टोल कारोबार के जरिए गैंगस्टरों के संपर्क में आया सुशील, नोएडा के अपराधियों से भी था कनेक्शन: रिपोर्ट

सागर धनखड़ मर्डर केस: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सुशील कुमार की अपराधियों के साथ कथित साझेदारी के सुराग तलाश रही है. (delhi police twitter)

सागर धनखड़ मर्डर केस: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सुशील कुमार की अपराधियों के साथ कथित साझेदारी के सुराग तलाश रही है. (delhi police twitter)

जूनियर रेसलर सागर धनखड़ की हत्या (Sagar Dhankhar Murder Case) के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हत्याकांड के आरोपी ओलिंपियन सुशील कुमार की अपराधियों से सांठगांठ पुरानी थी. सुशील ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर सुंदर भाटी के भतीजे अनिल को दिल्ली का टोल बूथ चलाने की जिम्मेदारी दी थी.

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ोनई दिल्ली. जूनियर रेसलर सागर धनखड़ की हत्या (Sagar Dhankhar Murder Case) के मामले में रोज हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं. खासतौर पर इस हत्याकांड में गिरफ्तार हुए ओलिंपियन सुशील कुमार(Sushil Kumar) को लेकर. सुशील की बड़े अपराधियों से सांठगांठ पुरानी है. दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ से जुड़े अफसरों ने इसका खुलासा किया है. उनके मुताबिक, सुशील पहली बार टोल कारोबार के जरिए गैंगस्टर के संपर्क में आया और धीरे-धीरे वो इस दलदल में धंसता चला गया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की एक कंपनी को टोल बूथ का ठेका मिला था. सुशील को इसे चलाने की जिम्मेदारी मिली. इसके बाद सुशील अपराधियों के संपर्क में आया. क्योंकि उसे पता था कि टोल बूथ चलाना आसान काम नहीं है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तब वो पश्चिम उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर सुंदर भाटी के भतीजे अनिल भाटी से मिला था. अनिल पर पहले से ही हत्या और कई अन्य गंभीर मामले दर्ज थे. सुशील ने टोल बूथ चलाने का काम अनिल को दिया.

सुशील टोल बिजनेस के कारण गैंगस्टर के संपर्क में आए

यूपी एसटीएफ के एक अफसर के मुताबिक, 4 साल पहले ग्रेटर नोएडा में एक भाजपा नेता की हत्या हुई थी. जब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की तो, टोल बूथ पर काम करने वाले तीन लोगों को पकड़ा था. इन लोगों ने अनिल भाटी के इशारे पर हत्या को अंजाम देने की बात कबूली थी. इसी दौरान ही पुलिस को ये पता चला कि ओलिंपियन सुशील कुमार ने ये टोल बूथ चलाने की जिम्मेदारी अनिल को दी थी. उस वक्त टोल पर काम करने वाले लड़के रंगदारी, अवैध वसूली तक करते थे.
इसी दौरान विकास लागरपुरिया, मंजीज महाल जैसे गैंगस्टर्स से भी सुशील की पहचान हुई थी. हालांकि, गंभीर आरोप लगने के बाद सुशील का टोल नाके से वसूली का बिजनेस बंद हो गया था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रान्च ने सागर धनखड़ की हत्या के मामले में जांच तेज कर दी है. इस बीच, स्पेशल सेल भी सुशील की अपराधियों के साथ कथित साझेदारी के सुराग भी तलाश रही है.

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पहलवान सागर की छत्रसाल स्टेडियम में हुई थी हत्या

बता दें कि बीते चार और पांच मई की दरम्यानी रात को 23 साल के सागर धनखड़ की दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि ऐसा ओलिंपियन सुशील कुमार के इशारों पर हुआ था. उनके कहने पर ही सागर को मॉडल टाउन के उसके फ्लैट से अगवा कर छत्रसाल स्टेडियम लाया गया था. यहां उसकी लाठी-डंडे और हॉकी स्टिक से पीटकर जान ले ली गई थी. इस घटना के बाद से ही फरार चल रहे सुशील कुमार को 18 दिन बाद दिल्ली पुलिस ने मुंडका इलाके से गिरफ्तार किया था. फिलहाल, सुशील दिल्ली पुलिस की रिमांड पर हैं.

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