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Tokyo Olympics: अदिति अशोक के लिए काफी दर्दनाक है मिल्‍खा सिंह, पीटी उषा के क्‍लब में शामिल होना

Tokyo Olympics: अदिति अशोक के लिए काफी दर्दनाक है मिल्‍खा सिंह, पीटी उषा के क्‍लब में शामिल होना

Tokyo Olympics: टोक्‍यो ओलंपिक के दौरान भारतीय गोल्फर अदिति अशोक (फोटो-AP)

Tokyo Olympics: टोक्‍यो ओलंपिक के दौरान भारतीय गोल्फर अदिति अशोक (फोटो-AP)

Tokyo Olympics: भारत की युवा गोल्‍फर अदिति अशोक (Aditi Ashok) ने टोक्‍यो ओलंपिक में इतिहास तो रच दिया, मगर वो इसके साथ ही मिल्‍खा सिंह, पीटी उषा, दीपा करमाकर के उस क्‍लब में शामिल हो गई, जिन्‍होंने हार कर भी दुनिया जीत ली.

    नई दिल्‍ली. अदिति अशोक (Aditi Ashok) टोक्‍यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में ऐतिहासिक मेडल जीतने से चूक गई. भारत की युवा गोल्‍फर ने आखिरी होल में मेडल गंवा दिया. जबकि एक समय उन्‍होंने गोल्‍ड तक की भी दावेदारी ठोक दी थी. अदिति चौथे दिन 13वें होल तक दूसरे स्‍थान पर चल रही थी. मगर इसके बाद वह फिसल गई और आखिरी होल में ब्रॉन्‍ज मेडल से भी चूक गईं. अदिति काफी करीब आकर मेडल से चूकीं. वह टोक्‍यो ओलंकिप में चौथे स्‍थान पर रही.
    इसी के साथ वह मिल्‍खा सिंह (Milkha Singh), पीटी उषा, दीपा करमाकर और भारतीय महिला हॉकी टीम के उस क्‍लब में शामिल हो गई, जिन्‍होंने हारकर भी दुनिया जीत ली. हालांकि इस क्‍लब में शामिल होना काफी दर्दनाक होता है. अदिति ओलंपिक में मामूली अंतर से मेडल से चूकने वाले भारतीय खिलाड़ियों के क्‍लब में शामिल हो गई हैं. इस क्‍लब में मिल्‍खा सिंह, पीटी उषा, जॉयदीप करमाकर, अभिनव बिंद्रा, दीपा करमाकर शामिल है.

    मिल्‍खा सिंह: मिल्‍खा सिंह 1960 रोम ओलंपिक में 400 मीटर की रेस में सेकंड के कुछ हिस्‍से से मेडल से चूक गए थे. रोम ओलिंपिक में मिल्‍खा सिंह क्‍वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में दूसरे स्‍थान पर रहे थे. 1960 में 400 मीटर का फाइनल दो दिन बाद हुआ. मिल्‍खा करीब 200 मीटर तक लीड कर रहे थे. मगर फिर उन्‍होंने एक बार पीछे मुड़कर देख लिया था. इसके बाद उन्‍होंने देखा कि तीन चार खिलाड़ी उनसे आगे निकल गए. उन्‍होंने उनसे आगे निकलने की कोशिश की, मगर तब बहुत देर हो गई थी.

    पीटी उषा: 1984 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में 400 मीटर हर्डल में पीटी उषा ने पूरे देश का सिर गौरव से ऊंचा कर दिया. हालांकि वह सेकंड के सौवें हिस्‍से से ब्रॉन्‍ज मेडल जीतने से चूक गई थी.

    महेश भूपति और लिएंडर पेस: 2004 एथेंस ओलंपिक में मैंस डब्‍ल्‍स में महेश भूपति और लिएंडर पेस की जोड़ी चौथे स्‍थान पर रही थी. ब्रॉन्‍ज मेडल मुकाबले में इस जोड़ी को क्रोएशिया की जोड़ी से 6-7, 6-4, 14-16 से हार का सामना करना पड़ा था.

    कुंजारानी देवी: 48 किग्रा वेटलिफ्टिंग में 2004 ओलंपिक में भारत की कुंजारानी देवी चौथे स्‍थान पर रही थीं. उन्‍होंने कुल 190 का स्‍कोर किया था. जबकि ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट खिलाड़ी ने 200 किलो भार उठाया था.

    जॉयदीप करमाकर: 2012 लंदन ओलंपिक में मैंस 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में भारतीय निशानेबाज जॉयदीप करमाकर कुल 699.1 स्‍कोर के साथ चौथे स्‍थान र है. वह ब्रॉन्‍ज मेडल से चूक गए थे.

    अभिनव बिंद्रा: 2008 बीजिंग ओलंपिक के गोल्‍ड मेडलिस्‍ट भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा 2016 रियो ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में मेडल से चूक गए थे. वह टॉप 3 के लिए शूट ऑफ में हार गए थे और उन्‍हें चौथे स्‍थान से संतोष करना पड़ा.

    दीपा करमाकर: 2016 रियो ओलंपिक में भारतीय जिम्‍नास्‍ट दीपा करमाकर भले ही मामूली अंतर से मेडल से चूक गई, मगर आज भी उनकी उस हार को एक जीत की तरह ही देखा जाता है. वह रियो ओलंपिक में महिला वॉल्ट फाइनल में मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूक गयी थीं.

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    सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्‍ना: 2016 रियो ओलंपिक में सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्‍ना की जोड़ी मिक्‍स्‍ड डबल्‍स में चौथे स्‍थान पर रही थी. ब्रॉन्‍ज मेडल मैच में उन्‍हें चेक रिपब्लिक से सीधे सेटों में 1-6, 5-7 से हार का सामना करना पड़ा था

    भारतीय महिला हॉकी टीम: मामूली अंतर से मेडल से चूकने का दर्द टोक्‍यो ओलंपिक में अदिति से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम भी झेल चुकी और अभी तक टीम इस दर्द से बाहर नहीं निकल पाई. ब्रॉन्‍ज मेडल मैच में भारत को ब्रिटेन ने 4-3 से हरा दिया था.

    Tags: Aditi Ashok, Golf, Milkha Singh, Tokyo 2020, Tokyo Olympics, Tokyo Olympics 2020

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