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Tokyo 2020: बजरंग को डॉक्टरों ने ओलंपिक में न उतरने की दी थी सलाह, फिर भी चोट के साथ खेले और ब्रॉन्ज जीते

Tokyo 2020: बजरंग पूनिया ने कजाकिस्तान के पहलवान को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था. (AP)

Tokyo 2020: बजरंग पूनिया ने कजाकिस्तान के पहलवान को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था. (AP)

भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने टोक्यो ओलंपिक में फ्री-स्टाइल कुश्ती के 65 किलोग्राम भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल (Bajrang Punia Bronze Medal) जीता. हालांकि, वो पूरा टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) घुटने की चोट के साथ खेले और ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे. उन्हें डॉक्टरों ने भी आराम की सलाह दी थी. लेकिन बजरंग दर्द को दरकिनार कर देश के लिए उतरे. उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया है.

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    नई दिल्ली. भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल (Bajrang Punia Bronze Medal) जीता. वो फ्री-स्टाइल कुश्ती के 65 किलो भार वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला हार गए थे. इसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के लिए हुए मैच में कजाकिस्तान के पहलवान नियाजबेकोव को 8-0 से हराया. हालांकि, इस जीत के बावजूद वो मायूस हैं. उन्हें लगता है कि देश को उनसे जिस मेडल की उम्मीद थी, वो उसे हासिल नहीं कर पाए.

    सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान विपक्षी पहलवान लगातार बजरंग की दाईं टांग पकड़ने की कोशिश कर रहे थे. बजरंग की इस टांग में पहले से ही चोट लगी थी.अब खुद बजरंग ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. उन्होंने बताया कि वो घुटने की चोट के साथ ही टोक्यो ओलंपिक में खेलने उतरे थे.

    टोक्यो ओलंपिक से पहले मेरे घुटने में चोट लगी थी: बजरंग
    बजरंग टोक्यो से पहले रूस में ही ट्रेनिंग और अपना रिहैबिलिटेशन पूरा कर रहे थे. इसी दौरान ही उन्हें घुटने में चोट लगी थी. लेकिन उन्होंने इसके बारे में अपने माता-पिता को भी नहीं बताया था. उन्होंने कहा कि ओलंपिक के मुकाबले के दौरान मेरे घुटने पर लगी पट्टी देखकर यह अनुमान लगा लिया था कि मुझे चोट लगी हुई है. मां तो मुकाबले के दौरान मेरा घुटना ही देख रही थी. उनकी नजर इसी पर थी. वो मेरे लिए भगवान से प्रार्थना करती रही. उनकी दुआएं रंग लाई और अब उनका बेटा मेडल के साथ देश लौटेगा.

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    ‘ओलंपिक खेलने के लिए चोट को नजरअंदाज किया’
    बजरंग ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं ब्रॉन्ज मेडल से खुश नहीं हूं. क्योंकि मैं देशवासियों को वो मेडल नहीं दे पाया, जिसकी उम्मीद उन्होंने मुझसे लगा रही थी. हालांकि, मेरे लिए यह भी आसान नहीं रहा. क्योंकि डॉक्टरों ने मेरे दाएं घुटने में लगी चोट के कारण आराम की सलाह दी थी. लेकिन मैं ट्रेनिंग करना चाहता था, ताकि ओलंपिक में देश के लिए पदक जीत सकूं. सेमीफाइनल में हार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि एक एथलीट से ज्यादा कोई हार से निराश होता होगा.

    बजरंग ने कहा कि उनका सफर अभी थमा नहीं है और वो भविष्य के टूर्नामेंट के लिए अपनी कमजोरियों को दूर करने पर काम करेंगे. खासतौर पर मैट पर अपने मूवमेंट को और बेहतर करने पर वो जोर देंगे.

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    बजरंग को सेमीफाइनल में अजरबैजान के रेसलर ने हराया था
    बजरंग को दो दिन पहले सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था. उन्हें अजरबैजान के हाजी अलीयेव ने 5-12 से शिकस्त दी थी. इस मुकाबले की शुरुआत से ही विपक्षी पहलवान बजरंग पर हावी रहा और वो मुकाबले में कभी वापसी नहीं कर पाए.

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