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Tokyo Olympics: IOC अध्यक्ष की खिलाड़ियों को चेतावनी, ओलंपिक पोडियम का ना हो राजनीतिक इस्तेमाल

Tokyo Olympics: IOC अध्यक्ष की खिलाड़ियों को चेतावनी, ओलंपिक पोडियम का ना हो राजनीतिक इस्तेमाल

Tokyo Olympics: IOC अध्यक्ष थॉमस बाक ने खिलाड़ियों को ओलंपिक पोडियम का राजनीतिक इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है. (Thomas Bach Twitter)

Tokyo Olympics: IOC अध्यक्ष थॉमस बाक ने खिलाड़ियों को ओलंपिक पोडियम का राजनीतिक इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है. (Thomas Bach Twitter)

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ (IOC) के अध्यक्ष थॉमस बाक (Thomas Bach) ने टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के शुरू होने से सात दिन पहले खिलाड़ियों को चेतावनी दी है. उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वो ओलंपिक पोडियम का निजी विचारों और राजनीतिक प्रदर्शन के तौर पर इस्तेमाल ना करें.

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    नई दिल्ली. टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) के शुरू होने में अब सात दिन ही बचे हैं. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ (IOC) के अध्यक्ष थॉमस बाक(Thomas Bach) ने खिलाड़ियों को चेतावनी दी है. उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वो ओलंपिक पोडियम का अपने निजी विचारों और राजनीतिक प्रदर्शन या विरोध के तौर पर इस्तेमाल ना करें. आईओसी ने इसी महीने ओलंपिक चार्टर के रूल 50 में ढील दी थी. इस नियम के तहत पहले एथलीट्स को किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन की मनाही थी. लेकिन अब वो मैदान पर अपनी खुशी जताने के लिए इशारा कर सकते हैं.

    खिलाड़ियों को खुशी का इजहार करने के दौरान यह ध्यान रखना होगा कि इससे न तो किसी खिलाड़ी का सम्मान प्रभावित हो और ना ही खेल में किसी तरह की बाधा आए. हालांकि, इसके बाद भी अगर खिलाड़ी ने टोक्यो ओलंपिक के दौरान पोडियम पर किसी तरह का विरोध जताया, तो उनके प्रतिबंधित होने का खतरा रहेगा.

    पोडियम को राजनीति का अखाड़ा नहीं बना सकते: बाक
    बाक ने फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में कहा कि पोडियम और मेडल सेरेमनी राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन का मंच नहीं बन सकती है. ये समारोह मैदान पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए होता है. इसमें किसी को निजी विचार रखने नहीं दिया जा सकता है. ओलंपिक मिशन पूरी दुनिया को एक स्थान पर एकसाथ रखने और एक-दूसरे के साथ शांतिपूर्वक प्रतिस्पर्धा के लिए होता है. अगर खेल में किसी तरह का बंटवारा हो जाए तो आप इस सोच या मिशन को कभी पूरा नहीं कर पाएंगे.

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    ओलंपिक में विरोध जताने की घटनाएं पहली हो चुकी हैं
    वैसे ओलंपिक में एथलीट्स के विरोध की घटनाएं कम ही हुईं हैं. 1968 के मेक्सिको ओलंपिक में अमेरिका के अश्वेत धावक टॉमी स्मिथ और जॉन कार्लोस को नस्लीय असमानता का विरोध करने के लिए जरूर निष्कासित कर दिया गया था. तब इन दोनों ने पोडियम पर अपना सिर झुकाया था और अपने हाथ में पहने काले दस्ताने दिखाए थे. 2016 के रियो ओलंपिक में भी इथोपिया के मैराथन धावक फेइिसा लिलेसा ने अपने ओरोमो जनजाति के सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए फिनिश लाइन क्रॉस करने के बाद विरोध जताया था.

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    रंगभेद के खिलाफ ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान चल रहा
    एक दिन पहले ही ब्रिटेन की महिला फुटबॉल टीम की कोच हेग रीस ने कहा था कि उनके खिलाड़ी नस्लवाद के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए टोक्यो ओलंपिक में मैच से पहले घुटने टेकेंगे. इस तरह से विरोध पहली बार अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी कॉलिन कैपरनिक ने किया था. इसके बाद से ही पूरी दुनिया में ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन तेज हुआ था.

    Tags: Olympics, Olympics 2020, Thomas Bach, Tokyo 2020, Tokyo Olympics, Tokyo Olympics 2020

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