ओलिंपिक में गोल्‍ड मेडल जीतकर रचा था इतिहास, कोरोनाकाल में पेट पालने को बनना पड़ा डिलीवरी बॉय

डिलीवरी बैग के साथ रूबैन लिमार्दो (फोटो क्रेडिट: Rubén Limardo Gascón ट्विटर हैंडल)
डिलीवरी बैग के साथ रूबैन लिमार्दो (फोटो क्रेडिट: Rubén Limardo Gascón ट्विटर हैंडल)

इस स्‍टार खिलाड़ी ने लंदन ओलिंपिक में गोल्‍ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था, मगर अब वह ट्रेनिंग के साथ-साथ अपनी नई नौकरी भी कर रहे हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 8:59 AM IST
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नई दिल्‍ली. खेलों के महाकुंभ ओलिंपिक में गोल्‍ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले वेनेजुएला के तलवारबाज रूबैन लिमार्दो (ruben limardo) डिलीवरी बॉय बन गए हैं. वह पोलैंड में साइकिल पर एक बड़ा सा डिलीवरी बैग लटकाए चल रहे हैं. उनकी कहानी काफी अजीब और हैरानी भरी है. 35 साल के लिमार्दो ने लंदन ओलिंपिक में गोल्‍ड मेडल जीता था और अब एक बार फिर टोक्‍यो ओलिंपिक में वह चमक बिखेरने के लिए तैयार हैं. मगर इससे पहले उन्‍होंने पिछले सप्‍ताह अपने प्रशंसकों को उस समय हैरान कर दिया, जब उन्‍होंने एक ट्वीट कर अपनी नई नौकरी का खुलासा किया. उन्‍होंने कहा कि आपको अपना रास्‍ता हासिल करना होगा और यह बाकी की तरह ही एक नौकरी है. उन्‍होंने बताया कि वह ऊबर ईट्स के लिए ट्रेनिंग और फूड डिलीवरी के लिए एक खास दिन गए थे.

लिमार्दो सिर्फ अकेले ही ऐसा काम नहीं कर रहे, बल्कि वेनेजुएला नेशनल फेंसिग टीम के 20 अन्‍य सदस्‍य भी यह कर रहे हैं. पोलिश में लिमार्दो ने कहा कि हम लोग डिलीवरी राइडर्स हैं. लिमार्दो ने आठ साल पहले ओलिंपिक का खिताब जीता था. वह 1904 में क्‍यूबा के रामोन फोंट्स के बाद से ऐसा करने वाले लैटिन अमेरिका के पहले फेंसर बने थे. वह वेनेजुएला के दूसरे गोल्‍ड मेडलिस्‍ट भी हैं. उनके ओलिंपिक चैंपियन बनने से 44 साल पहले मुक्‍केबाज फ्रांसिस्‍को ने खिताब जीता था.

ट्रेनिंग के बाद करते हैं नौकरी
वेनेजुएला के ये युवा तलवारबाज एक पुरानी वर्कशॉप में सप्‍ताह के पांच दिन इकट्ठा होते हैं. सभी सफेद रंग की यूनिफॉर्म में होते हैं, जिस पर उनका राष्‍ट्रीय झंडा होता है. वहीं गेट पर साइकिल और हरे रंग का कूल बैग उनका इंतजार कर रहे होते हैं. सभी तलवारबाज अपनी ट्रेनिंग खत्‍म कर, जल्‍दी से शॉवर लेते हैं और फिर डिलीवरी के लिए तैयार हो जाते हैं.
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लिमार्दो ने कहा कि हमें वेनेजुएला में काफी कम पैसा मिलता है, क्‍योंकि वहां पर संकट है. वहीं महामारी ने भी सब कुछ बदल दिया है. यहां पर कोई प्रतिस्‍पर्धा नहीं है. टोक्‍यो ओलिंपिक सालभर के टल गए और स्‍पॉन्‍सर्स कह रहे हैं कि वह नए साल से भुगतान करना शुरू करेंगे. इसी वजह से हमें ऐसे सड़क पर पैसा बनाना पड़ रहा है. लिमार्दो रोज साइकिल से 50 किलोमीटर चलते हैं और सप्‍ताह में वह करीब 100 यूरो कमाते हैं. दो बच्‍चों के पिता लिमार्दो का कहना है कि हमारी ट्रेनिंग के साथ यह सही चल रही है. हम कह सकते हैं कि यह ट्रेनिंग का विस्‍तार है.
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