ओलिंपिक स्थगित होना दुती चंद को पड़ा बहुत महंगा, लाखों रुपए का हुआ है नुकसान

ओलिंपिक स्थगित होना दुती चंद को पड़ा बहुत महंगा,  लाखों रुपए का हुआ है नुकसान
ओडिशा सरकार पहले ही फर्राटा धाविका दुती चंद के नाम की अर्जुन पुरस्कार के लिये अनुशंसा कर चुकी है. चोपड़ा ने टोक्यो ओलिंपिक के लिये क्वालिफाई कर लिया है. वह कोहनी की चोट के कारण पिछले पूरे सत्र से बाहर थे.

दुती (Dutee Chand) खेल मंत्रालय की टारगेट ओलिंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) का हिस्सा नहीं है

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 12:53 PM IST
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नई दिल्ली. एशियन गेम्स (Asian Games) में दो सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय एथलीट दुती चंद (Dutee Chand) का कहना है कि ओलिंपिक की तैयारियों को काफी बड़ा झटका लगा है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) को अगले साल तक के लिए स्थगित किया गया था. उन्होंने कहा ‘कोरोना महामारी से ओलिंपिक की तैयारियों पर खर्च हुआ मेरा पूरा पैसा, समय सब बर्बाद हो गया और अब मुझे नये सिरे से शुरुआत के लिये मदद मिलेगी या नहीं, यह भी तय नहीं है. ’

ओलिंपिक की तैयारियों में खर्च हुआ काफी पैसा
कोरेाना वायरस महामारी और उसके बाद दुनिया भर में लागू लॉकडाउन के कारण खेल ठप होने से न सिर्फ ओडिशा (Odisha) की इस एथलीट की तैयारियों को झटका लगा बल्कि कोचों और विदेश में प्रशिक्षण की व्यवस्था पर अपनी जेब से तीस लाख रुपये भी खर्च करना पड़ा.

दुती ने भुवनेश्वर से भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘मैं अक्टूबर से एक टीम बनाकर अभ्यास कर रही थी जिसमें कोच, सहायक कोच, ट्रेनर , रनिंग पार्टनर समेत 10 सदस्यों की टीम थी और हर महीने उन पर साढ़े चार लाख रूपये खर्च हो रहा था जिसमें मेरी खुराक भी शामिल थी .अब तक 30 लाख रूपये खर्च कर चुकी हूं.’
टॉप्स का हिस्सा नहीं है दुती


जकार्ता एशियाई खेल 2018 में 100 मीटर की रजत पदक विजेता दुती (Dutee Chand) खेल मंत्रालय की टारगेट ओलिंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) का हिस्सा नहीं है .उनका प्रायोजन ओडिशा (Odisha) सरकार और केआईआईटी कर रहे थे लेकिन वह टोक्यो ओलिंपिक 2020 तक ही था .ओलिंपिक स्थगित होने के बाद मौजूदा हालात को देखते हुए उसके आगे जारी रहने पर भी दुती को संदेह है

उन्होंने कहा ,‘मैने जर्मनी में तीन महीने अभ्यास के लिये हवाई टिकट बुक करा ली थी जिसका पैसा वापिस नहीं मिला .इसके अलावा वहां 20 लाख रूपये अग्रिम दे दिया था जो अभी तक वापिस नहीं मिला.’ दुती ने यह भी कहा कि अभ्यास रूकने से उनकी लय भी टूट गई है और अब उन्हें रफ्तार पकड़ने में छह महीने लगेंगे .

विदेशी में ट्रेनिंग है जरूरी
उन्होंने कहा ,‘हमारा अभ्यास शेड्यूल ऐसा था कि अक्टूबर से धीरे धीरे रफ्तार पकड़ते हैं और मार्च से कड़ा अभ्यास शुरू होता है जबकि अप्रैल में पूरी रफ्तार पकड़ लेते हैं .मैने मार्च से जून तक जर्मनी में अभ्यास के बाद सीधे टोक्यो जाने की सोची थी लेकिन सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया.’ दुती ने कहा ,‘जितने भी भारतीय एथलीटों ने ओलिंपिक के लिये क्वालीफाई किया है , विदेशों में तैयारी के दम पर ही किया है चाहे वह नीरज चोपड़ा (भालाफेंक) हो या 400 रिले टीम हो.

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