Tokyo Olympics: एक भी भारतीय ग्रीको-रोमन रेसलर क्वालिफाई नहीं हुआ, विदेशी कोच बर्खास्त हुआ

Tokyo 2020: भारत के 8 पहलवान टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई हुए हैं. इसमें अंशु मलिक भी हैं. (SAI Media Twitter)

Tokyo 2020: भारत के 8 पहलवान टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई हुए हैं. इसमें अंशु मलिक भी हैं. (SAI Media Twitter)

भारत ने सोनीपत में नेशनल कैंप में देश के ग्रीको रोमन पहलवानों को ट्रेनिंग देने के लिये फरवरी 2019 में जॉर्जिया के कोच टेमो कजाराशविली को ओलंपिक तक नियुक्त किया था. लेकिन इस वर्ग का एक भी पहलवान टोक्यो गेम्स के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया. फ्री स्टाइल वर्ग में 8 पहलवानों ने कोटा हासिल किया है.

  • Share this:

नई दिल्ली. स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने खराब प्रदर्शन की वजह से भारतीय ग्रीको रोमन कुश्ती टीम के विदेशी कोच टेमो कजाराशविली को बर्खास्त कर दिया है. टेमो जॉर्जिया के रहने वाले हैं. उन्हें फरवरी 2019 में ग्रीको रोमन कैटेगरी में लड़ने वाले पहलवानों को ट्रेनिंग देने के लिए कोच बनाया गया था. लेकिन इस वर्ग में एक भी पहलवान टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया, जबकि फ्री स्टाइल वर्ग में चार पुरुष और इतनी ही महिला रेसलर ने इन खेलों के लिए कोटा हासिल किया.

साई ने एक बयान में कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने विदेशी कुश्ती कोच कजाराशविली को उनके अनुबंध से मुक्त कर दिया है. क्योंकि किसी भी भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान ने ओलंपिक का कोटा हासिल नहीं किया. बयान में आगे कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ की सिफारिश के बाद ये फैसला लिया गया. साई के साथ कजाराशविली का कॉन्ट्रैक्ट फरवरी 2019 से ओलंपिक तक था.

ग्रीको रोमन में कोटा न मिलने पर विदेशी कोच बर्खास्त

भारतीय कुश्ती महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर ने फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि हमने उन्हें खासतौर पर ओलंपिक के लिये ही नियुक्त किया था. लेकिन कोई नतीजे नहीं मिले. उनका अनुबंध इस साल अगस्त तक था. लेकिन तब तक कोई राष्ट्रीय शिविर ही नहीं है, तो वह अब क्या करते, जब ध्यान टोक्यो ओलंपिक पर लगा हुआ है. इसलिए हमने साई को बताया कि उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं है.

Youtube Video

टोक्यो ओलंपिक के बाद विदेशी कोच नियुक्त होंगे

तोमर ने आगे कहा कि वे ओलंपिक के बाद नये विदेशी कोचों को नियुक्त करेंगे. इससे पहले, महासंघ ने ईरान के हुसैन करीमी (फ्री स्टाइल) और अमेरिका के एंड्रयू कुक (महिलाओं के) को भी यह कहते हुए उनके कार्यकाल के बीच में ही बर्खास्त कर दिया कि उनके नखरे उठाना मुश्किल हो गया था.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज