17 साल की शेफाली वर्मा एक बार में 150 बाउंसर खेलती हैं, पुरुष खिलाड़ियों के साथ भी ट्रेनिंग की                                                                  

शेफाली वर्मा टी20 की नंबर-1 बल्लेबाज हैं. (Shafali Verma/Instagram)

शेफाली वर्मा टी20 की नंबर-1 बल्लेबाज हैं. (Shafali Verma/Instagram)

महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा (Shafali verma) इंग्लैंड दौरे के लिए तैयारी में जुटी हुई हैं. खिलाड़ियों को वहां तेज पिच पर बाउंसर गेंद खेलने को मिलेंगे. ऐसे में उन्होंने तैयारी भी अच्छी की है. टीम को वहां टेस्ट, वनडे और टी20 खेलने हैं. टीम को 7 साल बाद टेस्ट खेलने का मौका मिल रहा है.

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नई दिल्ली. टी20 की नंबर-1 महिला बल्लेबाज शेफाली वर्मा इंग्लैंड दौरे के लिए तैयार हैं. 17 साल की शेफाली को वनडे, टी20 और टेस्ट तीनों टीम में जगह मिली है. वे ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश और इंग्लैंड के द हंड्रेड में भी उतरेंगी. टीम इंडिया को इंग्लैंड दौरे पर एक टेस्ट, तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलने हैं. टीम ने 7 साल से कोई टेस्ट नहीं खेला है. इसके अलावा टीम को सितंबर-अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में डे-नाइट टेस्ट खेलना है.

शेफाली वर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप के बाद स्किल्स, फिटनेस और शॉट खेलने के लिए सही गेंद का चुनाव करना सीखा है. क्रिकइंफो से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं नेट्स में एक बार में 150 बाउंसर का सामना करती थी. इसके बाद कुछ देर आराम करने के बाद और ज्यादा बाउंसर खेलती थी. मैंने कई दिनों तक यह प्रैक्टिस जारी रखी.' शेफाली अब बाउंसर गेंद को अच्छे से खेलती हैं. शेफाली वर्मा ने पिछले दिनों दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में 23, 47 और 60 रन बनाए. टीम को एक साल बाद इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला था. हालांकि टीम सीरीज 1-2 से हार गई थी. वनडे सीरीज में टीम को 1-4 से शिकस्त मिली थी.

मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान पुरुष टीम के साथ प्रैक्टिस की

शेफाली वर्मा ने हरियाणा की पुरुष टीम के मुश्ताक अली ट्रॉफी के पहले लगे कैंप का भी फायदा उठाया. वहां उन्होंने 140 किमी प्रति घंटना रफ्तार वाले तेज गेंदबाजों का सामना किया और बैक फुट पर काम किया. इससे उन्हें आत्मविश्वास मिला. इसके अलावा उन्होंने तेज गेंदबाज हर्षल पटेल, मोहित शर्मा के साथ-साथ स्पिनर ऑलराउंडर राहुत तेवातिया से भी शॉर्ट पिच गेंदबाजी का भी सामना किया और उनसे टिप्स भी लिए.
कोरोना के दौरान भी प्रैक्टिस की

शेफाली वर्मा ने बताया कि कोरोना के दौरान जब प्रैक्टिस करना मुश्किल हो गया तो उनके कोच अश्विनी कुमार ने काफी मदद की. अश्विनी खुद हरियाणा के पूर्व फर्स्ट क्लास प्लेयर रह चुके हैं. उन्होंने शेफाली के लिए बॉलिंग मशीन का इंतजाम किया. शेफाली ने महिला टीम के पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि रमन सर ने कभी मेरी स्टाइल को बदलने की कोशिश नहीं की. वे हमेशा कहते थे कि बॉल देखो और अपना गेम खेलो. मैंने उनके साथ दो साल काम किया. मैं उन्हें बहुत मिस करूंगी और मैं उनको धन्यवाद देती हूं. बोर्ड ने पिछले दिनों डब्ल्यूवी रमन की जगह रमेश पवार को दोबारा टीम का कोच बनाया है.

शॉट सलेक्शन के लिए आईपीएल देखा



शेफाली वर्मा ने बताया कि ने आईपीएल भी देख रही थीं. इससे उन्हें शॉट सलेक्शन को देखकर बहुत कुछ सीखने को मिलता है. मैं फिट रहने के लिए लगातार मेहनत कर रही हूं, ताकि करियर लंबा हो गया. उन्हें बोर्ड ने ग्रेड बी का सालाना अनुबंध दिया है. इससे उन्हें अब सालाना 20 लाख रुपए ज्यादा मिलेंगे. इस पर उन्होंने कहा कि पहले उन्हें काफी जूझना पड़ा. अब मेहनत का अवॉर्ड मिल रहा है. उनके पिता की एक छोटी सी ज्वेलरी की दुकान है.

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