Coronavirus : खेल जगत पर हमेशा के लिए रह जाएगा असर! बदल सकते हैं ये नियम

Coronavirus : खेल जगत पर हमेशा के लिए रह जाएगा असर! बदल सकते हैं ये नियम
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले में खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाया था

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण मौजूदा समय में सभी खेल गतिविधियों बंद है

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 6, 2020, 12:42 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) ने फिलहाल पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. इस वायरस के कारण दुनिया जैसे थम सी गई है. खेलों की बात करें को पहली बार ऐसा कुछ हो रहा है जिसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी. ओलिंपिक (Olympic) जैसे बड़े खेल स्थगित हो चुके हैं. जिन खिलाड़ियों का पूरा दिन मैदान पर बीत जाता हो उनके लिए खेल से दूर पूरा दिन घर पर बिताना मुश्किल पड़ रहा है. हालांकि उम्मीद की जा रही है धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी.

आने वाले समय में बेशक स्थिति सामान्य हो जाएगी लेकिन कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद भी उसका असर खेल पर दिखने को मिल सकता है. क्रिकेट में तेज गेंदबाजों का गेंद को चमकाने के लिये उस पर लार लगाना, टेनिस में खिलाड़ियों का अपना तौलिया ‘बॉल ब्वायज’ को देना और फुटबॉलरों का मैच से पहले हाथ मिलाना जैसी खिलाड़ियों की कुछ ऐसी आदतें हैं जो हो सकती हैं कि कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट से उबरने के बाद खेलों में न दिखायी दें.

गेंद चमकाने के लिए लार के प्रयोग से कतराएंगे गेंदबाज
क्रिकेट इतिहास में शुरू से ही तेज गेंदबाज गेंद को चमकाने के लिये उस पर लार लगाते रहे हैं. इससे गेंदबाजों को स्विंग हासिल करने में मदद मिलती रही है लेकिन कोविड-19 (COVID19) के बाद क्रिकेट का जो नया संसार होगा उसमें हो सकता है कि गेंदबाज ऐसा नहीं करें. कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलाने का यह मुख्य कारण यह भी था.



ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिन्स ने कहा, ‘एक गेंदबाज होने के नाते मुझे लगता है कि टेस्ट मैचों में अगर हम गेंद को नहीं चमका पाएंगे तो इससे काफी मुश्किल होगी. ’ टेनिस में अक्सर देखने को मिलता है कि खिलाड़ी अपना पसीना और यहां तक कि खून और आंसू पोंछकर तौलिया गेंद पकड़ने वाले लड़कों या लड़कियों (बॉल ब्वायज और बॉल गर्ल्स) के पास फेंक देते हैं. ऐसे में सभी के मन में इन युवाओं के प्रति सहानुभूति जाग उठती है.



बॉल ब्वायज और गर्ल्स को रखा जाएगा दूर
मार्च में कोरोना वायरस (Coronavirus) के वैश्विक स्तर पर फैलने के बाद अधिकारियों ने इस समस्या को लेकर कदम उठाये. मिकी में जापान और इक्वेडर के बीच खेले गये डेविस कप मैच के दौरान ‘बॉल ब्वायज’ और ‘बॉल गर्ल्स’ ने दस्ताने पहन रखे थे. यही नहीं टोकरियों की भी व्यवस्था की गयी थी जिसमें खिलाड़ी अपने तौलिया रख सकें. इससे पहले 2018 में एटीपी ने कुछ प्रतियोगिताओं में तौलिया रखने के लिये विशेष प्रबंध किये थे लेकिन इससे खिलाड़ी खुश नहीं थे.

यूनान के स्टेफनॉस सिसिपास ने मिलान में नेक्स्टजेन फाइनल्स के दौरान कहा था, ‘आपको खेलते हुए जब भी तौलिए की जरूरत पड़ती है तब आपको वह मिल जाए तो इससे काफी मदद मिलती है. मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को गेंद और तौलिया उपलब्ध कराना कोर्ट पर मौजूद लड़कों और लड़कियों का काम है. ’

फुटबॉल -क्रिकेटर्स नहीं मिलाएंगे हाथ
दुनिया भर में खेल गतिविधियां ठप्प पड़ने से पहले शीर्ष फुटबॉल लीग में मैच से पहले हाथ मिलाने का चलन बंद कर दिया गया था. प्रीमियर लीग की टीम लिवरपूल (Liverpool) ने मैच से पहले खिलाड़ियों के साथ बच्चों के मैदान पर जाने पर भी रोक लगा दी थी जबकि साउथम्पटन ने खिलाड़ियों को आटोग्राफ देने या सेल्फी लेने से बचने के लिये कहा था.

फुटबॉलर से इतर एनबीए ने खिलाड़ियों से एक दूसरे के हाथों से ताली बजाने के बजाय हवा में मुक्का लहराने का आग्रह किया. वहीं साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खाली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में खिलाड़ियों ने कोहनियों मिलाकर विकेट का जश्न मनाया था. साथ ही मैच खत्म हो जाने के बाद दोनों टीमों ने एक दूसरे से हाथ भी नहीं मिलाया था.

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