संजीव राजपूत को था विश्वास, जहां हुई थी अनदेखी वहीं हासिल करेंगे ओलिंपिक कोटा

भाषा
Updated: September 6, 2019, 9:17 PM IST
संजीव राजपूत को था विश्वास, जहां हुई थी अनदेखी वहीं हासिल करेंगे ओलिंपिक कोटा
संजीव राजपूत रियो में गोल्ड जीतने से चूक गए थे

38 साल के संजीव राजपूत (Sanjeev Rajput) ने पिछले हफ्ते रियो दि जिनेरियो (rio de janeiro) में वर्ल्ड कप में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पॉजीशन (50 M Rifle three Position) में सिल्वर मेडल अपने नाम किया

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भारत के लिए आठवां ओलिंपिक कोटा (Olympic Quota) सुनिश्चित करने वाले निशानेबाज संजीव राजपूत (Sanjeev Rajput)   ने कहा कि 2016 रियो ओलिंपिक (2016 Rio Olympic) में अनदेखी किये जाने के बाद वह अगले साल टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) में अपना लक्ष्य पूरा करना चाहते हैं.

हरियाणा के 38 साल के निशानेबाज ने पिछले हफ्ते रियो दि जिनेरियो में वर्ल्ड कप में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पॉजीशन में सिल्वर मेडल अपने नाम किया.

कोटा हासिल करने का आखिरी मौका था 

राजपूत ने आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरा प्रदर्शन बहुत अच्छा था. मैं पिछले एक साल से इसका इंतजार कर रहा था. ’उन्होंने कहा, ‘मैं विश्व कप में ओलिंपिक कोटा हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध था क्योंकि यह मेरा अंतिम मौका था. मैंने एशियन चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन ओलिंपिक कोटा जीतना अलग बात है. इसलिये मैं यहां रियो में ही इसे हासिल करना चाहता था.’

नवंबर में दोहा में होने वाली एशियन चैंपियनशिप से पहले ओलिंपिक कोटा हासिल करने के लिये रियो विश्व कप अंतिम मौका था. वह कोटा हासिल करने के बावजूद रियो ओलिंपिक नहीं जा सके थे क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने ओलिंपिक टीम में उनकी जगह ट्रैप निशानेबाज मानवजीत संधू को भेजा था.

क्वालिफिकेशन के दौरान परेशान थे राजपूत

भारत के लिए गुरुवार को ओलिंपिक कोटा हासिल करने वाले संजीव राजपूत ने कहा कि आईएसएसएफ विश्व कप में स्कोरिंग उपकरण में हुई कुछ गड़बड़ी के कारण उनके शॉट को ‘शून्य’ दिखाए जाने के बाद वह दबाव में आ गए और काफी परेशान हो गए थे.
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राजपूत ने शानदार वापसी करते हुए पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पॉजीशन इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए निशानेबाजी में आठवां ओलिंपिक कोटा सुनिश्चित किया. अड़तीस साल के इस निशानेबाज ने फाइनल में 462 अंक जुटाए जिससे वह क्रोएशिया के पीटर गोर्सा (462.2) के पीछे पोडियम में दूसरे स्थान पर रहे.

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First published: September 6, 2019, 9:17 PM IST
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