अमेरिका ने ओलंपिक के लिए जापान यात्रा करने के प्रति चेताया, मेजबान ने दिया जवाब

अमेरिकी नागरिकों को जापान की यात्रा करने के प्रति आगाह किया है. (AP)

अमेरिकी नागरिकों को जापान की यात्रा करने के प्रति आगाह किया है. (AP)

जापान की सरकार ने मंगलवार को इन चिंताओं को खारिज किया कि अमेरिका की अपने नागरिकों को जापान की यात्रा करने से बचने की चेतावनी देने का आगामी टोक्यो खेलों में हिस्सा लेने के बारे में सोच रहे ओलंपियन पर असर पड़ेगा.

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वाशिंगटन. अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों और गृह विभाग ने अमेरिकी नागरिकों को जापान की यात्रा करने के प्रति आगाह किया है जो दो महीने के अंदर ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी नागरिकों को जापान की यात्रा करने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है, लेकिन इससे यात्रियों की बीमा दरों पर असर पड़ सकता है. इससे खिलाड़ी जुलाई में शुरू होने वाले ओलंपिक खेलों में भाग लेने पर पु​नर्विचार कर सकते हैं. हालांकि, जापान की सरकार ने मंगलवार को इन चिंताओं को खारिज किया कि अमेरिका की अपने नागरिकों को जापान की यात्रा करने से बचने की चेतावनी देने का आगामी टोक्यो खेलों में हिस्सा लेने के बारे में सोच रहे ओलंपियन पर असर पड़ेगा.

अभी यह पता नहीं चला है कि इस चेतावनी का ओलंपिक के लिए जापान जाने वालों पर क्या असर पड़ेगा. अटलांटा स्थित रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने सोमवार को कोविड-19 से संबंधित नये दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा, ''यात्रियों को जापान की यात्रा करने से बचना चाहिए. जापान की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यहां तक कि सभी टीके लेने वाले यात्रियों से भी कोविड के विभिन्न प्रकारों के संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है.''

अमेरिका के गृह विभाग ने इसके बाद अधिक कड़ी चेतावनी जारी की. इसमें कहा गया है, ''कोविड-19 को देखते हुए जापान की यात्रा न करें.'' अमेरिका की ओलंपिक और पैरालंपिक समिति ने हालांकि उम्मीद जताई कि उनके खिलाड़ी टोक्यो खेलों में भाग लेंगे. अमेरिका ने अपने देश के नागरिकों के जापान की यात्रा करने पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन इस चेतावनी का बीमा की दरों पर असर पड़ सकता है और साथ ही 23 जुलाई से शुरू होने वाले खेलों में हिस्सा लेने पर विचार कर रहे खिलाड़ियों और अन्य प्रतिभागियों का फैसला प्रभावित हो सकता है.

जापान के अधिकतर बड़े शहर आपातकाल की स्थिति का सामना का रहे हैं और कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण जून के मध्य तक यही स्थिति रहने की उम्मीद है. इससे चिंता बढ़ गई कि अगर अस्पतालों पर इसी तरह दबाव रहेगा और देश में इतने कम लोगों का टीकाकरण होगा तो जापान में ओलंपिक के लिए आने वाले हजारों प्रतिभागियों की मौजूदगी से कैसे निपटा जाएगा. जपान के मुख्य कैबिनेट सचिव कात्सुनोबु केतो ने मंगलवार को नियमित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अमेरिका चेतावनी में जरूरी यात्रा को प्रतिबंधित नहीं किया गया है और जापान का मानना है कि ओलंपिक के आयोजन को लेकर टोक्यो के प्रयासों के लिए अमेरिकी समर्थन में कोई बदलाव नहीं आया है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि खेलों के आयोजन को लेकर जापान की सरकार की प्रतिबद्धता के समर्थन पर अमेरिका की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है.’’ केतो ने कहा कि वाशिंगटन ने टोक्योसे कहा है कि यात्रा चेतावनी अमेरिकी ओलंपिक टीम के प्रतिनिधित्व से नहीं जुड़ी है.

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत 23 जुलाई से होनी है, लेकिन कोरोना (Covid-19) के कारण इस बार गेम्स में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. टोक्यो को जब गेम्स की मेजबानी सौंपी गई थी तब उसने स्वयं को सुरक्षित स्थल के रूप में पेश किया था, जबकि इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) के तत्कालीन उपाध्यक्ष क्रेग रीडी ने ब्यूनस आयर्स में 2013 में वोटिंग के बाद कहा था कि निश्चित रूप से यह अहम मुद्दा होगी.

गेम्स पिछले साल ही होने थे, लेकिन कोरोना के कारण इसे एक साल के लिए टाल दिया गया था. कोविड-19 के बढ़ते मामलों और जापान में खेलों के आयोजन को लेकर जनता के विरोध के बावजूद आयोजक और आईओसी गेम्स के आयोजन पर जोर दे रहे हैं. इस बार विदेशी फैंस के आने पर रोक लग सकती है. उत्तर कोरिया की टीम पहले ही खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए गेम्स के हट चुकी है.

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