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Tokyo Olympics : 'आर्मी मैन' बॉक्सर सतीश यादव के परिवार को भी उम्मीद, टोक्यो में जीतेंगे गोल्ड

बॉक्सर सतीश यादव टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. उनकी पत्नी सविता यादव ने बताया है कि बेटा मीत अभी से बॉक्सिंग सीख रहा है. (News18)

बॉक्सर सतीश यादव टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. उनकी पत्नी सविता यादव ने बताया है कि बेटा मीत अभी से बॉक्सिंग सीख रहा है. (News18)

सतीश कुमार यादव ने टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. यूपी के बुलंदशहर में एक किसान परिवार के घर जन्मे सतीश के बड़े भाई भी सेना में हैं. सतीश ने 2008 में एक सिपाही के रूप में आर्मी ज्वाइन की. वह कुमाऊं रेजिमेंट रानीखेत चले गए, जहां उन्हें बॉक्सिंग कैंप में लंबाई के कारण चुना गया था.

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नई दिल्ली. भारत के हैवीवेट मुक्केबाज सतीश कुमार यादव (Satish Kumar Yadav) टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. सतीश ने प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में जमैका के मुक्केबाज रिकार्डो ब्राउन को शिकस्त दी. सतीश अब रविवार को क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज बखोदिर जलोलोव से भिड़ेंगे. सतीश के परिजनों को उम्मीद है कि वह टोक्यो में गोल्ड मेडल जीतकर स्वदेश लौटेंगे. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले सतीश भारतीय सेना की 11वीं कुमाऊं रेजीमेंट में बतौर सूबेदार मेजर कार्यरत हैं.

सतीश कुमार यादव के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद से उनके घर पर खुशी का माहौल है. इसके अलावा सोसाइटी के लोग उनके घर जाकर बधाई दे रहे हैं. सतीश की पत्नी सविता ने बताया कि उनके गांव बिसरख में भी खुशियों का माहौल है. लोगों को सतीश की कामयाबी पर फक्र है. सविता ने बताया कि बेटा मीत अभी से ही बॉक्सिंग करना सीख रहा है. उन्होंने बताया कि बाकी परिवार बुलंदशहर में ही रह रहा है.

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वहीं, नोएडा के सेक्टर-68 में रहने वाले उनके मामा ज्ञान सिंह बताया कि सतीश ने भारत का नाम रोशन किया है और हमें उम्मीद है कि वह भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लौटेंगे. बुलंदशहर के एक किसान के घर पैदा हुए सतीश कुमार अपने बड़े भाई जयप्रकाश की तरह सेना में शामिल होना चाहते थे. उन्होंने 2008 में एक सिपाही के रूप में आर्मी ज्वाइन की. वह कुमाऊं रेजिमेंट रानीखेत चले गए, जहां उन्हें एक मुक्केबाजी शिविर के दौरान उनकी लंबाई के चलते चुना गया.

बॉक्सर सतीश के घर पर खुशी का माहौल है. उनके मामा ज्ञान सिंह ने उम्मीद जताई कि सतीश टोक्यो में गोल्ड जीतेंगे. (News18)

साल 2018 में भारत सरकार ने सतीश को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था. सबसे पहले बारी आई एशियाई खेल-2014 की जहां सतीश ने 91 किग्रा मुक्केबाजी में रजत पदक हासिल कियाय अब उनके सामने अपने करियर का शानदार प्रदर्शन करने का मौका है. मुक्केबाज सतीश कुमार 7 बार राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं.

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