने पहुंचे और उन्होंने टायसन को उनका वादा याद दिलाया. टायसन ने लैरी को चौथे राउंड में नॉकआउट कर दिया.

    ओलिंपिक जाने के लिए पहना पैराशूट
    1960 रोम ओलिंपिक जाने से पहले ही मुहम्मद अली ने अपना नाम वापस लेने की तैयारी कर ली. हालांकि बाद में वह जाने के लिए तैयार हो गए, लेकिन उससे पहले आर्मी के गोदाम से एक पैराशूट खरीदा और विमान में पूरे समय इसे पहने रहे.

    सुपरमैन से लड़े अली
    सुपरमैन कॉमिक्स के सी-56 अंक में मुहम्मद अली ने सुपरमैन का सामना किया. दिलचस्प बात ये है कि इस लड़ाई में मुहम्मद अली ही जीते. ऐसा इसलिए क्योंकि अली ने दुनिया को बचाने का काम किया था.

    भारत से रिश्ता है खास
    महान भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने पिछले साल केंटुकी में दिवंगत मुक्केबाज मुहम्मद अली की पत्नी लोनी अली और लुइसविले के मेयर ग्रेग फिशर से मुलाकात की. इस दौरान गावस्कर ने प्रतिष्ठित मुहम्मद अली केंद्र में एक क्रिकेट संग्रहालय खोलने के बारे में चर्चा भी की. दरअसल, लुइसविले में स्थित 'सुनील गावस्कर क्रिकेट फील्ड' लुइसविले क्रिकेट क्लब का घरेलू मैदान है.

    कौर सिंह ने किया मुहम्मद अली का मुकाबला
    भारत के मुक्केबाज कौर सिंह को भी मुहम्मद अली के खिलाफ रिंग में उतरने का सौभाग्य हासिल हुआ है. तब दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में आयोजित एग्जीबिशन मैच में दोनों की भिड़ंत हुई थी.

    इसलिए कुबूला इस्लाम धर्म
    मुहम्मद अली (Muhammad Ali) जन्म से मुसलमान नहीं थे. 6 मार्च 1964 को उन्होंने इस्लाम धर्म कुबूल करने की घोषणा की थी. उनका नाम कैसियस क्ले (Cassius Clay) था. अली के अनुसार, वह अपने गृहनगर में स्केटिंग रिंग के बाहर खड़े थे. तभी अखबार बेचने वाले पर नजर पड़ी. वह 'नेशन ऑफ इस्लाम' अखबार बेच रहा था, उन्होंने एक कॉपी खरीद ली. अखबार में छपे कार्टून ने अली का ध्यान खींचा और यहीं से उनकी धर्म को लेकर आस्था बदली. कार्टून में एक गोरा शख्स काले गुलाम को पीटते हुए जीसस से प्रार्थना करने के लिए दबाव बना रहा है. कार्टून ने उनके अंदर हलचल पैदा कर दी.

    ऐसे थे मुक्केबाज मुहम्मद अली
    6 फीट 3 इंच लंबे मुहम्मद अली ने अपने करियर में 61 फाइट लड़ीं और उसमें से 56 में जीत हासिल की. इनमें से 37 का फैसला नॉकआउट में हुआ. उन्हें अपने करियर में सिर्फ पांच बार हार का सामना करना पड़ा. तीन बार हैवीवेट चैंपियन रह चुके अली ने साल 1981 में अपने करियर का आखिरी मुकाबला ट्रेवर बैरबिक के साथ खेला. ये उनके करियर का 61वां मैच था जिसमें उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. इसके साथ ही उन्होंने बॉक्सिंग को अलविदा कह दिया. अली का 3 जून को 74 वर्ष की उम्र में अमेरिका के फीनिक्स में निधन हो गया.

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    Tags: Boxing, Muhammad Ali, Sports news

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