1977 में चीन से पहली बार भारत आई थीं ज्वाला गुट्टा की मां, फिर यहीं की शादी, महात्मा गांधी से है खास कनेक्शन!

1977 में चीन से पहली बार भारत आई थीं ज्वाला गुट्टा की मां, फिर यहीं की शादी, महात्मा गांधी से है खास कनेक्शन!
ज्वाला गुट्टा का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था.

भारतीय बैडमिंटन स्टार (Indian Badminton Star) ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) ने हाल ही में कहा था कि चीनी मां की बेटी के रूप में बड़ा होना आसान नहीं था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2020, 7:50 PM IST
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नई दिल्ली. ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) भारतीय बैडमिंटन स्टार (Badminton Star) हैं, ये तो सभी खेल प्रेमी जानते हैं. हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय जाहिर करने से भी ज्वाला कभी पीछे नहीं हटतीं. बैडमिंटन की दुनिया से जुड़े विवाद हों या फिर कोर्ट से बाहर की दुनिया से जुड़े मुद्दे, हैदराबाद निवासी ये स्टार खिलाड़ी अपनी बात कहने में नहीं झिझकतीं. शायद ये सभी बातें वो हैं, जो कहीं न कहीं ज्वाला गुट्टा के प्रशंसकों को पता होगी. मगर हम आपको बता रहे हैं कि वो बात जो अपनी इस स्टार खिलाड़ी के बारे में कम ही लोग जानते हैं.

चीन के तियानजिन में हुआ ज्वाला की मां का जन्म
दरअसल, कुछ लोग ये तो जानते हैं कि ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) की मां येलेना (Yelena) चीन में पैदा हुई थीं, लेकिन उनका जन्म चीन के तियानजिन (Tianjin) में हुआ था, इस बारे में लोगों को अधिक जानकारी नहीं है. ज्वाला के पिता क्रांति गुट्टा (Kranti Gutta) स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से ताल्लुक रखते थे और आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रहने वाले थे. वहीं येलेना चीन के गांधीवादी सेंग की पोती थीं. येलेना अपने दादा के साथ पहली बार साल 1977 में भारत आई थीं. यहां उन्होंने सेवाग्राम आश्रम में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की आत्मकथा का चीनी भाषा में अनुवाद किया.

ज्वाला गुट्टा का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था.
ज्वाला गुट्टा ने छह साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया.

महात्मा गांधी की आत्मकथा का किया अनुवाद


इसी दौरान क्रांति गुट्टा (Kranti Gutta) और येलेना (Yelena) मिले और दोनों ने शादी करने का फैसला किया. ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके परनाना भारत आए थे, जिन्होंने रबींद्रनाथ टैगोर के साथ पढ़ाई की थी. यहां तक कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें शांतिदूत नाम दिया था. वह सिंगापुर-चाइनीज न्यूजपेपर में चीफ एडीटर थे और महात्मा गांधी की आटोबायोग्राफी का अनुवाद करना चाहते थे. तभी मेरी मां उनकी मदद के लिए भारत आईं.

ज्वाला गुट्टा ने छह साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया.
भारतीय बैडमिंटन स्टार ज्वाला गुट्टा बचपन में टेनिस में रुचि रखती थीं.


ज्वाला की बैडमिंटन से पहले टेनिस में थी रुचि
ज्वाला का जन्म 7 सितंबर 1983 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ था. 6 साल की उम्र में बैडमिंटन रैकेट पकड़ने से पहले ज्वाला गुट्टा टेनिस में रुचि रखती थीं. ज्वाला ने देश के लिए साल 2011 में लंदन विश्व चैंपियनशिप में महिला डबल्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था. 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में ज्वाला ने महिला डबल्स का गोल्ड और मिक्स्ड डबल्स का रजत पदक अपने नाम किया. इसके अलावा उन्होंने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत और 2006 के मेलबर्न गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम किया. 2014 की एशियन चैंपियनशिप में भी ज्वाला ने कांस्य पर कब्जा जमाया.

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