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IOA के संविधान में होगा संशोधन, पूर्व न्यायाधीश एल नागेश्वर राव को मिली जिम्मेदारी

IOA के संविधान में होगा संशोधन, पूर्व न्यायाधीश एल नागेश्वर राव को मिली जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने आईओए संविधान में संशोधन के लिए पूर्व न्यायाधीश नागेश्वर राव को नियुक्त किया.

सुप्रीम कोर्ट ने आईओए संविधान में संशोधन के लिए पूर्व न्यायाधीश नागेश्वर राव को नियुक्त किया.

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस एल नागेश्वर राव को भारतीय ओलंपिक संघ के संविधान और निर्वाचक मंडल तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है. वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जस्टिव राव आईओए के संविधान में संशोधन के लिए सिफारिशों की एक श्रृंखला के साथ आएंगे और संस्था को चुनाव कराने में भी मदद करेंगे.

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  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

पूर्व जस्टिस एल नागेश्वर राव को सुप्रीम कोर्ट ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
आईओए के संविधान में संशोधन का काम देखेंगे पूर्व जस्टिव राव

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के संविधान में संशोधन और निर्वाचक मंडल तैयार करने के लिए गुरुवार को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव को नियुक्त किया. न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश राव देश में ओलंपिक के भविष्य को लेकर निष्पक्ष और विकास परक रवैया सुनिश्चित करेंगे.

न्यायालय ने न्यायमूर्ति राव से कहा कि वह संविधान में संशोधन और 15 दिसंबर 2022 तक चुनाव कराने के लिए खाका तैयार करें. शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही आईओए के मौजूदा महासचिव राजीव मेहता और उपाध्यक्ष आदिल सुमरिवाला को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) की 27 सितंबर को होने वाली बैठक में भाग लेने की अनुमति भी दे दी है.

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पीठ ने कहा, ‘युवा मामले और खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव न्यायमूर्ति राव को तमाम व्यवस्था सुलभ कराएंगे जिसकी प्रतिपूर्ति आईओए करेगा.’ पीठ में न्यायमूर्ति हिमा कोहली भी शामिल थीं.

एक दिन पहले ही वरिष्ठ खेल प्रशासक अनिल खन्ना ने आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने यह इस्तीफा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (आईओसी) के अंतरिम या कार्यकारी अध्यक्ष का मान्यता नहीं देने के दो हफ्ते बाद दिया है. आईओसी ने 8 सितंबर को आईओए को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि वह शासन से जुड़े अपने मुद्दों को सुलझाए और दिसंबर तक चुनाव संपन्न करें. इनमें विफल होने पर विश्व संस्था भारत पर प्रतिबंध लगा देगी. खन्ना ने नरिंदर बत्रा को हटाए जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर ही कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी.

आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की स्विजरलैंड के लुसाने में हुई बैठक में नरिन्दर बत्रा के भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पद से हटने के बाद किसी कार्यवाहक या अंतरिम अध्यक्ष को मान्यता नहीं देने का फैसला भी किया गया था. उसने कहा था कि वह किसी भी विषय पर बात करने के लिए महासचिव राजीव मेहता से संपर्क करेगा.

Tags: Indian Olympic Association, International Olympic Committee, IOA President, Supreme Court

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