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एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले इस खिलाड़ी को है नौकरी की तलाश

एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में गुरुवार को भारत के विवेक चिकारा ने गोल्ड मेडल हासिल किया था. यह प्रतियोगिता हर दो साल में एक बार होती है. चिकारा ने 2020 पैरालम्पिक के लिए कट हासिल कर लिया है. वह इस साल की शुरुआत में हेट्रोगेनबॉश में आयोजित वर्ल्ड पैरा चैम्पियनशिप में पुरुषों की रिकर्व ओपन कटेगरी में संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर रहे थे.

एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में गुरुवार को भारत के विवेक चिकारा ने गोल्ड मेडल हासिल किया था. यह प्रतियोगिता हर दो साल में एक बार होती है. चिकारा ने 2020 पैरालम्पिक के लिए कट हासिल कर लिया है. वह इस साल की शुरुआत में हेट्रोगेनबॉश में आयोजित वर्ल्ड पैरा चैम्पियनशिप में पुरुषों की रिकर्व ओपन कटेगरी में संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर रहे थे.

पैरा एशियन आर्चरी चैंपियनशिप (Para Asian Archery Championship) में गोल्ड जीतने वाले विवेक चिकारा (Vivek Chikara) के पास ...अधिक पढ़ें

    सोनीपत. थाइलैंड (Thailand) की राजधानी बैंकॉक (Bankok) में चल रही एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप (Asian Para Archery Championship) में गुरुवार को भारत के विवेक चिकारा (Vivek Chikara) ने गोल्ड मेडल हासिल किया. पुरुषों के रीकर्व ओपन इवेंट में गुरुवार को 29 वर्षीय चिकारा (Vivek Chikara) ने 7-1 से चीन के सिजान वांग को पीछे कर मेडल अपने नाम किया. यह प्रतियोगिता हर दो साल में एक बार होती है. टीम ने बुधवार को मलेशिया (Malaysia) की टीम को 6-2 के अंतर से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. ब्रॉन्ज हासिल करने वाली टीम में कैथल से हरविद्र सिंह, यूपी से विवेक चिकारा व रोहतक से राजेश कुमार शामिल रहे.

    सड़क हादसे के बाद विवेक खोया था पैर
    विवेक चिकारा ने एमबीए किया था और वह प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे. दो साल पहले एक सड़क हादसे में उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा. हादसे के कारण उनकी नौकरी भी छूट गई. इसके बाद उनके पिता उन्हें मेरठ के गुरुकुल लेकर आए. इसके बाद से उन्होंने कोच सत्यदेव का साथ नहीं छोड़ा. 2004 के ओलंपियन और ध्यानचंद अवार्डी कोच सत्यदेव बताते हैं जहां भी वह गए विवेक उनके साथ रहे. वह दिल्ली आए तो विवेक ने वहां कमरा ले लिया अब वह सोनीपत में हैं तो वह वहां भी किराए पर आ गए. बैंकॉक में यह उनका पहला इंटरनेशनल मेडल है.

    नौकरी की तलाश में चिकारा
    विवेक चिकारा (Vivek Chikara) ने बताया कि जब उन्होंने आर्चरी की प्रेक्टिस के लिए कंपनी से समय मांगा तो उन्होंने कहा कि विवेक को ओवर टाइम करना होगा. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी . विवेक ने बताया कि पहले वह अपने परिवार वालों को पैसे भेजा करते थे पर अब उन्हें अपने खर्चे के लिए पिता से पैसे लेने पड़ते हैं जिसका उन्हें बहुत दुख होता है लेकिन उनके पास कोई उपाय नहीं है.
    उन्हें कहा कि वह जल्द से जल्द नई नौकरी चाहते हैं ताकी वह खुद का खर्च उठा सके. एशियन आर्चरी चैंपियनशिप उनका तीसरा इंटरनेशनल टूर्नामेंट था. वह पहले ही टोक्यो पैराओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं. वह इस साल की शुरुआत में हेट्रोगेनबॉश में आयोजित वर्ल्ड पैरा चैंपियनशिप में पुरुषों की रिकर्व ओपन कटेगरी में संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर रहे थे.

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    Tags: Archery Tournament, Sports news

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