किरण रिजिजू ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की राशि में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की, 12 साल बाद हुआ बदलाव

किरण रिजिजू ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की राशि में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की, 12 साल बाद हुआ बदलाव
29 अगस्त 72 खिलाड़ियों को किया गया था सम्मानित

राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sports Day) के मौके पर हर साल नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड दिए जाते हैं. इस साल 5 खिलाड़ियों को खेल रत्न वहीं 27 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड दिया जा रहा है

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 2:01 PM IST
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नई दिल्ली. खेल मंत्रालय ने इस साल खेल अवॉर्ड की इनामी राशि में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. दिग्गज हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद (Major Dhyan Chand) के जन्मदिन के अवसर पर देश में खेल दिवस मनाया जाता है और इसी दिन देश के खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है. इस साल खेल मंत्रालय ने खेल रत्न हासिल करने वाले खिलाड़ी को 25 लाख और अर्जुन पुरस्कार (Arjun Award) विेजेता को 15 लाख रुपये की धनराशि देने का ऐलान किया है.

द्रोणाचार्य अवॉर्ड की धनराशि में भी हुआ बदलाव
पहले खेल रत्न सम्मान पाने वाले खिलाड़ी को 7.5 लाख और अर्जुन पुरस्कार (Arjun Award) विजेता को पांच लाख रुपये की नकद धनराशि मिलती थी. द्रोणाचार्य (आजीवन) पुरस्कारों की राशि पहले पांच लाख हुआ करती थी जिसे 15 लाख रूपये कर दिया है. वहीं नियमित द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को 10 लाख रूपये दिये जायेंगे जो पहले पांच लाख रूपये होते थे. ध्यान चंद पुरस्कार विजेताओं की राशि पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रूपये कर दी गई.

रिजिजू ने कहा, 'इनामी राशि में पिछली बार साल 2008 में बढ़ोतरी की गई थी. इस राशि को हर 10 साल में रिव्यू करने की जरूरत होती है.अगर बाकी सभी फील्ड में लोगों के वेतन और कमाई में बढ़ोतरी हुई है तो खिलाड़ियों के लिए ऐसा क्यों नहीं हो सकता.
खेल मंत्री ने किया 74 खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के फैसले का बचाव


खेल मंत्री किरण रिजिजू ने शनिवार को सरकार के इस साल पांच राजीव गांधी खेल रत्न (Rajeev Khel Ratn) सहित रिकॉर्ड 74 खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित करने के फैसले का बचाव किया जिसकी कड़ी आलोचना हो रही है.मंत्रालय ने द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये 13 और ध्यानचंद पुरस्कारों के लिये 15 कोचों का चयन किया. रिजिजू ने शनिवार को कहा, ‘हमारे खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन बेहतर हुआ है. जब हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें सराहा और पुरस्कृत किया जाना चाहिए. अगर सरकार उनकी उपलब्धियों को सम्मानित नहीं करती तो इससे भारत की उभरती हुई खेल प्रतिभाओं का उत्साह कम होगा.’

उन्होंने कहा, ‘इसलिये पिछले वर्षों की तुलना में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा जिसके कारण पुरस्कार विजेताओं की संख्या भी बढ़ी.’ खेल मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने खेल पुरस्कारों पर फैसला नहीं किया क्योंकि विजेताओं का चयन उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वंतत्र समिति ने किया.
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