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Controversy: मिल गई ना खुशी... जब मनु भाकर की हार पर यह मैसेज टी-शर्ट पर लिखकर घूम रहे थे कोच जसपाल

Tokyo Olympics 2020: मनु भाकर और जसपाल राणा के बीच ओलंपिक से पहले शुरू हो गया था विवाद (PIC: AP)

जसपाल राणा और मनु भाकर के बीच विवाद ओलंपिक से पहले का है. ओलंपिक से तकरीबन तीन महीने पहले मार्च में नई दिल्ली में मनु भाकर की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में जसपाल राणा सफेद रंग की टीशर्ट पहन कर आए थे, जिस पर हाथ से एक संदेश लिखा हुआ था.

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    नई दिल्ली. ओलंपिक निशानेबाजी में एक बार फिर शीर्ष खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने कोचिंग स्टाफ को ‘पूरी तरह’ से बदलने का वादा किया है. रियो ओलंपिक (2016) की तरह टोक्यो में भी भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है. भारत के रिकॉर्ड 15 निशानेबाजों ने इन खेलों का टिकट कटाया था, लेकिन भारतीय दल अब गलत कारणों से सुर्खियों में है जिसमें टीम में गुटबाजी की खबरें भी सामने आ रही हैं. इस बीच एनआरएआई के प्रमुख रनिंदर सिंह ने मनु भाकर और जसपाल राणा के बीच विवाद के बारे में कुछ खुलासे किए हैं.

    जसपाल राणा और मनु भाकर के बीच विवाद ओलंपिक से पहले का है. ओलंपिक से तकरीबन तीन महीने पहले मार्च में नई दिल्ली में मनु भाकर की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में जसपाल राणा सफेद रंग की टीशर्ट पहन कर आए थे, जिस पर हाथ से एक संदेश लिखा हुआ था. यह संदेश मनु भाकर ने खुद हाथ से लिखकर राणा को भेजा था. वह इवेंट के दौरान इस टीशर्ट को पहनकर घूम रहे थे, जिसमें मनु भाकर को चिंकी यादव के हाथों गोल्ड मेडल गंवाना पड़ा था.

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    इस टीशर्ट पर लिखा था- ”मिल गई ना खुशी… आपको और अभिषेक को मुबारक हो… अपना इगो मुबारक हो…” ओलंपिक में खराब प्रदर्शन के बाद यह घटना सुर्खियों में आ गई है और सवाल उठ रहे हैं कि इस विवाद की वजह से ओलंपिक से तीन महीने पहले क्या जसपाल राणा और मनु भाकर की जोड़ी को तोड़ने का फैसला ठीक था? एनआरएआई ने पदक की उम्मीद मनु भाकर का जूनियर राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा के साथ मनमुटाव होने के बाद भारत के पूर्व निशानेबाज और कोच रौनक पंडित को उन्हें प्रशिक्षित करने का जिम्मा दिया. सिंह ने कहा कि उन्होंने उन दोनों के बीच चीजों को सुलझाने की कोशिश की थी.

    इस पर रनिंदर सिंह का कहना है कि जसपाल राणा लगातार इस बात पर जोर दे रहे थे कि मनु भाकर को ओलंपिक में तीन इवेंट में उतारना ठीक नहीं है. ऐसे में खुद मनु और उनके परिवार को जसपाल का यह व्यवहार असंवेदनशील लग रहा था. उन्होंने कहा कि मैं खुद भी नहीं समझ पा रहा था कि जसपाल ऐसा क्यों कर रहे हैं. वो तो हमेशा ही चयन के आधार पर ही भरोसा करते थे. उन्होंने जसपाल राणा को नकारात्मक बताया.

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    एनआरएआई के प्रमुख रनिंदर सिंह ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं है और मैंने कोचिंग और सहयोगी सदस्यों में बदलाव की बात कही है.’’ उन्होंने यह बातें राइफल और पिस्टल निशानेबाजों द्वारा मिश्रित टीम स्पर्धाओं के क्वालीफिकेशन चरणों को पार करने में विफल रहने के बाद कही. उन्होंने कहा कि महासंघ और अन्य संबंधित हितधारकों ने खेलों के लिए निशानेबाजों को तैयार करने में मदद करने के लिए हर संभव प्रयास किया. इसमें ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा के नेतृत्व वाले पैनल की सिफारिशों को लागू करना शामिल है, जो पांच साल पहले रियो दि जिनेरियो में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बना था.

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