हार का गम नहीं, हौसला अब भी बरकरारः विजेंदर सिंह


Updated: August 8, 2012, 5:05 AM IST
हार का गम नहीं, हौसला अब भी बरकरारः विजेंदर सिंह
विजेंदर से ओलंपिक्स में मेडल की बहुत उम्मीदें थी। विजेंदर तो हार गए लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि उनका अधूरा काम मैरीकॉम और देवेंद्रो पूरा करेंगे। उनसे लंदन में खास बातचीत की हमारे स्पोर्ट्स एडिटर अभिषेक दुबे ने...

Updated: August 8, 2012, 5:05 AM IST
लंदन। विजेंदर से ओलंपिक्स में मेडल की बहुत उम्मीदें थी। विजेंदर तो हार गए लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि उनका अधूरा काम मैरीकॉम और देवेंद्रो पूरा करेंगे। उनसे लंदन में खास बातचीत की हमारे स्पोर्ट्स एडिटर अभिषेक दुबे ने...

अभिषेकः विजेंदर दुर्भाग्य से आप हार गए, वो दिन आपका नहीं था?
विजेंदरः जी हां, आप कह सकते हैं, वरना हम भी जीत कर आते।

अभिषेकः विजेंदर अगर आज भारतीय बॉक्सिंग यहां तक पुहंचा है तो उसमें आपका बहुत अहम योगदान है। इस बार छोड़ा बाजी पलट गई होती तो भारतीय बॉक्सिंग और ऊपर होती, क्या लगता है आपको?

विजेंदरः भारतीय बॉक्सिंग काफी ऊपर जाएगी। अभी हमारे पास दो उम्मीदें और हैं। मैरीकॉम और देवेंद्रो अब भी लड़ाई में हैं जो कि अच्छा कर रहे हैं। उम्मीद है कि वो गोल्ड लेकर आएंगे। मैं नहीं मानता कि बॉक्सर्स ने अच्छा नहीं किया। सभी बॉक्सर्स ने अपना 100 प्रतिशत दिया। कई विवादास्पद फैसले रहे जो हमारे खिलाफ गए। इसमें हम क्या कर सकते हैं?

अभिषेकः विजेंदर आप भारतीय बॉक्सिंग के लीडर हो। मैरीकॉम और देवेंद्रो से आपको कितनी उम्मीदें हैं?
विजेंदरः दोनों से ही बहुत उम्मीदें हैं। जो हम नहीं कर पाए वो देवेंद्रो और मैरीकॉम करेंगे।

अभिषेकः विजेंदर आप बीजिंग ओलंपिक से लंदन ओलंपिक तक के अपने सफर को किस तरह से देखते हैं?
विजेंदरः जी मैं अपने सफर से खुश हूं। जहां तक मैं सोच कर लंदन आया था वहां तक पहुंचा हूं। मेडल आता तो बहुत अच्छी बात होती। इस मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन, गोल्ड मैडलिस्ट भी हारे हैं। यह तो गेम का हिस्सा है, चलता रहता है लेकिन मुख्य बात यह है कि आप इन गलतियों से कुछ सीखें, आगे और भी अच्छा करें...
First published: August 8, 2012
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