होम /न्यूज /खेल /ओलंपिक मेडलिस्ट रेसलर रवि दहिया वंचित बच्चों की करेंगे मदद, 'शिक्षा ना रुके' मिशन से जुड़े

ओलंपिक मेडलिस्ट रेसलर रवि दहिया वंचित बच्चों की करेंगे मदद, 'शिक्षा ना रुके' मिशन से जुड़े

रवि दहिया ने दिल्ली में संस्था के एक सेंटर में बच्चों से मुलाकात की और अपनी सफलता की कहानी भी शेयर की. (News18)

रवि दहिया ने दिल्ली में संस्था के एक सेंटर में बच्चों से मुलाकात की और अपनी सफलता की कहानी भी शेयर की. (News18)

रवि दहिया (Ravi Dahiya) इस अभियान से तहत संस्था के अलग-अलग सेंटर का दौरा करेंगे और बच्चों से भी मुलाकात करेंगे. वह बच्च ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट रेसलर रवि दहिया (Ravi Dahiya) के साथ स्माइल फाउंडेशन ने अपनी शैक्षिक पहल ‘शिक्षा ना रुके’ के लिए हाथ मिलाया है. इस पहल का मकसद वंचित बच्चों को शिक्षित बनाना है. रवि उन बच्चों के लिए संस्था के साथ काम करेंगे, जिनके पास इंटरनेट, लैपटॉप या स्मार्ट फोन तक पहुंच नहीं है. इस अभियान के तहत रवि दहिया संस्था के अलग-अलग सेंटर का दौरा करेंगे और बच्चों से भी मिलेंगे. वह बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे और उन्हें खेल के लिए प्रोत्साहित करेंगे. वह बच्चों को खेल में करियर बनाने के बारे में भी सुझाव देंगे.

    रवि दहिया दिल्ली में फाउंडेशन के दक्षिणी दिल्ली सेंटर पर पहुंचे. इस मिशन के साथ जुड़ने को लेकर रवि दहिया ने कहा, ‘मैं इस तरह के उद्देश्य के लिए संस्था के साथ जुड़ने पर काफी खुश हूं. मुझे उम्मीद है कि यह अभियान उन वंचित बच्चों के सामने आने वाली समस्याओं के बारे में जागरुकता बढ़ाएगा, जिनके पास ऑनलाइन शिक्षा की सुविधा नहीं है. महामारी ने वंचित बच्चों के लिए जीवन को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया. ऐसे में मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप जैसे गैजेट्स के माध्यम से शिक्षा की पहुंच रही, जो उनकी पहुंच से दूर था. ‘शिक्षा ना रुके’ नाम का यह अभियान संस्था ने शुरू किया है ताकि सभी बच्चे सपने देखना जारी रख सकें.’

    इसे भी पढ़ें, भारत की हॉकी टीमें कॉमनवेल्थ गेम्स से हटीं, ब्रिटेन को दिया करारा जवाब

    इस मौके पर उनके साथ फाउंडेशन के सीओओ संजीव धाम भी मौजूद रहे जिन्होंने रवि के संस्था से जुड़ने की घोषणा की. संजीव ने कहा, ‘हम वास्तव में शिक्षा को सभी बच्चों तक पहुंच बनाने में विश्वास करते हैं. ‘शिक्षा ना रुके’ पहल देश भर में वंचित बच्चों के लिए ऐसा करने के लिए तैयार है. रवि दहिया के इस मिशन से जुड़ने पर हमें बेहद खुशी है.’

    ‘शिक्षा ना रुके’ अभियान के लिए देश के 22 राज्यों में संस्था के 201 मिशन शिक्षा केंद्रों में लगभग 50,000 छात्र नामित हैं. इस पहल का लक्ष्य देश भर में कठिन परिस्थितियों में रहने वाले अन्य 50,000 बच्चों तक शिक्षा की पहुंच को सक्षम करना है. रवि दहिया मे इस दौरान छात्रों के साथ बातचीत की और ओलंपिक पदक तक की अपनी यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने संसाधनों की कमी और अन्य कठिनाइयों का सामना किया. दहिया ने साथ ही बताया कि किस तरह उनके माता-पिता का समर्थन ही उनकी सफलता की कुंजी बना.

    Tags: Ravi Dahiya, Sports news, Tokyo olympic 2020, Tokyo Olympics

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें