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Shin Splints: किसी भी खिलाड़ी के करियर का बड़ा दुश्मन है शिन स्प्लिंट्स, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

शिन स्प्लिंट्स की समस्या रनर्स में ज्यादातर देखी जाती है.

शिन स्प्लिंट्स की समस्या रनर्स में ज्यादातर देखी जाती है.

Shin Splints. हर खिलाड़ी को करियर में कभी ना कभी चोट से जूझना पड़ता है. कई बार तो उसका करियर ही चोट की भेंट चढ़ जाता है. ...अधिक पढ़ें

    हाइलाइट्स

    शिन स्प्लिंट्स की समस्या
    शिन स्प्लिंट्स की समस्या से बचाव
    यह समस्या जिमनास्ट, डांसर और मिल्ट्री रिक्रूटर्स में भी होती हैं

    नई दिल्ली. यह बात तो सभी को पता है कि सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए मैदान पर जमकर पसीना बहाते हैं. उनकी यह मेहनत तब रंग लाती हैं जब वो मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं. वहीं खिलाड़ियों के जीवन में चोट का भी अहम रोल होता हैं. हर खिलाड़ी को करियर में चोट से जूझना पड़ता है. कई बार तो उसका करियर ही चोट की भेंट चढ़ जाता है. इसी चीज को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको रनर्स को होने वाली शिन स्प्लिंट्स की समस्या के बारे में बताएंगे. साथ ही साथ इससे बचने के उपायों से भी आपको रुबरु करवाएंगे. 

    शिन स्प्लिंट्स की समस्या बहुत ज़्यादा दौड़ने या पैरों पर प्रेशर देने वाली गतिविधि से निचले पैर के मसल्स और बोन टिशू में दर्द होने से होती हैं. अगर आप शुरुआत में इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो यह आगे चलकर आपको परेशान करेगी. शिन स्प्लिंट्स तब होता है जब निचले पैर के अगले भाग में दर्द होना शुरू हो जाता हैं. इसका दर्द मांसपेशियों और शिन एरिया के आसपास मौजूद बोन टिशू में सूजन के कारण होता हैं.

    किन कारणों से हो सकता हैं शिन स्प्लिंट्स
    रनर्स द्वारा अचानक से दौड़ने का समय, फ्रीक्वेंसी और एक्सरसाइज की इंटेसिटी को बढ़ा देना.
    ऊंची-नीची जगह पर रनिंग करना.
    आपने हाल ही में रनिंग करनी शुरू की हो.
    गलत जूते पहनकर रनिंग करना.

    शिन स्प्लिंट्स से बचाव किस तरह से किया जा सकता हैं?
    सूजन को कम करने के लिए एक्सरसाइज के बाद पिंडली पर आइस पैक जरूर रखना चाहिए.
    सख्त सतह पर रनिंग न करें.
    सही जूते का इस्तेमाल करें.
    दोबारा रनिंग शुरू करने से पहले 2 हफ्ते का आराम जरूर करना चाहिए. इसके अलावा ज्यादा वर्क आउट भी न करें.
    घुटनों, एड़ी, हिप्स को मजबूत बनाने वाली एक्सराइज जरूर करें. इस वजह से हाई इंपैक्ट स्पोर्ट्स के समय इंजरी की संभावना में गिरावट आएगी.
    अपने रनिंग स्टाइल में थोड़ा बदलाव करना चाहिए. ऐसा करने से शिन स्प्लिंट्स के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी.
    शिन स्प्लिंट्स का दर्द अगर गंभीर है और इसके लक्षण कई महीनों तक रहते हैं तो डॉक्टर की सलाह से सर्जरी करवाई जा सकती हैं. इससे दर्द में राहत मिलेगी. इस सर्जरी को फेसिओटॉमी भी कहते हैं.

    Tags: Sports news

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