Tokyo Olympics को लेकर राहत भरी खबर, टेस्ट इवेंट में कोरोना का सिर्फ एक केस मिला

Tokyo Olympics के टेस्ट इवेंट अप्रैल में हुए थे. इस दौरान खिलाड़ियों की कोरोना  जांच की गई थी. (Tokyo 2020)

Tokyo Olympics के टेस्ट इवेंट अप्रैल में हुए थे. इस दौरान खिलाड़ियों की कोरोना जांच की गई थी. (Tokyo 2020)

Tokyo Olympics के आयोजन पर संशय के बीच राहत भरी खबर आई है. टोक्यो 2020 के अध्यक्ष सीको हाशिमोतो ने बुधवार को कहा कि पिछले महीने हुए टेस्ट इवेंट में कोरोना का सिर्फ एक केस ही मिला.

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नई दिल्ली. इस साल 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होने वाले टोक्यो ओलिंपिक की तैयारियां अंतिम दौर में हैं. इस बीच, खेलों के महाकुंभ को लेकर राहत भरी खबर आई है. टोक्यो 2020 गेम्स की आयोजन समिति के अध्यक्ष सीको हाशिमोतो ने बुधवार को बताया कि पिछले महीने हुए टेस्ट इवेंट में कोरोना का सिर्फ केस मिला. इसके अलावा संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया.

हाशिमोतो ने बोर्ड मीटिंग में बताया कि ओलिंपिक के टेस्ट इवेंट में हिस्सा लेने के लिए आए एक कोच की एयरपोर्ट पर जांच के दौरान कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. इसके बाद कोच को क्वारंटीन कर दिया गया था. इसके अलावा जांच में बाकी कोई खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ का सदस्य संक्रमित नहीं पाया गया था. हाशिमोतो ने एक बार फिर दोहराया कि जुलाई में ओलिंपिक के सफल आयोजन के लिए हर तरह के सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं.

जापान सरकार ओलिंपिक कराने पर अड़ी

इस बीच, जापान के सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेता कोजो यामामोटो ने ये कहा है कि टोक्यो ओलिंपिक तय शेड्यूल के मुताबिक ही होंगे. फिर चाहें बिना दर्शकों के लिए इन खेलों का आयोजन क्यों न करना पड़े. उन्होंने कहा कि जापान इन खेलों की मेजबानी करेगा. ये देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी जरूरी है.
यामामोटो, जो लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की वित्तीय अनुसंधान समिति के प्रमुख हैं, ने यह भी कहा कि सरकार को अक्टूबर या नवंबर में लगभग 26 ट्रिलियन येन (239 बिलियन डॉलर) का अतिरिक्त बजट संकलित करना चाहिए. ताकि कोरोना महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था को लगी मार को झेला जा सके.

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जापान की बड़ी आबादी ओलिंपिक टालने के पक्ष में



एक तरफ सरकार ओलिंपिक को तय समय पर कराने की मुहिम में जुटी हुई है. वहीं, दूसरी ओर जापान की बड़ी आबादी इन खेलों को इस साल भी रद्द करने के पक्ष में हैं. टोक्यो ओलिंपिक के ऑफिशियल पार्टनर अखबार असाही शिंबुन ने भी इन खेलों को रद्द करने की वकालत की है. अखबार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और देश के हेल्थ सिस्टम पर कोरोना के कारण पैदा हुए दबाव की वजह से ओलिंपिक को रद्द करने की मांग की है. वहीं, जापान में इन खेलों को लेकर हो रहे तमाम सर्वे में भी लोग टोक्यो ओलिंपिक को टालने के पक्ष में हैं.

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ओलिंपिक रद्द हुआ तो 1.23 लाख करोड़ का नुकसान होगा

इस बीच, नॉमुरा रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार यदि ओलंपिक और पैरालंपिक गेम्स कोरोना के कारण कैंसिल होते हैं तो जापान को 17 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1.23 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होगा. गेम्स में 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है.

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