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French Open: क्या यह राफेल नडाल की सबसे बड़ी हार है?

राफेल नडाल फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहली बार हारे हैं. (AP)

राफेल नडाल फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहली बार हारे हैं. (AP)

French Open 2021: नोवाक जोकोविच ने क्ले कोर्ट के किंग राफेल नडाल को फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में 3-6, 6-3, 7-6, 6-2 से हराया. सवा 4 घंटे तक चला यह मुकाबला नोवाक vs राफेल के सबसे बेहतरीन मैचों में से एक है. नडाल ने इस हार से 21वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने का मौका गंवा दिया.

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    नई दिल्ली. राफेल नडाल फ्रेंच ओपन (French Open) के सेमीफाइनल में हार गए. कहने को तो यह एक लाइन की खबर है. बस एक फैक्ट. लेकिन जब इस मैच की गहराइयों में जाएंगे तो आपको पता चलेगा कि यह राफेल नडाल (Rafael Nadal) के करियर की ऐसी हार साबित हो सकती है, जो उन्हें ताउम्र सताती रहे. शायद यही वजह है कि नडाल को हराने के बाद नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) ने इसे रोलां गैरों के इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत करार दिया. इस एक जीत से जोकोविच उन चुनिंदा खिलाड़ियों में भी शुमार हो गए, जिन्होंने नडाल को रोलां गैरो (Roland Garros) की लाल बजरी पर हराया है.

    सर्बिया के नोवाक जोकोविच और स्पेन के राफेल नडाल के बीच शुक्रवार को फ्रेंच ओपन 2021 (French Open 2021) का सेमीफाइनल खेला गया. इस मुकाबले में क्या और कैसे हुआ, इस पर बात करने से पहले कुछ खास चीजें जान लेनी जरूरी है. नडाल इस मैच से पहले क्ले कोर्ट में 105 मैचों में सिर्फ दो बार हारे थे. वे फ्रेंच ओपन का सेमीफाइनल तो कभी हारे ही नहीं थे. वे इस टूर्नामेंट में लगातार 36 मैच जीत चुके थे. यही नहीं, नोवाक को इससे पहले के लगातार दो मैच में सीधे सेटों में हरा चुके थे. लेकिन जब सेमीफाइनल में राफा के सामने नोवाक आए तो यह मुकाबला फाइनल जैसा ही हो गया.

    नोवाक दबाव में वॉक नहीं करते
    फैंस की दीवानगी, सोशल मीडिया का शोर तक सबकुछ ऐसा था, जैसे सेमीफाइनल से पहले फाइनल हो रहा हो. क्ले कोर्ट के किंग कहे जाने वाले राफा ने शुरुआत तूफानी अंदाज में की. वे पहले सेट में देखते ही देखते 5-0 से आगे हो गए. ऐसा लगा कि बुल फाइट के दीवाने देश का यह खिलाड़ी नोवाक की चुनौती को हवा में उड़ाने को बेताब है. लेकिन नोवाक तो ‘नो-वॉक’ हैं. उन्होंने फेडरर-नडाल के एरा में यूं ही 18 ग्रैंडस्लैम नहीं जीते हैं. सर्बिया का यह खिलाड़ी संगीनों के साये में पला-बढ़ा है. जो बच्चा बम धमाकों या मिसाइल हमलों के बीच खेला-कूदा हो, वह कोर्ट में विरोधी की दबंगई से थोड़े ही दबने वाला होगा.

    नोवाक जोकोविच के पास 19वां ग्रैंडस्लैम जीतने का मौका है. (AFP)
    नोवाक जोकोविच के पास 19वां ग्रैंडस्लैम जीतने का मौका है. (AFP)


    नोवाक ने पहला सेट हारने के बाद दूसरे में पलटवार किया. इस पलटवार के पीछे एक खास स्ट्रेटजी थी. इसके तहत उन्होंने नडाल को ज्यादा बैकहैंड शॉट खेलने के लिए मजबूर किया, जिसका उन्हें फायदा भी मिला. इसके अलावा नोवाक दूसरे सेट में ड्रॉप शॉट की कोशिश करते कम दिखे, जिसका पहले सेट में नडाल ने फायदा उठाया था. खेल का रिदम भी बदल रहा था. पहले सेट में जोकोविच अपने विरोधी को आसान मौके दे रहे थे. दूसरे सेट में नडाल के अनफोर्स्ड एरर बढ़ते चले गए.

    नडाल ने तीसरे सेट में गंवाया सेट प्वाइंट
    दूसरा सेट हारने वाले राफेल नडाल तीसरे सेट में आसान गलतियां करने लगे. ऐसी एक गलती का अंदाजा तब का लगाया जा सकता है, जब वे सेट प्वाइंट गंवा बैठे. तीसरे सेट में जोकोविच जब 5-6 के स्कोर पर सर्विस कर रहे थे, तब नडाल के पास सेट प्वाइंट था. नडाल अगर यह प्वाइंट जीत लेते तो वह तीसरे सेट के बाद 2-1 से आगे होते. नडाल ने यह मौका गंवा दिया और यहीं से लगभग तय हो गया कि वे अब वापसी नहीं कर पाएंगे. जोकोविच ने आखिरकार यह मैच 3-6, 6-3, 7-6, 6-2 से जीत लिया. 4 घंटे 11 मिनट तक चला यह मुकाबला नोवाक बनाम राफेल के सबसे बेहतरीन मैचों में से एक है. इसका तीसरा सेट तो टेनिस प्रेमियों को बरसों याद रहने वाला है.

    अब बात नडाल के सबसे बड़े मुकाबले हार जाने की. आमतौर पर जब ऐसे रिकॉर्ड की बात होती है तो जीते गए गेम या टाइमिंग का जिक्र होता है या फिर किसी बड़े और ऐतिहासिक फाइनल की बात होती है, जो बरसों याद रहने वाला हो. नडाल की यह हार इनमें से किसी पैमाने पर खरी नहीं उतरती. दरअसल, इसके लिए उस खास मौके की बात करनी होगी, जो नडाल ने गंवाया है. 13 बार फ्रेंच ओपन जीत चुके नडाल कुल 20 ग्रैंडस्लैम जीत चुके हैं. सेमीफाइनल में हारने से उनके हाथ से 21वें ग्रैंडस्लैम जीतने का सुनहरा मौका निकल गया. ऐसा नहीं है कि उन्हें यह मौका फिर नहीं मिलेगा. इसी साल यूएस ओपन भी होना है, जिसे नडाल चार बार जीत चुके हैं. लेकिन कोर्ट पर बारीक नजर रखने वाले जानते हैं कि हार्ड कोर्ट पर नडाल की बादशाहत वैसी नहीं है जैसी क्ले कोर्ट पर है. यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन हार्ड कोर्ट पर ही होते हैं.

    एडवांटेज जोकोविच के पास
    दूसरी ओर, जोकोविच अगर फ्रेंच ओपन 2021 जीत लेते हैं तो उनके 19 ग्रैंडस्लैम खिताब हो जाएंगे. नडाल और फेडरर 20-20 ग्रैंडस्लैम खिताबों के साथ संयुक्त रूप से पहले नंबर पर है. फेडरर का खेल अब ढलान पर है. उस पर उनका पसंदीदा टूर्नामेंट विंबलडन 2020 की तरह 2021 में भी नहीं हो रहा है. ऐसे में सबसे अधिक ग्रैंडस्लैम की रेस अब जोकोविच और नडाल के बीच हो गई लगती है. अगर नडाल इस बार फ्रेंच ओपन जीत पाते तो उनके 21 ग्रैंडस्लैम हो जाते. वह ना सिर्फ फेडरर से आगे निकलते, बल्कि जोकोविच से 3 खिताबों की महत्वपूर्ण बढ़त बना लेते, जो निर्णायक साबित हो सकती थी. 34 साल के जोकोविच ने 35 साल के नडाल के विजयरथ को रोककर ग्रैंडस्लैम की इस रेस को अब और रोचक बना दिया है. और कोई शक नहीं कि इस रेस में अब एडवांटेज जोकोविच के पास है. दूसरी ओर, यह रिकॉर्ड में भले ही नडाल की सबसे बड़ी हार ना कहलाए, लेकिन उनके सबसे अधिक ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के सपने को सबसे बड़ा झटका जरूर है.

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