उसैन बोल्ट: अपनी आखिरी रेस नहीं पूरी कर सका दुनिया का सबसे तेज धावक

News18Hindi
Updated: August 13, 2017, 5:06 PM IST
उसैन बोल्ट: अपनी आखिरी रेस नहीं पूरी कर सका दुनिया का सबसे तेज धावक
(twitter)
News18Hindi
Updated: August 13, 2017, 5:06 PM IST
लंदन. डॉन ब्रैडमैन, राहुल द्रविड़ कुमार संगकारा... और भी कई ऐसे महान खिलाड़ी हुए, जिन्हें आखिरी मैच में मनमाफिक विदाई नहीं मिल सकी. कुछ वैसा ही दुनिया के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट के साथ हुआ. लंदन में चल रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शनिवार को जब वह चार गुणा चार सौ मीटर की रेस में दौड़ने उतरे तो दुनिया भर की नजरें उन पर टकटकी लगाए हुए थीं. लेकिन, आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बोल्ट अपने करियर की आखिरी रेस पूरी ही नहीं कर सके.

इसमें कोई शक नहीं कि वे अब भी दुनिया के सबसे तेज धावक हैं, लेकिन अंत तो उस बादशाह की तरह कतई नहीं था, जिसे कभी नहीं हारने वाला इंसान कहा जाता था. अंतिम रेस किसी भयावह सपने की तरह साबित हुई. रेस के दौरान दौड़ते-दौड़ते अचानक उनके बाएं पैर में क्रैंप आ गया और वह ट्रैक पर ही गिर पड़े. उनके गिरते ही ट्रैक के बादशाह की विदाई रुंआसी हो गई. स्टेडियम पूरी तरह शांत पड़ गया. मानो वहां मौजूद हर दर्शक खुद ही बोल्ट हो और वह हार गया हो.

चार गुणा चार सौ मीटर की स्पर्धा का स्वर्ण पदक ग्रेट ब्रिटेन ने 37.47 सेकंड के साथ जीता. रजत पदक पर अमेरिका ने 37.52 सेकंड के साथ हासिल किया. जापान 38.04 सेकंड के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाने में सफल रहा. जमैका वह नहीं कर सका, जो कभी टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर गॉड ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के लिए किया था.

बोल्ट के साथ उनकी टीम में ओमार मैक्लॉड, जूलियन फोर्ट और योहान ब्लैक शामिल थे. मालूम हो कि 100 मीटर के विश्व रिकॉर्ड धारी और आठ ओलंपिक पदक विजेता बोल्ट को अपनी पिछली रेस में इसी प्रतियोगिता में 100 मीटर में जस्टिस गेटलिन से हार का सामना करना पड़ा था.


First published: August 13, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर