आखिर 2021 में हो रहे यूरो कप को क्यों कहा जा रहा Euro 2020?

यूरो कप या यूरोपियन चैम्पियनशिप का आयोजन पहली बार 1960 में हुआ था. (Euro 2020 Twitter)

यूरो कप या यूरोपियन चैम्पियनशिप का आयोजन पहली बार 1960 में हुआ था. (Euro 2020 Twitter)

यूरो कप (Euro Cup) 1960 में शुरू हुआ था. 2020 में इसके 60 साल पूरे हुए थे. लेकिन कोरोना के कारण टूर्नामेंट को 2021 तक टालना पड़ा. ऐसे में 60 साल पूरे होने का जश्न और इससे जुड़ी परंपरा का सम्मान करने के लिए यूईएफए (UEFA) ने 2021 में होने वाली चैम्पियनशिप को भी यूरो 2020 (Euro 2020) का ही नाम दिया.

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नई दिल्ली. कोरोनावायरस के बीच इस बात को लेकर संदेह था कि पिछली बार टाली गई यूरोपियन फुटबॉल चैम्पियनशिप (European Football Championship) का आयोजन इस बार भी हो पाएगा या नहीं. लेकिन अच्छी बात है कि यूरो 2020 (Euro 2020) तय शेड्यूल के मुताबिक 11 जून से शुरू होगा. हालांकि, टूर्नामेंट के 60 साल के इतिहास में पहली बार मुकाबले 11 अलग-अलग शहरों में होंगे. लेकिन इस बात को लेकर काफी चर्चा हो रही है कि 2021 में हो रही यूरोपियन चैम्पियनशिप को आखिर क्यों यूरो 2020 कहा जा रहा है. इसके पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है.

यूरो 2020 का आयोजन पिछले साल ही होना था. लेकिन कोरोनावायरस के कारण इसे एक साल टालना पड़ा. हालांकि, इसके बाद ही इसे यूरो 2020 ही कहा जा रहा है. इसे लेकर आतंरिक समीक्षा और कई भागीदारों के साथ चर्चा के बाद यूईएफए की कार्यकारी समिति ने ये फैसला लिया. दरअसल, 1960 में यूरोपियन फुटबॉल चैम्पियनशिप का आगाज हुआ था. 2020 में इसके 60 साल पूरे हुए थे. ऐसे में यूईएफए ने इसका जश्न मनाने की तैयारी की थी. लेकिन कोरोना के कारण ये संभव नहीं हो पाया. ऐसे में संगठन ने 60 साल पूरा होने का जश्न मनाने के लिए 2021 में होने वाली चैम्पियनशिप को भी यूरो 2020 का ही नाम दिया.

टूर्नामेंट का नाम बदला जाता तो सामान की बर्बादी होती: UEFA

यूईएफए की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यूरो 2020 लोगों को ये याद दिलाएगा कि कैसे पूरा फुटबॉल परिवार कोरोनावायरस महामारी से पैदा हुए हालात का मुकाबला करने के लिए एकसाथ आया. ये यूईएफए के उस संकल्प और प्रतिबद्धता के अनुरूप है कि हम यूरो 2020 में अतिरिक्त मात्रा में अपशिष्ट पैदा नहीं करेंगे. क्योंकि पिछले साल टूर्नामेंट के टलने से पहले ही यूरो कप से जुड़ा काफी ब्रांडेड सामान बनाया जा चुका था. ऐसे में अगर टूर्नामेंट का नाम बदला जाता, तो नए सिरे से सामान बनाना पड़ता और ये तरह की बर्बादी ही होती.
11 शहरों में होगा यूरो 2020 का आयोजन

शुरुआत में यूईएफए ने 12 शहरों में यूरो 2020 का आयोजन कराने का फैसला लिया था. बाद में इसे घटाकर 11 शहर किया गया. इस बार लंदन, ग्लास्गो, कोपेनहेगन, सेविल, बुडापेस्ट, एम्सर्टडम, रोम, म्यूनिख, बाकू, बुखारेस्ट और सेंट पीटर्सबर्ग में मैच होंगे. टूर्नामेंट का फाइनल लंदन के वेम्बले स्टेडियम में होगा.

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