Role model: कभी दिल की बीमारी से लड़ चुके हैं रोनाल्डो, अब Corona से लड़ने के लिए दे रहे 100 करोड़

फेडरर के बाद युवेट्स के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो  सात अरब 92 करोड़ रुपए की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर हैं. मेसी तीसरे स्थान पर हैं. ब्राजील के नेमार जूनियर 7 अरब 22 करोड़ की कमाई के साथ चौथे स्थान पर हैं वहीं एनबीए स्टार लेबरॉन जेम्स पांचवें स्थान पर हैं.

फेडरर के बाद युवेट्स के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो सात अरब 92 करोड़ रुपए की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर हैं. मेसी तीसरे स्थान पर हैं. ब्राजील के नेमार जूनियर 7 अरब 22 करोड़ की कमाई के साथ चौथे स्थान पर हैं वहीं एनबीए स्टार लेबरॉन जेम्स पांचवें स्थान पर हैं.

स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो चार महीने की सैलरी नहीं ले रहे हैं. यह पैसे कोरोना से लड़ने के लिए खर्च की जाएगी. उन्होंने पुर्तगाल के 3 अस्पतालों को दस-दस आईसीयू खरीदने के लिए भी से दान किए हैं.

  • News18India
  • Last Updated: April 16, 2020, 8:52 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. क्रिस्टियानो रोनाल्डो. यह नाम आते ही ऐसे फुटबॉलर की छवि उभरती है, जो बेहद आक्रामक है और खुद को बेस्ट मानता है. साथ ही दिमाग में कौंधते हैं कुछ विवाद, जो जल्दी ही गायब हो जाते हैं. जो छवि देर तक ठहरती है, वह यह खिलाड़ी दिल का बड़ा है. आज दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है. इस लड़ाई में क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) बड़ा योगदान दे रहे हैं. वे करीब 100 करोड़ रुपए दान कर रहे हैं. खेल में बेस्ट होने के साथ रोनाल्डो की यही दिलदारी उन्हें दूसरों से अलग करती है या रोल मॉडल बनाती है.

पुर्तगाल (Portugal) के रोनाल्डो इस समय इटली के क्लब युवेंटस (Juventus) के लिए खेलते हैं. इटली उन देशों में शामिल है, जो कोरोना से से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं. रोनाल्डो ऐसे वक्त में मदद के लिए सामने आए और अपनी चार महीने की सैलरी नहीं लेने का फैसला लिया. एक रिपोर्ट के मुताबिक उनकी चार महीने की सैलरी करीब 84 करोड़ रुपए हैं. रोनाल्डो इससे पहले करीब आठ करोड़ रुपए दान कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने पुर्तगाल के तीन अस्पतालों को दस-दस आईसीयू खरीदने के लिए पैसे दान किए हैं. कुल मिलाकर यह खिलाड़ी कोरोना से लड़ने के लिए करीब 100 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है.

पिता माली और मां कुक
क्रिस्टियानो रोनाल्डो को जानना है तो शुरुआत परिवार से करनी होगी. उनका बचपन गरीबी में गुजरा. उनके पिता जोस माली और मां मारिया कुक थीं. पिता नशा करते थे. इसलिए परिवार की ज्यादा जिम्मेदारी मां संभालती थीं. इसी कारण उन्हें दूसरों के घरों में खाना बनाना पड़ता था, ताकि परिवार की की जरूरत पूरी की जा सके.
हॉस्टल में रहे, बर्गर मांग कर खाया


पिता रोनाल्डो को फुटबॉलर बनाना चाहते थे. इस कारण उन्होंने ट्रायल दिया, ताकि एक क्लब की टीम में आ सकें. रोनाल्डो चुन लिए गए. फिर वे क्लब के हॉस्टल में रहने लगे. रोनाल्डो ने एक इंटरव्यू में बताया था कि हॉस्टल में खाने-पीने का वक्त और मात्रा तय थी. उन्हें रात में अक्सर भूख लगने लगती. उन्होंने इसका रास्ता निकाला. पास में एक शॉप थी, जहां बर्गर आदि मिलता था. वे दुकान बंद होने के समय वहां गए और बर्गर खाने के लिए मांगा. यह भी बता दिया कि पैसे नहीं है. इस पर दुकान की महिला ने उन्हें पीछे के दरवाजे में बुलाया और बर्गर दे दिया. रोनाल्डो के मुताबिक यह सिलसिला लंबा चला. वे अक्सर वहां बर्गर खाने जाते थे.

दोस्त का क़र्ज़ कभी नहीं भूले
रोनाल्डो ने अपनी सफलता का श्रेय अल्बर्ट फेंट्रू को देते हैं, जिसे शायद ही खेलप्रेमी जानते हों. दरअसल, बचपन में अल्बर्ट को एक फुटबॉल एकेडमी में भर्ती कराया गया. इसके कारण रोनाल्डो को वहां जगह नहीं मिली. अचानक अल्बर्ट ने क्लब छोड़ दिया. रोनाल्डो को एकेडमी में ले लिया गया. जब रोनाल्डो ने अल्फ्रेड से पूछा कि उन्होंने क्लब क्यों छोड़ा तो उसनं जवाब दिया कि तुम मुझसे बेहतर हो.

