ओलिंपिक की तैयारी के लिए ट्रेनिंग में ही मैच जैसा माहौल तैयार कर रहे हैं पीवी सिंधु के कोरियाई कोच

पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. (सिंधु के टि्वटर से)

पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. (सिंधु के टि्वटर से)

टूर्नामेंटों को रद्द करने के बीडब्ल्यूएफ के फैसले का समर्थन करते हुए पीवी सिंधु ने कहा कि यह दुखद है कि प्रतियोगिताएं नहीं खेली जा सकीं लेकिन खेल से अधिक महत्वपूर्ण जीवन है. सिंधु ने कहा कि यह दुखद है कि पूरी दुनिया थम सी गई है, लेकिन खिलाड़ियों से पहले हम इंसान है औ

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नई दिल्ली. ओलिंपिक से पहले टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले पाना भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की बड़ी चिंता है, लेकिन पीवी सिंधु (PV Sindhu) के साथ ऐसा नहीं है जिन्हें कोरिया के अपने कोच पार्क तेइ सेंग पर विश्वास है कि वह उनके लिए ट्रेनिंग में ही मैच जैसी स्थिति तैयार करेंगे. कोविड-19 महामारी के कारण बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भारत, मलेशिया और सिंगापुर में बाकी बचे तीन ओलिंपिक क्‍व‍ालिफायर टूर्नामेंट रद्द करने के लिए बाध्य होना पड़ा. जुलाई-अगस्त में होने वाले ओलिंपिक से पहले ये तीनों अंतिम क्वालीफाइंग प्रतियोगिताएं थी.

यह पूछने पर कि क्या प्रतियोगिताओं के रद्द होने से तैयारियों पर असर पड़ेगा, सिंधु ने पीटीआई से कहा कि हम सोच रहे थे कि ओलिंपिक से पहले सिंगापुर में आखिरी प्रतियोगिता होगी, लेकिन अब हमारे पास और कोई विकल्प नहीं है. इसलिए मैं अलग अलग खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले खेल रही हूं और मेरे कोच पार्क ट्रेनिंग के दौरान मेरे लिए मैच जैसी स्थिति तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं.

बाकी भारतीय खिलाड़ियों के साथ अभ्‍यास नहीं कर रही सिंधु 

उन्होंने कहा कि अलग अलग खिलाड़ियों के खेलने की शैली अलग होती है जैसे ताइ जू यिंग या रतचानोक इंतानोन के खेलने की शैली अलग है लेकिन मेरे मार्गदर्शन के लिए पार्क मौजूद हैं जिससे कि मैं तैयारी कर सकूं. सिंधु ने कहा कि बेशक हम एक दूसरे के खिलाफ कुछ महीनों के बाद खेलेंगे और हमारे खेल में कुछ नया होगा, इसलिए मुझे इसके लिए तैयारी करनी होगी. सिंधु ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके अन्य भारतीय खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग नहीं कर रही हैं.
वह तेलंगाना के गचीबाउली इंडोर स्टेडियम में ट्रेनिंग कर रही हैं और अपनी फिटनेस ट्रेनिंग सुचित्रा अकादमी में करती हैं. टूर्नामेंटों को रद्द करने के बीडब्ल्यूएफ के फैसले का समर्थन करते हुए सिंधु ने कहा कि यह दुखद है कि प्रतियोगिताएं नहीं खेली जा सकीं लेकिन खेल से अधिक महत्वपूर्ण जीवन है. सिंधु ने कहा कि यह दुखद है कि पूरी दुनिया थम सी गई है, लेकिन खिलाड़ियों से पहले हम इंसान है और जीवन सबसे महत्वपूर्ण है.

कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करना मुश्किल

उन्होंने कहा कि अगर टूर्नामेंट होते हैं तो हमें नहीं पता कि हम सुरक्षित होंगे या नहीं, हम सोच सकते हैं कि हम सुरक्षित होंगे, लेकिन हम सुनिश्चित नहीं हो सकते क्योंकि हमें नहीं पता कि वायरस कहां से आ जाएगा. गत विश्व चैंपियन सिंधु ने कहा कि ओलिंपिक जैसी शीर्ष प्रतियोगिता में आयोजकों और खिलाड़ियों के लिए कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करना मुश्किल काम होगा और सभी को इस चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए.



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उन्होंने कहा कि सभी देशों के कोविड-19 से जुड़े अपने नियम हैं. थाईलैंड में प्रत्येक दूसरे या तीसरे दिन हमारा परीक्षण होता था, ऑल इंग्लैंड में साथ यात्रा करने वालों में एक मामला आने के बाद पूरे दल को टूर्नामेंट से हटना पड़ा, लेकिन हमें ऐसी चीजों से निपटना होगा. सिंधु ने कहा कि मैंने सुना है कि ओलंपिक में प्रत्येक दिन हमारा परीक्षण होगा. खेलने से पहले हमें आरटी-पीसीआर परीक्षण में नेगेटिव आना होगा और मैच के बाद दोबारा परीक्षण होगा, निश्चित तौर पर यह मुश्किल काम है.

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