Sagar Murder Case: सुशील कुमार को फंसाया गया, उनके खिलाफ साजिश-वकील

सुशील कुमार को दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने बीते रविवार को राजधानी के मुंडका इलाके से गिरफ्तार किया था.

सुशील कुमार को दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने बीते रविवार को राजधानी के मुंडका इलाके से गिरफ्तार किया था.

ओलिंपियन सुशील कुमार(Sushil Kumar) के वकील बीएस जाखड़ ने ये दावा किया है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत पहलवान सागर धनखड़ की हत्या (Sagar Dhankhar Murder case) के केस में फंसाया गया है. क्योंकि 4 मई की रात छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानों के दो गुटों में हुई मारपीट के बाद दर्ज एफआईआर में सुशील का नाम नहीं था. सागर के निधन के बाद दिल्ली पुलिस ने सुशील का नाम इसमें शामिल किया.

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नई दिल्ली. दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या (Sagar Dhankhar Murder Case) के मामले में गिरफ्तार हुए ओलिंपियन सुशील कुमार(Sushil Kumar) की 6 दिन की पुलिस रिमांड जल्द खत्म होने वाली है. इस बीच, सुशील के वकील बीएस जाखड़ ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल को फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्टेडियम में हुई मारपीट के बाद जो एफआईआर दर्ज की थी, उसमें सुशील का नाम नहीं था. सागर धनखड़ (पीड़ितों में से एक) की मौत के बाद, दिल्ली पुलिस ने पहलवान (सुशील) का नाम एफआईआर में शामिल किया.

इनसाइड स्पोर्ट से बातचीत में रेसलर सुशील के वकील ने बताया कि हमने पुलिस को भी ये जानकारी दी है कि छत्रसाल स्टेडियम में 4 मई की रात पहलवानों के दो गुटों में झगड़ा हो गया था और सुशील उसे खत्म कराने के लिए मौके पर आए थे. एफआईआर के मुताबिक, झगड़ा मॉडल टाउन इलाके के फ्लैट को लेकर हुआ था, जो सुशील की पत्नी सविता के नाम पर है. लड़ाई के दौरान सागर को सिर में गहरी चोट लग गई थी. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इसके बाद सुशील फरार हो गए और पुलिस ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के बाद इनाम भी घोषित कर दिया.

सुशील के वकील ने दिल्ली पुलिस की मंशा पर सवाल उठाए

जाखड़ ने दिल्ली पुलिस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतिहास में कभी भी दिल्ली पुलिस ने सिर्फ 10 दिन के भीतर किसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी नहीं किया. भले ही वह एक खूंखार अपराधी ही क्यों न हो. फिर सुशील पहलवान के खिलाफ ऐसा क्यों किया गया? साथ ही पुलिस ने धारा 160 के तहत उनकी जगह उनकी पत्नी सविता को नोटिस जारी क्यों किया?. फिर उन्होंने एक इनाम की घोषणा की जो आमतौर पर चार्जशीट दाखिल होने के बाद होती है. इससे पता चलता है कि पुलिस का शुरू से ही इरादा गलत था.
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'दिल्ली पुलिस सुशील पर अपराध कबूलने का दबाव बना रही'

इस बीच, मीडिया रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने ये दावा किया है कि सुशील जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. हालांकि, सुशील के वकील ने इससे इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराना चाह रही है. सुशील ने ऐसा करने से मना कर दिया. इसलिए पुलिस ऐसे आरोप लगा रही है. उन्होंने आगे कहा कि सुशील फिलहाल पुलिस रिमांड में हैं. पुलिस उन पर अपराध कबूल करने का दबाव बना रही है, जो उसने किया ही नहीं है.



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वकील ने कहा कि सुशील को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा. जहां दिल्ली पुलिस को जांच में मिले सबूतों और तथ्यों को कोर्ट के सामने रखना होगा. इसमें वो वीडियो फुटेज भी होंगे, जिसमें दिल्ली पुलिस सुशील के होने का दावा कर रही है. उनके पास चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिन का समय है. हम भी ये देखना चाहते हैं कि पुलिस कोर्ट में कौन सा वीडियो फुटेज दिखाती है?

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