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Tokyo Olympics: दांव पर था एक गोल्ड, जिगरी दाेस्तों के कारण देने पड़े 2 पीले मेडल

Tokyo Olympics: दांव पर था एक गोल्ड, जिगरी दाेस्तों के कारण देने पड़े 2 पीले मेडल

Tokyo Olympics: कतर के मुताज बर्सहिम (दाएं) और इटली के गेनमार्को तेम्बेरी दोनों गोल्ड मेडल मिला. (AP)

Tokyo Olympics: कतर के मुताज बर्सहिम (दाएं) और इटली के गेनमार्को तेम्बेरी दोनों गोल्ड मेडल मिला. (AP)

Tokyo Olympics: ओलंपिक गेम्स में रोजाना कई रिकॉर्ड बन रहे हैं. 23 जुलाई से शुरू हुए गेम्स में 200 से अधिक देश के 11 हजार से अधिक एथलीट उतरे हैं. मुकाबले 8 अगस्त तक चलने हैं. मुताज बर्सहिम (Mutaz Essa Barshim) और गेनमार्को तेम्बेरी (Gianmarco Tamberi) दोनों को संयुक्त रूप से हाई जंप का गोल्ड मेडल मिला.

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    टोक्यो. ओलंपिक या अन्य किसी बड़ी प्रतियोगिता के व्यक्तिगत इवेंट में एक ही गोल्ड मेडल दिया जाता है. लेकिन टोक्यो (Tokyo Olympics) में करिश्मा देखने को मिला. एक इवेंट में दो खिलाड़ियों को गोल्ड मिले. दोनों खिलाड़ी दो देश के हैं, लेकिन अच्छे दोस्त भी हैं. मुताज बर्सहिम (Mutaz Essa Barshim) और गेनमार्को तेम्बेरी (Gianmarco Tamberi) दोनों को संयुक्त रूप से हाई जंप का गोल्ड मेडल मिला. 23 जुलाई से 8 अगस्त तक चलने वाले गेम्स में 200 से अधिक देशों के 11 हजार से अधिक एथलीट उतर रहे हैं. जापान में तीसरी बार ओलंपिक हो रहे हैं.

    टोक्यो में रविवार देर शाम हाई जंप के रोमांचक मुकाबले देखने को मिले. कतर के मुताज बर्सहिम (Mutaz Essa Barshim), इटली के गेनमार्को तेम्बेरी (Gianmarco Tamberi) और और बेलारूस के माकसिम तीनों ने ही 2.37 का मार्क हासिल किया. लेकिन तीनों एथलीट 2.39 के मार्क तक नहीं पहुंच सके. लेकिन माकसिम दो जंप सही से नहीं कर सके थे. इस कारण वे तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला. लेकिन मुताज बर्सहिम और तेम्बेरी के बीच गोल्ड का मुकाबला होना था. लेकिन बर्सहिम ने अधिकारियों से पूछा- क्या हम दोनों को गोल्ड मिल सकता है. अधिकारियों ने जैसे ही हां कहा, वे खुशी से उछल पड़े.

    गोल्ड जीतने वाले इटली के पहले पुरुष खिलाड़ी

    गेनमार्को तेम्बेरी इटली के लिए ओलंपिक में हाई जंप में गोल्ड मेडल जीतने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी हैं. इससे पहले 1980 मास्को ओलंपिक गेम्स में सारा सिमोनी ने महिला इवेंट में ऐसा किया था. तेम्बेरी ने कहा, “चोटिल होने के बाद मेरा इरादा सिर्फ खेल में वापसी करने का था. पर अब मेरे पास यह गोल्ड मेडल है. यह एक अविश्वसनीय लम्हा है.” उन्होंने कहा कि 2017 रियो के पहले मुझे बताया गया था की मैं शायद फिर कभी ना उतर सकूं. तब से लेकर आज तक का यह सफर बेहद लंबा रहा है.

    11 महीने तक मैदान पर नहीं उतर सके

    जुलाई 2018 में हंगरी में गेनमार्को तेम्बेरी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने के प्रयास में अपना घुटना चोटिल कर लिया था. इसके बाद वे 11 महीने तक मैदान पर नहीं उतर सके थे. 2016 रियो ओलंपक के पहले भी वे चोटिल हुए थे. ऐसे में कहा जा रहा था कि वे शायद कभी भी वापसी नहीं कर सकेंगे. लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. कतर के मुताज बर्सहिम का यह लगातार तीसरा ओलंपिक मेडल है. उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज, जबकि 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. लेकिन यहां गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने खुद का नाम इतिहास में दर्ज करा लिया है.

    क्या नियम के तहत दिए गए दो गोल्ड

    अब सवाल उठता है कि क्या नियम के तहत दो गोल्ड मेडल दिए गए. इसका जवाब- हां में है. इवेंट में तीन मेडल होते हैं और आयोजकों की ओर से तीन ही मेडल दिए गए. दो गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल. विशेष परिस्थितयाें के लिए यह प्रावधान ओलंपिक कमेटी की ओर से बनाया गया है. इस बार कोरोना के कारण वैसे भी कई नियम जोड़े गए थे.

    Tags: Off The Field, Olympics, Olympics 2020, Tokyo 2020, Tokyo Olympics, Tokyo Olympics 2020

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