ओलिंपिक में गोल्ड जीतने के लिए जान देने को तैयार है विकास लेकिन नहीं शुरू किया अभ्यास

ओलिंपिक में गोल्ड जीतने के लिए जान देने को तैयार है विकास लेकिन नहीं शुरू किया अभ्यास
विकास कृष्ण प्रोफेशनल बॉक्सिंग भी करते हैं

विकास कृष्ण (Vikas Krishan) पिछले दिसंबर में एमेच्योर मुक्केबाजी में वापस आये थे और वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप (World boxing Championship) में हिस्सा लिया था. यहां जीत हासिल करके उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) के लिए टिकट हासिल कर लिया था

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नई जिस्सी. भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव (Vikas Krishan Yadav) ने कहा कि एमेच्योर और पेशेवर मुक्केबाजी में एक साथ करियर बनाना मुश्किल है लेकिन ओलिंपिक में स्वर्ण जीतने के उनके लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह जरूरी है. उनका कहना है कि वह बस गोल्ड जीतना चाहते हैं बदले में भगवान चाहे उनकी जान हो क्यों न लेले. राष्ट्रमंडल खेलों 2018 में स्वर्ण और एशियाई खेलों 2018 में कांस्य पदक जीतने वाले इस खिलाड़ी ने पिछले साल पेशेवर मुक्केबाजी में हाथ आजमाया था. वह इसमें अपना दोनों बाउट जीतने में सफल रहे है.

टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं विकास कृष्ण

वह पिछले दिसंबर में एमेच्योर मुक्केबाजी में वापस आये और टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालीफिकेशन हासिल करने में सफल रहे. विकास अगले महीने अमेरिका में होने वाले पेशेवर सर्किट में वापस जाएंगे. विकास ने इंस्पायर इंस्टिट्यूड ऑफ स्पोर्ट्स (आईआईएस) की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक वेबिनार में कहा, ‘इसमें बदलाव करते रहना मुश्किल है. एमेच्योर में अंक जुटाना होता है तो वहीं पेशेवर में प्रतिद्वंद्वी को चोटिल करना होता है. लेकिन आपको ओलंपिक में पदक जीतने के लिए कुछ अलग करना होगा.’



उन्होंने कहा, ‘आप वहीं काम नहीं कर सकते तो दूसरे मुक्केबाज कर रहे है.’ मुक्केबाजी में भारत का सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक प्रदर्शन विजेंदर सिंह (2008, बीजिंग) और एम सी मैरीकॉम (2012, लंदन) द्वारा जीते गए कांस्य पदक हैं. विकास पटियाला में चल रहे मुक्केबाजी राष्ट्रीय शिविर में क्वारंटीन नियमों को तोड़ने के बाद हुए विवाद के बाद से फिलहाल आईआईएस बेंगलुरू में अभ्यास कर रहे है.
अगले साल ओलिंपिक की तैयारी शुरू करेंगे विकास कृष्ण
ओलिंपिक की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मेरा पहला लक्ष्य ओलिंपिक को क्वालिफाई करके पूरा हो गया है. अब मैं चार महीने तक पेशेवर मुकाबलों में रहूंगा जिसका प्रशिक्षण ले रहा हूं. मैं ओलिंपिक की तैयारी के लिए जनवरी-फरवरी में वापस आऊंगा.’

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उन्होंने कहा, ‘मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कोचों में से एक के साथ प्रशिक्षण ले रहा हूं. मैं सितंबर और अक्टूबर में होने वाले पेशेवर मुकाबलों के लिए तैयार हूं. उसके बाद वह (कोच) मेरी गलतियों का पता लगाएगें और ओलिंपिक के लिए उन पर काम करेगें.’ उन्होंने कहा कि ओलिंपिक का लक्ष्य हासिल करने के बाद वह पूरी तरह से पेशेवर मुक्केबाज बन जाएंगे.
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