मैरी कॉम के चयन पर उठे विवाद पर खेल मंत्रालय ने मांगा जवाब!

खेल मंत्रालय के स्पोर्ट्स कोड 2011 के मुताबिक भारत सरकार से सहायता लेने वाले सभी खेल संघों को इंटरनेशनल इवेंट कराने से पहले ट्रायल कराना अनिवार्य है.

News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 1:29 PM IST
मैरी कॉम के चयन पर उठे विवाद पर खेल मंत्रालय ने मांगा जवाब!
भारतीय दिग्गज बॉक्सर मैरी कॉम
News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 1:29 PM IST
वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मैरी कॉम (Mary Kom) को मिले सीधे प्रवेश के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बॉक्सिंग फेडरेशन (Boxing Federation) के इस फैसले के बाद अब खेल मंत्रालय भी इस विवाद में कूद पड़ा है और बॉक्सिंग फेडरेशन से इस मामले पर जवाब पर मांगा है.

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक खेल मंत्रालय ने नोटिस भेजकर इस ट्रॉयल की पूरी जानकारी मांगी है. केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजीजू (Kiren Rijiju) बिना ट्रॉयल के किसी भी खिलाड़ी के चयन पक्ष में नहीं है. इसी कारण इस मुद्दे पर सफाई मांगी गई है.

खेल मंत्रालय के स्पोर्ट्स कोड 2011 के मुताबिक भारत सरकार से सहायता लेने वाले सभी खेल संघों को इंटरनेशनल इवेंट कराने से पहले ट्रायल कराना अनिवार्य है. लेकिन बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नियम के उलट वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए 51 किग्रा और 69 किग्रा वेट कैटेगरी के ट्रायल नहीं कराए.

ट्रॉयल ना होने पर निकहत ने जताया था ऐतराज

निकहत (23 वर्ष) ने हाल में थाईलैंड टूर्नामेंट में रजत पदक जीता था और वह 51 किग्रा के ट्रायल में  मैरी कॉम को चुनौती देने की उम्मीद लगाए थी. हालांकि फेडरेशन में 51 किग्रा वर्ग में बिना किसी ट्रायल के  मैरी कॉम को चुन लिया जिससे निकहत काफी निराश हुईं. इस हैदराबादी मुक्केबाज ने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि उन्हें मंगलवार को वनलाल दुआती के खिलाफ ट्रायल बाउट में ‘भाग लेने से रोका’ गया और ऐसा मुख्य चयनकर्ता राजेश भंडारी ने किया जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया.

सबसे सलाह के बाद मैरीकॉम को चुना
भंडारी ने हालांकि स्वीकार किया कि मैरी कॉम को चुनने का फैसला बीएफआई के शीर्ष अधिकारियों के साथ सलाह मशविरा करने के कुछ दिन पहले लिया गया था. विश्व चैम्पियनशिप रूस में तीन से 13 अक्टूबर तक खेली जायेगी. भंडारी ने पीटीआई से कहा, ‘हमें मैरी कॉम के कोच (छोटेलाल यादव) का प्रस्तुतिकरण मिला और इस पर विचार करने के बाद हमें महसूस हुआ कि मैरीकॉम ने ट्रायल के बिना चुने जाने के लिए काफी कुछ किया है. बीएफआई से इस मुद्दे पर सलाह ली गयी थी.’
Loading...

जीत के बाद ईरान की टीम ने कोच से नहीं क्लिपबोर्ड से मिलाया हाथ, जानें क्यों

दिग्‍गज पहलवान सुशील कुमार की करारी हार, 90 सेकेंड में हो गए चित

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य खेल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 10, 2019, 1:05 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...