 15 साल की उम्र में दिल की सर्जरी
15 साल की उम्र में रोनाल्डो को दिल की बीमारी हुई जिसे रेसिंग हार्ट कहा जाता है. लगा कि करियर बनने से पहले ही खत्म हो जाएगए. अगर सर्जरी में मामूली गड़बड़ी भी हो जाती तो रोनाल्डो को फुटबॉल हमेशा के लिए छोड़ना पड़े. खुशकिस्मती से सर्जरी कामयाब हुई और वे मैदान पर लौट आए.

20 साल की उम्र में पिता ने साथ छोड़ा
जब रोनाल्डो 20 साल के थे तब पिता की मौत हो गई. इ परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा. तब रोनाल्डो की मां ने दूसरों के घरों में खाना बनाकर परिवार चलाया. इन कठिनाइयों के बीच रोनाल्डो ने खेल जारी रखा. महज 18 साल की उम्र में इंग्लिश फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड (Manchester United) ने उनसे 17 मिलियन अमेरिकी डॉलर में साइन किया. इसके बाद रोनाल्डो ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

मेसी से हुआ महामुकाबला
2009 में रोनाल्डो मैनचेस्टर यूनाइटेड क्लब छोड़कर स्पेन के रियल मैड्रिड (Real Madrid) से जुड़ गए. स्पेनिश लीग में ही लियोनेल मेसी (Lionel Messi) भी बार्सिलोना के लिए खेल रहे थे. इसके बाद दुनिया ने फुटबॉल की सबसे बड़ी राइवलरी देखी. रोनाल्डो और मेसी के प्रशंसक अपने-अपने चहेते खिलाड़ी को सबसे महान खिलाड़ी बताते हैं. दिलचस्प बात यह है कि रोनाल्डो तो खुद को बेस्ट बताते ही हैं. मेसी भी इशारों में ऐसा करते हैं. हालांकि, उन्होंने खुद को कभी बेस्ट नहीं कहा.

मां के लिए गर्लफ्रेंड छोड़ी
रोनाल्डो ने 2015 में अपनी रूसी गर्लफ्रेंड एरिना शायक (Irina Shayk) से अचानक संबंध तोड़ लिए. वे दोनों पांच साल से साथ थे, इसलिए ऐसा क्यों हुआ यह समझ नहीं आया. कुछ सालों बाद पता चला कि दोनों के बीच रोनाल्डो की मां के जन्मदिन पर होने वाली पार्टी को लेकर विवाद हुआ था. रोनाल्डो ने बड़ी पार्टी दी थी और चाहते थे कि एरिना उसमें रहें. एरिना का कहना था कि उसी तारीख में उनका मैक्सिको में कार्यक्रम है. कार्यक्रम पहले से तय हो चुका है. अब रद नहीं किया जा सकता. रोनाल्डो को यही बात अखर गई.

CR7 म्यूजियम
रोनाल्डो के नाम CR7 म्यूजियम भी है. इसमें उनके जीवन, करियर, दुर्लभ फ़ोटो, ट्राफियां और पुरस्कार रखे गए हैं. पहली ट्रॉफी वह रखी गई है, जो उन्होंने 8 साल की उम्र में जीती थी. रोनाल्डो कई ब्रांड को एंडोर्स करते हैं. इनमें कोका-कोला, अरमानी जीन्स और अडरवियर, नाइकी, कोनामी, मोटरोला, केएफसी, जैकब एंड कंपनी, फ्लाई एमिरेट्स, कैस्ट्रोल, हर्बालाइफ शामिल हैं.

चार बच्चों के पिता हैं क्रिस्टियानो 
रोनाल्डो के चार बच्चे हैं. उनके पहले बेटे क्रिस्टियानो जूनियर का जन्म 2010 में अमेरिका हुआ था. रोनाल्डो ने उनकी मां का नाम कभी नहीं बताया. फिर वे 2017 में सरोगेसी से जुड़वां बच्चों, बेटी ईवा और बेटे मेटो के पिता बने. रोनाल्डो के चौथे बच्चे मार्टिना को उनकी स्पेनिश गर्लफ्रेंड जॉर्जीना रोड्रिग्ज (Georgina Rodríguez)  ने जन्म दिया.

यह भी पढ़ें: 

Corona का कहर, वर्ल्ड कप से पहले स्टाफ की सैलरी घटाएगा यह क्रिकेट बोर्ड

इस तेज गेंदबाज ने बैटिंग में बनाए ऐसे रिकॉर्ड जो सचिन भी नहीं तोड़ पाए

हरभजन बोले- धोनी को कौन परखेगा, उनका मन होगा तो जरूर खेलेंगे टी20 वर्ल्ड कप
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज