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Tokyo 2020: तीनों क्रिकेट वर्ल्ड कप से बड़ा है ओलंपिक में भारतीय हॉकी का मेडल, बोले WC फाइनल के टॉप स्कोरर

India vs Germany, Hockey Highlights: भारत ने दो गोल से पिछड़ने के बाद ब्रॉन्ज मेडल का मुकाबला जीता. (AP)

India vs Germany, Hockey Highlights: भारत ने दो गोल से पिछड़ने के बाद ब्रॉन्ज मेडल का मुकाबला जीता. (AP)

Tokyo Olympics 2020: आठ बार की ओलंपिक चैंपियन और दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम (Indian Hockey Team) एक समय 1-3 से पिछड़ रही थी, लेकिन दबाव से उबरकर आठ मिनट में चार गोल दागकर जीत दर्ज करने में सफल रही

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    नई दिल्ली. सिमरनजीत सिंह (Simranjeet Singh) के दो गोल की बदौलत भारत (Indian Hockey Team) ने दो बार पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए गुरुवार को यहां रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचे ब्रॉन्ज मेडल (Bronze Medak) के प्लेऑफ मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से हराकर ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में 41 साल बाद ब्रॉन्ज मेडल जीता. आठ बार की ओलंपिक चैंपियन और दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम एक समय 1-3 से पिछड़ रही थी, लेकिन दबाव से उबरकर आठ मिनट में चार गोल दागकर जीत दर्ज करने में सफल रही. भारतीय हॉकी टीम की इस जीत पर उन्हें देशभर से बधाइयां मिल रही हैं. क्रिकेट जगत से भी उन्हें खूब बधाई मिल रही है.

    वीवीएस लक्ष्मण , वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर जैसे दिग्गज भारतीय हॉकी टीम के लिए ट्वीट कर रहे और आज के दिन को भारत के लिए बड़ा दिन बता रहे हैं. भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन ने ना सिर्फ ब्रॉन्ज मेडल जीता बल्कि सभी का दिल भी जीतने में सफल रही. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे ग्रुप मैच में 1-7 की करारी हार के बावजूद भारतीय टीम अपने बाकी चारों ग्रुप मैच जीतकर दूसरे स्थान पर रही. टीम को सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन बेल्जियम को शुरुआती तीन क्वॉर्टर में कड़ी चुनौती देने के बावजूद 2-5 से हार झेलनी पड़ी थी.

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    गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने भारतीय हॉकी टीम को बधाई देते हुए ट्वीट में लिखा है- 1983, 2007 और 2011 भूल जाइए, हॉकी का यह मेडल किसी भी वर्ल्ड कप से कहीं ज्यादा बड़ा है. वहीं, सहवाग (Virender Sehwag) ने ट्वीट किया- 3-1 से पिछड़ने के बाद भारत ने फाइट की और ब्रॉन्ज मेडल जीता. 40 साल बाद हॉकी में पहला मेडल आ गया. मजा आ गया.

    बता दें कि भारत के लिए सिमरनजीत सिंह (17वें मिनट और 34वें मिनट) ने दो जबकि हार्दिक सिंह (27वें मिनट), हरमनप्रीत सिंह (29वें मिनट) और रूपिंदर पाल सिंह ने एक-एक गोल किया. दुनिया की चौथे नंबर की टीम जर्मनी की ओर से तिमूर ओरूज (दूसरे मिनट), निकलास वेलेन (24वें मिनट), बेनेडिक्ट फुर्क (25वें मिनट) और लुकास विंडफेडर (48वें मिनट) ने गोल दागे. मध्यांतर तक दोनों टीमें 3-3 से बराबर थी. भारतीय टीम 1980 मास्को ओलंपिक में अपने आठ स्वर्ण मेडल में से आखिरी मेडल जीतने के 41 साल बाद ओलंपिक मेडल जीती है.

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