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Tokyo Olympic: सेलिंग कोच ने कहा- एशियाड की सफलता को ओलंपिक में दोहराने की कोशिश करेंगे

TOKYO OLYMPIC: गेम्स की शुरुआत 23 जुलाई से हो रही है. (AFP)

TOKYO OLYMPIC: गेम्स की शुरुआत 23 जुलाई से हो रही है. (AFP)

Tokyo Olympic: ओलंपिक के मुकाबले 23 जुलाई से शुरू होने हैं. गेम्स (Tokyo Olympic) में भारतीय नौकायन (Sailing) के खिलाड़ी भी उतरेंगे. वे 2000 से ओलंपिक में उतर रहे हैं. लेकिन अब तक मेडल नहीं जीत सके हैं. कुल 115 भारतीय खिलाड़ी टोक्यो जा रहे हैं.

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    नई दिल्ली. ओलंपिक की नौकायन स्पर्धा (Sailing) में भारत के दो दशक से अधिक के सफर के साक्षी रहे मुख्य कोच इस्माइल बेग की कोशिश एशियाई खेलों में मिली सफलता को ओलंपिक (Tokyo Olympic) में दोहराने की है. लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि खेलों के महासमर में पदक जीतने के लिए अभी इंतजार करना होगा. भारत ने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण समेत 23 पदक जीते हैं, लेकिन ओलंपिक में सिडनी ओलंपिक 2000 में पदार्पण के बाद से अब तक झोली खाली रही है.

    रियो ओलंपिक में भारत के दत्तू भोकानल पुरुषों की एकल स्कल में 13वें स्थान पर रहे थे, जो अब तक भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कहा जा सकता है. टोक्यो ओलंपिक में भारत के अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह लाइटवेट डबल स्कल में चुनौती पेश करेंगे, जिन्होंने मई में टोक्यो में एशिया ओशियाना उपमहाद्वीपीय रेजेटा की अंतिम रेस में दूसरे स्थान पर रहकर क्वालिफाई किया था. पुणे स्थित सेना के नौकायन केंद्र पर इन दोनों के साथ अभ्यास में जुटे बेग ने कहा, ‘कोरोना महामारी की वजह से परेशानी तो है, लेकिन हम तैयारियों से संतुष्ट हैं. चूंकि टोक्यो में ही क्वालिफायर हुआ था, तो वहां का अनुभव हो गया है, जिसका फायदा मिलना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘वहां कड़े कोरोना प्रोटोकॉल का भी अनुभव कर चुके हैं, तो अब इतनी दिक्कत नहीं आनी चाहिए.’

    जापान की परिस्थितियों में काफी अंतर

    जापान और पुणे में अभ्यास की परिस्थितियों में हालांकि काफी अंतर है और महामारी के कारण भारतीय टीम विदेश भी नहीं जा सकी. पुर्तगाल में अभ्यास को मंजूरी मिल गई थी, लेकिन वहां क्वाइंटाइन के कड़े नियमों के कारण दौरा रद्द करना पड़ा. स्लामइ बेग ने कहा, ‘जापान में समुद्र के भीतर ही नोड बनाया हुआ है और वहां काफी तेज हवायें चलती है. यहां पुणे में तो वैसी परिस्थितियां नहीं है और फ्लैट वॉटर है. वहां हवा तेज रहने पर चुनौती कठिन होगी, लेकिन हालात का पता वहां पहुंचकर ही चलेगा.’

    एशियाड में मिल चुके हैं 23 मेडल

    एशियाई खेलों में भारत के लिए बजरंग लाल ताखड़ ने 2010 ग्वांग्झू खेलों में स्वर्ण पदक जीता जबकि जकार्ता में 2018 में हुए खेलों में स्वर्ण सिंह, दत्तू भोकानल, ओम प्रकाश और सुखमीत सिंह की चौकड़ी ने चार की टीम के स्कल वर्ग में पीला तमगा अपने नाम किया था. भारत 1982 से अब तक एशियाड में नौकायन में 23 पदक जीत चुका है. सिडनी 2000 में पहली बार भारत के नौकायन खिलाड़ी कासम खान और इंदरपाल सिंह ने कॉक्सलेस पेयर में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया और उस समय भी बेग ही भारत के कोच थे.

    बी फाइनल में जगह बनाने का लक्ष्य

    स्लाइल बेग ने कहा, ‘एशियाड के प्रदर्शन को ओलंपिक में दोहराने की कोशिश जारी है. हर बार हम बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. थोड़ी मेहनत और जरूरी है और इसी तरह से सहयोग मिलता रहे तो हम जल्दी ही ओलंपिक में पदक जीतेंगे. इसके लिये देश में नौकायन के अधिक केंद्र बनाने की जरूरत भी है.’ उन्होंने कहा, ‘हम प्रदर्शन के मामले में आगे बढ़ रहे हैं लेकिन ओलंपिक के मानदंडों पर देखें तो रफ्तार धीमी है. थोड़ी और तेजी लानी होगी.’ टोक्यो में उनका लक्ष्य अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके बी फाइनल में जगह बनाना है. कुल 18 टीमों से से सातवें से 12वें स्थान की टीम बी फाइनल में रहती है.

    उन्होंने कहा, ‘चौदह स्पर्धाओं में यह अकेली लाइटवेट वर्ग की स्पर्धा है. यह सबसे कठिन में से एक है, जिसमें शरीर का वजन 70 किलो तक बनाकर रखना होता है. हम बी फाइनल में पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. कुल 18 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें बी मतलब सातवें से 12वें स्थान तक की टीमें. अगर यहां पहुंच सके तो बहुत बड़ी उपलब्धि होगी.’ एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता स्वर्ण सिंह 2012 लंदन ओलंपिक में एकल स्कल में 16वें स्थान पर रहे थे जबकि डबल स्कल में मनजीत सिंह और संदीप कुमार 19वें स्थान पर रहे थे.

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