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क्या ओलिंपिक से पहले ही बैडमिंटन को अलविदा कह देंगी सायना नेहवाल!

News18Hindi
Updated: January 29, 2020, 8:57 PM IST
क्या ओलिंपिक से पहले ही बैडमिंटन को अलविदा कह देंगी सायना नेहवाल!
सायना नेहवाल को ओलिंपिक में मिला था ब्रॉन्ज मेडल

बैंडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल (Saina Nehwal) बुधवार को बीजेपी से जुड़ीं हैं

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  • Last Updated: January 29, 2020, 8:57 PM IST
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नई दिल्ली. भारत को बैडमिंटन में पहला ओलिंपिक मेडल दिलाने वाली सायना नेहवाल (Saina Nehwal) ने बुधवार को राजनीति  पारी की शुरुआत करते हुए बीजेपी (BJP) का दामन थामा. सायना नेहवाल  (Saina Nehwal) पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की नीतियों की खुलकर सराहना कर रही थीं. पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की जमकर तारीफ की. हालांकि उनके इस फैसले के बाद उनकी रिटायरमेंट को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सवाल सिर्फ उनके बीजेपी से जुड़ने के कारण ही नहीं उठ रहे बल्कि उनका हाल का फॉर्म और फिटनेस भी बड़ी वजह है.

पिता नहीं चाहते सायने लें रिटायरमेंट
सायना नेहवाल (Saina Nehwal)  ने हालांकि साफ किया कि वह रिटायरमेंट नहीं लेने वाली हैं. वहीं उनके पिता ने भी इच्छा जाहिर की बेटी को राजनीति करने के लिए बैडमिंटन को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है. सायना के पिता हरवीर सिंह (Harvir Singh) ने पीटीआई से कहा, ‘उसे ओलिंपिक की तैयारियां जारी रखनी चाहिए क्योंकि वह अलग क्षेत्र है. ईश्वर ने चाहा तो वह क्वालिफाई करेगी. लेकिन जब भी पार्टी को प्रचार या अन्य किसी काम के लिये उसकी सेवाओं की जरूरत पड़ेगी तो वह अपना सहयोग दे सकती है.’

SAINA BJP
बहन चंद्राशु के साथ बीजेपी में शामिल हुई सायना नेहवाल.


उन्होंने कहा, ‘ऐसा कोई कड़ा नियम नहीं है कि वह ऐसा नहीं कर सकती हैं. उन्होंने उसे पार्टी में शामिल किया है और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिये कहा है.’ सायना के पास हालांकि लगातार चौथे ओलिंपिक में जगह बनाने के लिये अब बहुत कम समय बचा है. बीडब्ल्यूएफ ओलिंपिक क्वालिफिकेशन नियमों के अनुसार प्रत्येक एकल वर्ग में प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही क्वालिफाई कर सकते हैं लेकिन इसके लिये उन्हें अप्रैल के अंत में जारी होने वाली रैंकिंग में शीर्ष 16 में रहना होगा.

खराब फॉर्म में जूझ रही हैं सायना नेहवाल
सायना (Saina Nehwal) का हाल का फॉर्म भी उनके रिटायरमेंट की बड़ी वजह बन सकता है. ने जनवरी 2019 में इंडोनेशिया मास्टर्स (Indonesia Masters) के बाद कोई टूर्नामेंट नहीं जीता है.  पूर्व ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता सायना ने 2018 से 30 से अधिक टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया और इस दौरान सिर्फ दो खिताब जीत पाईं. साथ ही इस दौरान लगभग आधे टूर्नामेंटों में वह क्वार्टर फाइनल में भी जगह नहीं बना पाई. इससे वह बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग में 18वें स्थान पर खिसक गई जबकि उनकी ओलिंपिक क्वालिफिकेशन रैंकिंग 22 है.
सायना नेहवाल ने बैडमिंटन का पहला ओलिंपिक मेडल दिलाया था.


चोटों से प्रभावित रहा है सायना का करियर
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी रही सायना (Saina Nehwal) का करियर पिछले कुछ समय से चोटों से प्रभावित रहा है जिसका असर उनके खेल पर भी पड़ा है. रियो ओलिंपिक 2016 में जल्दी बाहर होने के बाद इस स्टार खिलाड़ी को घुटने का ऑपरेशन कराना पड़ा था और इसके बाद से इस चोट ने उन्हें लगातार परेशान किया है. माना जा रहा है कि अगर सायना ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रहती हैं तो वह राजनीति में सक्रिेय भूमिका निभा सकती है. हिसार में जन्मीं सायना साथ ही इस साल 17 मार्च को 30 बरस की हो जाएंगी और ऐसे में लोगों का मानना है कि पिछले कुछ समय से चोटों से परेशान रहने के कारण वैसे भी उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अधिक नहीं बचा है.

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First published: January 29, 2020, 8:57 PM IST
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