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Tokyo Olympics: एथलेटिक ट्रैक की वजह से टोक्यो में बना रिकॉर्ड! खिलाड़ियों ने बताईं खास बातें

Tokyo Olympics: इलेन थॉम्पसन ने ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता. (AP)

Tokyo Olympics: इलेन थॉम्पसन ने ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता. (AP)

Tokyo Olympics: टोक्यो ओलंपिक में अब तक धावकों ने दो ओलंपिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है. 23 जुलाई से 8 अगस्त तक गेम्स होने हैं. 200 से अधिक देश के 11 हजार से अधिक एथलीट उतर रहे हैं. चीन पदक तालिका में टॉप पर चल रहा है.

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    टोक्यो. जमैका की महिला रेसर इलेन थॉम्पसन हेरा (Elaine Thompson Herah) ने महिलाओं की 100 मीटर फर्राटा दौड़ में शनिवार को फ्लोरेंस ग्रिफिथ जॉयनर के 33 साल पुराने ओलंपिक रिकॉर्ड को तोड़ कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. खेलों के विशेषज्ञ इसका श्रेय थॉम्पसन हेरा की मेहनत के साथ ओलंपिक स्टेडियम के एथलेटिक ट्रैक को भी दे रहे है. उनका मानना है कि ट्रैक के कारण टोक्यो में अगले कुछ दिनों में एथलीट व्यक्तिगत, ओलंपिक और संभवत: वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना सकते हैं.  200 से अधिक देश के 11 हजार से अधिक एथलीट टोक्यो पहुंचे हैं. चीन पदक तालिका में टॉप पर चल रहा है.

    लाल ईंट जैसी रंगों वाली इस ट्रैक को मोंदो कंपनी ने तैयार किया है. कंपनी के अनुसार यह विशेष सतह, तीन-आयामी रबर के कणिकाओं (ग्रेनुएल्स) से बनी है, जिसे विशेष ‘वल्केनाइजेशन प्रक्रिया’ से तैयार किया गया है. उन्होंने कहा, ‘वल्केनाइजेशन प्रक्रिया में कणिकाओं और आस-पास के पदार्थ के बीच मजबूत जोड़ बनाता है, जिससे एक ठोस परत का निर्माण होता है.’ कंपनी ने बताया कि इसकी ऊपरी सतह में लचीलापन है और अंदर के सतह में एयर बबल्स (हवा) है, जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है.

    बाकेर ने कहा- बेहतरीन ट्रैक में से एक

    अमेरिका के 100 मीटर के फर्राटा धावक रोनी बाकेर ने इस सतह के बारे में कह, ‘इस पर ऐसा लगता है जैसे की मैं बादलों में चल रहा हूं. यह वास्तव काफी शानदार है. यह एक बेहतरीन ट्रैक है. मैं जितने भी ट्रैक पर दौड़ा हूं, यह उसमें सर्वश्रेष्ठ है.’ इस ट्रैक पर टोक्यो की गर्मी का भी असर हो रहा है. अमेरिका के 800 मीटर के धावक क्लेटोन मर्फी ने कहा, ‘हां, यह काफी तेज है. यहां जीतने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करना होगा.’

    नवंबर 2019 में किया गया था तैयार

    इस ट्रैक को अगस्त 2019 से नवंबर तक के चार महीने में तैयार किया गया था. दक्षिण अफ्रीकी स्प्रींटर अकानी सिंबिने ने कहा, ‘आप इसे महसूस कर सकते है. आपको पता होता है कि तेज ट्रैक कैसा होता है और हम लोगों के लिए यह ट्रैक काफी तेज है. मैं इस पर दौड़ने का इंतजार कर रहा हूं.’ थॉम्पसन-हेरा ने 10.61 सेकंड का समय लिया, जो ग्रिफिथ जॉयनर के 1988 सियोल ओलंपिक (1988) में बनाए 10.62 सेकंड के रिकॉर्ड से बेहतर है.

    यह भी पढ़ें: Tokyo Olympics: महिलाओं के दम पर अमेरिका को पछाड़कर चीन टॉप पर, भारत को भी 2 मेडल

    इसके अलावा नार्वे के कार्सटन वारहोल्म ने पुरुषों के 400 मीटर बाधा दौड़ में 46.70 सेकंड के समय के साथ 1992 ओलंपिक में कायम रिकॉर्ड को तोड़ा. कई जानकार हालांकि इसका श्रेय एथलीटों के जूतों को भी दे रहे है. थॉम्पसन-हेरा से जब उनके प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘इसका श्रेय अभ्यास को जाता है. ट्रैक और जूते से कोई खास फर्क नहीं पड़ा.’

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