Home /News /sports /

prakash padukone on thomas cup victory bigger than any individual achievement india will be considered as power center

थॉमस कप की जीत निजी सफलता से बड़ी, भारत अब बैडमिंटन का पावर सेंटर: पादुकोण

भारतीय मेंस बैडमिंटन टीम ने बीते रविवार को इंडोनेशिया को हराकर पहली बार थॉमस कप का खिताब जीता है. (BAI Media Twitter)

भारतीय मेंस बैडमिंटन टीम ने बीते रविवार को इंडोनेशिया को हराकर पहली बार थॉमस कप का खिताब जीता है. (BAI Media Twitter)

भारत के लिए पहली बार ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीत चुके प्रकाश पादुकोण भारतीय मेंस टीम की थॉमस कप की जीत से काफी खुश हैं. उन्होंने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि इस जीत के बाद भारत को बैडमिंटन में महाशक्ति माना जाएगा और यह किसी भी व्यक्तिगत सफलता से बड़ा है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. भारतीय बैडमिंटन के पूर्व दिग्गज प्रकाश पादुकोण का मानना है कि थॉमस कप की ऐतिहासिक जीत से भारत ने इस खेल के वैश्विक पटल पर अपना नाम दर्ज करा लिया है. क्योंकि यह किसी भी व्यक्तिगत सफलता से काफी बड़ी उपलब्धि है. भारत ने रविवार को थॉमस कप के फाइनल मुकाबले में 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.

पादुकोण ने पीटीआई-भाषा को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह इतनी जल्दी होगा. मुझे लगता था कि इसमें कम से कम और आठ से 10 साल लगेंगे. मेरा मानना है कि हम अब वैश्विक शक्ति बन गये हैं और अब भारत को इस खेल का महाशक्ति माना जायेगा. इससे खेल को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा.’

थॉमस कप की जीत व्यक्तिगत सफलता से बड़ी: पादुकोण
भारत की ओर से पहली बार ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप (1980) का खिताब जीतने वाले पादुकोण ने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह भारतीय बैडमिंटन का स्वर्णिम पल है और इस शानदार सफलता को भुनाने की जरूरत है. यह एक संपूर्ण टीम प्रयास और एक प्रभावशाली जीत और एक महत्वपूर्ण अवसर था. मुझे लगता है कि यह किसी भी व्यक्तिगत सफलता से भी बड़ा है. हमें इसकी जरूरत थी और मुझे लगता है कि वह पल आ गया जब हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए. अब समय इस सफलता को भुनाने का है.’

‘हम बैडमिंटन के पावर सेंटर बन गए’
पादुकोण के नेतृत्व में भारत 1979 में थॉमस कप के सेमीफाइनल में पहुंचा था. उन्होंने कहा कि इस जीत का देश में बैडमिंटन के खेल पर काफी प्रभाव पड़ेगा और एक राष्ट्र के रूप में हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम लय को कम नहीं होने दे. उन्होंने कहा, ‘यह इस खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाएगा, खेल के विकास को अधिक गति मिलेगी, इसमें अधिक युवा जुड़ेंगे, अधिक कॉर्पोरेट और सरकारी मदद मिलेगी. कुल मिलाकर मानक में सुधार होना चाहिए और खेल का ग्राफ ऊपर जाना चाहिए. अब खेल को आगे ले जाने के लिए राष्ट्रीय महासंघों और राज्य संघों की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी.’

‘डबल्स हमारी कमजोरी थी, लेकिन अब नहीं’
पादुकोण का मानना है कि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग सेन की युगल जोड़ी का उभरना थॉमस कप में भारत की जीत के प्रमुख कारणों में से एक है. उन्होंने कहा, “युगल हमेशा से हमारी कमजोरी रही, लेकिन अब हमारे पास ऐसी युगल जोड़ी है, जो दुनिया में किसी को भी हरा सकती है. पहले एकल खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा दबाव था. लेकिन अब वे खुलकर खेल सकते हैं और थॉमस कप में कोर्ट पर यह दिखा.”

बैडमिंटन के इस पूर्व दिग्गज ने कहा, ‘जब लक्ष्य को हार का सामना करना पड़ा तभी भारतीय युगल जोड़ी जीत दर्ज करने में सफल रही.  इसने टीम को एक अच्छा संतुलन प्रदान किया है. इस बार सब कुछ एक साथ आया.’

महिला टीम की बेंस स्ट्रेंथ कमजोर
इस 66 साल के पूर्व खिलाड़ी ने महिला टीम के प्रदर्शन पर चिंता जतायी. विश्व रैंकिंग में शीर्ष (1980 में) पर रह चुके इस पादुकोण ने कहा, “पुरुषों की टीम में कम से कम हमारे पास गहराई है. मेरा मतलब है, लक्ष्य अभी भी युवा है, मिथुन, किरण जैसे कुछ खिलाड़ी अच्छा कर रहे हैं. गोपीचंद अकादमी में भी कुछ अच्छे खिलाड़ी है.  श्रीकांत और प्रणय थोड़े उम्रदराज हैं. लेकिन वे कम से कम तब होंगे जब हम दो साल बाद इस खिताब का बचाव करने उतरेंगे. इसलिए हमारे पास पुरुषों के वर्ग में अच्छी टीम है.’

उन्होंने कहा कि महिलाओं के वर्ग में स्थिति थोड़ी चिंताजनक है. हमारे पास पुरुषों के समान महिला वर्ग में ‘बेंच स्ट्रेंथ’ नहीं है. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि हमारे पास प्रतिभा नहीं है. लेकिन उनमें से कोई भी साइना (नेहवाल) या (पीवी) सिंधु के समान स्तर का नहीं है. यह चिंताजनक है.

Tags: Badminton, Chirag shetty, Kidambi Srikanth, Lakshya Sen, Satwiksairaj Rankireddy, Thomas Cup

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर