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Tokyo Paralympics: सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड मेडल

Tokyo Paralympics: सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड मेडल

भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता. (Twitter/VideoGrab)

भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता. (Twitter/VideoGrab)

हरियाणा के सुमित अंतिल (Sumit Antil) ने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) में सोने का तमगा हासिल किया. वह पहली बार पैरालंपिक खेलों में हिस्सा ले रहे हैं. सुमित ने 68.55 मीटर का थ्रो किया और विश्व रिकॉर्ड बनाया.

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    नई दिल्ली. भारतीय भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल (Sumit Antil) ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) में गोल्ड मेडल जीतकर सोमवार को इतिहास रचा. उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए सोने का तमगा अपने नाम किया. पहली बार पैरालंपिक खेलों में खेलते हुए सुमित ने जेवलिन थ्रो के F-64 इवेंट के अपने दूसरे प्रयास में 68.08 मीटर का थ्रो किया और विश्व रिकॉर्ड बना डाला. इसके बाद उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में इसे और सुधारा और 68.55 मीटर के थ्रो के साथ विश्व रिकॉर्ड कायम किया.

    सुमित ने अपने पहले प्रयास में 66.95 मीटर दूर भाला फेंका जो भी एक रिकॉर्ड है. दूसरे प्रयास में इसे और बेहतर किया और 68.08 मीटर का थ्रो किया. फिर तीसरे प्रयास में 65.27, चौथे प्रयास में 66.71 और 5वें प्रयास में सुमित ने 68.55 मीटर का थ्रो किया.

    इसे भी पढ़ें, देवेंद्र झाझरिया ने टोक्यो पैरालंपिक का अपना सिल्वर मेडल दिवंगत पिता को समर्पित किया

    ऑस्ट्रेलिया के माइकल बरियन ने 66.29 मीटर थ्रो की बदौलत सिल्वर मेडल जीता. श्रीलंका के दुलन कोडिथुवक्कू ने 65.61 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज जीता. इसी इवेंट के F-44 क्लास में भारत के ही संदीप चौथे स्थान पर रहे जिन्होंने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 62.20 मीटर का थ्रो किया.

    सुमित ने टोक्यो पैरालंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया. (PC- DDSports/Twitter)

    करीब 6 साल पहले सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवाने वाले सुमित ने बुलंद हौसलों, मेहनत और जज्बे के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. हरियाणा के रहने वाले सुमित तीन बहनों के इकलौते भाई हैं. सुमित जब 7 साल के थे, तब एयरफोर्स में तैनात उनके पिता की बीमारी से मौत हो गई थी. साल 2015 में जब सुमित ट्यूशन लेकर अपने घर वापस आ रहे थे, तभी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी. इसी हादसे में सुमित को अपना एक पैर गंवाना पड़ा था और वह कई महीनों तक बिस्तर पर रहे.

    Tags: Indian Paralympics, Javelin Throw, Sports news, Tokyo Paralympics, Tokyo Paralympics 2020

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