पदक से चूकने पर बोले बिंद्रा, मैंने अपना बेस्ट खेला लेकिन पदक मेरा नहीं था

भारत के अग्रणी निशानेबाज अभिनव बिंद्रा रियो ओलम्पिक की 10 मीटर एअर राइफल स्पर्धा में एक बार फिर इतिहास रचने से चूक गए।

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रियो डी जेनेरियो। भारत के अग्रणी निशानेबाज अभिनव बिंद्रा रियो ओलम्पिक की 10 मीटर एअर राइफल स्पर्धा में एक बार फिर इतिहास रचने से चूक गए। बिंद्रा स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। बिंद्रा ने हालांकि कहा कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन पदक उनका नहीं था।

ओलम्पिक शूटिग सेंटर में बिंद्रा ने फाइनल में 163.8 अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। मैचे के बाद बिंद्रा ने कहा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन पदक मेरा नहीं था। यह मुश्किल मुकाबला था और किसी को चौथे स्थान पर आना था, वो मैं रहा।

आठ साल पहले बीजिंग ओलम्पिक-2008 में भारत को एकल स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले बिंद्रा ने कहा कि यह इसी तरह होना था। मैं अपना सबकुछ दिया। यह अच्छा लेकिन मुश्किल दिन था। पदक जीतता तो और बेहतर हो सकता था।



बिंद्रा एक समय दूसरे और तीसरे स्थान पर चल रहे थे लेकिन बाद में उनका प्रदर्शन लगातार गिरता गया और वह पदक की दौड़ से बाहर हो गए। बिंद्रा अब निशानेबाजी से संन्यास ले रहे हैं। ओलम्पिक से पहले ही उन्होंने इसकी घोषणा कर दी थी। वह भारत के लिए किसी व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले अब तक के एकमात्र खिलाड़ी हैं।
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