Home /News /sports /

एथलीट प्रियंका गोस्वामी ने बेरोजगार पिता से किया वादा, टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतकर ही लौटूंगी

एथलीट प्रियंका गोस्वामी ने बेरोजगार पिता से किया वादा, टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतकर ही लौटूंगी

प्रियंका गोस्वामी ने रांची में इवेंट में 20 किलोमीटर की वॉक एक घंटा अट्ठाईस मिनट 45 सेकेंड में पूरी की थी. (News 18)

प्रियंका गोस्वामी ने रांची में इवेंट में 20 किलोमीटर की वॉक एक घंटा अट्ठाईस मिनट 45 सेकेंड में पूरी की थी. (News 18)

रेस वॉक एथलीट प्रियंका गोस्वामी (Priyanka Goswami) के पिता मदनपाल की नौकरी अचानक ही चली गई थी, वह बस कंडक्टर के तौर पर काम करते थे. प्रियंका गोस्वामी ने तब कसम ली कि एक ना एक दिन वह अपने परिवार और देश का नाम रौशन करेंगी.

मेरठ (यूपी). रेस वॉकर प्रियंका गोस्वामी (Priyanka Goswami) टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने को बेताब हैं. प्रियंका ने अपने पिता से वादा किया है कि वह ओलंपिक में पदक जीतकर लौटेंगी. उनके पिता पिछले दस साल से बेरोजगारी से जंग लड़ रहे हैं. इस बेटी की उड़ान के आगे संघर्ष भी बौना पड़ गया है. ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुकीं रेस वॉकिंग की नई सनसनी प्रियंका गोस्वामी बेंगलुरु के मैदान में पसीना बहा रही हैं. मेरठ में इस बेटी के माता-पिता का कहना है कि बेटी उनसे वादा करके गई है कि इस बार ओलंपिक का पदक जीतकर वो इस परिवार की जियोग्रॉफी बदल देगी.

दस साल पहले बस कंडक्टर रहे प्रियंका के पिता मदनपाल गोस्वामी के ऊपर उस वक्त जिम्मेदारियों का पहाड़ आन पड़ा, जब उनकी नौकरी अचानक ही चली गई. उस वक्त प्रियंका की 14 साल की थीं, बेटी को पिता के आंसू देखे नहीं गए और उन्होंने कसम ली कि एक ना एक दिन वह अपने परिवार और देश का नाम रौशन करेंगी.

मेरठ की रहने वालीं एथलीट प्रियंका ने मैदान पर पसीना बहाना शुरू किया और देखते ही देखते उनके घर पदकों का जखीरा इकट्ठा होने लगा. प्रियंका ने सबसे पहले वर्ष 2015 में रेस वॉकिंग की दुनिया मे तिरुवनंतपुरुम में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. इसके बाद मैंगलुरु में फेडरेशन कप में भी तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य नाम किया. साल 2017 में दिल्ली में हुई नेशनल रेस वॉकिंग चैंपियनशिप में इस एथलीट ने कमाल करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करते हुए गोल्ड मेडल जीता. 2018 में खेल कोटे से रेलवे में प्रियंका को क्लर्क की नौकरी मिल गई. परिवार की आर्थिक हालत सुधरी तो इस बिटिया का उत्साह और बढ़ गया.

इसे भी पढ़ें, टोक्‍यो ओलंपिक से पहले बड़े मुकाबले से हटीं भारतीय पहलवान

इसी साल फरवरी में मेरठ की अंतरराष्ट्रीय एथलीट प्रियंका गोस्वामी ने रांची में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया. प्रियंका ने नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता. अपनी बेटी के संघर्ष और कामयाबी की कहानी सुनाते-सुनाते बेरोजगार पिता की आंखों से आंसू छलक जाते हैं. वह कहते हैं कि बेटी ही उनका सहारा, उनका अभिमान-स्वाभिमान है.

फरवरी में मेरठ की प्रियंका गोस्वामी ने रांची में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया.


प्रियंका ने रांची में हुए इवेंट में 20 किलोमीटर की वॉक एक घंटा 28 मिनट 45 सेकेंड में पूरा कर नया रिकॉर्ड बनाया. इससे पहले यह रिकॉर्ड पिछले साल राजस्थान की एथलीट भावना जाट (एक घंटा 29 मिनट 54 सेकेंड) ने बनाया था. अपनी बिटिया के बारे में बात करते हुए प्रियंका की मां अनीता गोस्वामी की आंखों की चमक बस देखते ही बनती है.

प्रियंका को बीते दिनों यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड के लिए भी चुना गया था. उनकी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेस वॉक में उपलब्धियों को देखते हुए ही उन्हें यह पुरस्कार दिया गया.

Tags: Olympic Games, Priyanka Goswami, Sports news, Tokyo Olympics

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर