रियो में अब अभिनव के 'निशाने' पर टिका भारत की जीत का दारोमदार

रियो ओलंपिक का आज तीसरा दिन है और भारत के लिए आज का दिन सबसे अहम है। शूटिंग में हमारी सबसे बड़ी उम्मीद बीजिंग ओलंपिक के गोल्ड विजेता अभिनव बिंद्रा आज 10 मीटर एयर राइफल में निशाना लगाएंगे।

  • News18India
  • Last Updated: August 8, 2016, 10:23 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली। रियो ओलंपिक का आज तीसरा दिन है और भारत के लिए आज का दिन सबसे अहम है। शूटिंग में हमारी सबसे बड़ी उम्मीद बीजिंग ओलंपिक के गोल्ड विजेता अभिनव बिंद्रा आज 10 मीटर एयर राइफल में निशाना लगाएंगे। रियो में भारतीय दल की अगुवाई करने वाले अभिनव बिंद्रा पर अब मेडल के लिहाज से भी भारत की अगुवाई करने का दारोमदार है। भारतीय ओलंपिक इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी अभिनव घर-परिवार-देश से बाहर रहकर पूरे साल जिस एक इवेंट के लिए तैयारी करते रहे आज उनकी परीक्षा की घड़ी है।

अभिनव बिंद्रा का ये आखिरी ओलंपिक है और आज वो एक बार फिर उसी स्टेज पर होंगे जहां वो हमेशा राज करते आए हैं। उस स्टेज पर जिसने उन्हें और देश को 2008 के बीजिंग ओलंपिक में पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल दिया। एयर राइफल वैसे तो युवाओं का खेल माना जाता है। लेकिन 34 साल के होने जा रहे अभिनव परफेक्शन के लिहाज से किसी भी युवा को मात देने की क्षमता रखते हैं। उनके लिए ये एक सफल शूटिंग करियर में आखिरी चुनौती की तरह है। जिसे वो हर हाल में जीत के साथ खत्म करना चाहेंगे।

करीब 4 महीने पहले की तैयारी के सिलसिले में बिंद्रा रियो आए और आते ही उन्होंने शूटिंग रेंज की तस्वीरें अपनी मां को ईमेल पर भेजीं। जब बिंद्रा लौटे तब तक उनके घर में ठीक रियो जैसा रेंज तैयार हो चुका था। टारगेट के लिए वही ऊंचा बैकग्रीराउड में वही रंग  और रोशीन, वैसे ही इंतजामात। ये दिखाता है कि बिंद्र अपने दूसरे ओलंपिक गोल्ड के लिए कितने दृढ हैं। रियो में अभिनव की एक और सफलता शुरुआती निराशा झेल रहे भारतीय दल के लिए संजीवनी का काम कर सकता है।
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज